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झाबुआ। शहर में विगत दिनों हुई दो लूट के आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया , एवं लूट का माल जप्त किया गया।  पुलिस अधीक्षक महेश चंद जैन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार व एसडीओपी  झाबुआ  ऐश्वर्य शास्त्री के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कृष्ण मुरारी त्रिपाठी व पुलिस टीम तथा क्राईम ब्रांच द्वारा दो चोरी को ट्रेस किया गया । 
  • दिनांक 05.08.2018 को फरियादी सुमित पिता जगदीश चौरसिया उम्र 36 वर्ष निवासी बसंत कॉलोनी की दुकान वैष्णव मोबाईल एवं इलेक्ट्रीकल बस स्टेण्ड झाबुआ पर रात को कुछ अज्ञात बदमाशों ने दुकान का ताला तोड़कर उसमें रखे 7 मोबाईल 02 टार्च तथा 01 स्पीकर चुराकर ले गये थे, जिस पर थाना कोतवाली झाबुआ में अपराध क्रं 570/18ए धारा 457,380 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
  दौरान विवेचना में मुखबिर सूचना पर अज्ञात आरोपी गंगा पिता रामला मावी उम्र 19 वर्ष निवासी पानकी को राजगढ़ नाका झाबुआ से गिरफ्तार कर 07 मोबाईल 02 टार्च व 01 स्पीकर जप्त किया गया।  
  • दिनांक 16.08.2018 को फरियादी अनिल कुशवाह निवासी पारा द्वारा अपने गोदरेज का लॉकर सुधारने के लिये दो सीकलीगर लड़को को गोदरेज का लॉकर सुधारने के लिये अपने घर ले गया करीब 01 घण्टे तक लॉकर सुधारने के बाद मेहनत के रूपये लेकर चले गये। करीब 04 घंटे बाद फरियादी व उसकी पत्नी ने गोदरेज के ड्राज को देखा जिसमें रूमाल में बंधा सेने का हार, चैन, अंगुठी व ड्रायविंग लायसेंस नहीं दिखे जिस पर फरियादी के द्वारा चौकी पारा में रिर्पोट करने पर थाना कोतवाली झाबुआ में अपराध क्रं 595/18 धारा 380 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दौरान विवेचना में मुखबिर सूचना पर राजगढ़ से आरोपी सतपाल पिता हकमसिंह निवासी संजय कॉलोनी राजगढ़ को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक सोने का हार ड्रायविंग लायसेंस व रूमाल तथा उसके साथी नाबालिग से सोने की चेन व अंगुठी जप्त की गई।

लूट की दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

श्रावण की फुहारो के बीच निकला आकर्षक चल समारोह, नगर हुआ धर्ममय

झाबुआ । शेषावतार  श्री कल्लाजी महाराज का जन्मोत्सव स्थानीय कल्लाजी धाम शक्तिपीठ गोविंद नगर पर धुमधाम से मनाया गया । प्रातःकाल से ही यहां दूर दूर से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था । शुभ मुहर्त में प्रातः 9 बजे कल्लाजी महाराज एवं बिराजित प्रतिमाओं का  विधि विधान के साथ अभिषेक किया गया । बडी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर कल्लाजी की दीव्य प्रतिमा के दर्शन वंदन किये । पूरे  मंदिर को पुष्पमालाओं एवं सजावटी सामग्री से सजाया गया । कल्लाजी महाराज की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया । प्रातः 11-30 बजे से  कल्लाजी धाम से  रथ मे बिराजित कल्लाजी महाराज की प्रतिमा एवं गादीपति संतोष गेहलोत की भव्य शोभा यात्रा निकली । शोभायात्रा में राजपुती आनबान के गणवेश में श्रद्धालुजन एवं युवा वर्ग चल रहे थे । वही महिलायें भी रंग बिरंगी पोशाकों में जुलुस में शामील हुई । कल्लाजी के जय जय कारों के साथ शोभायात्रा बेंड बाजो, ताशों पुष्पवर्षा कर रही तोप एवं कडाबिन के साथ शुरू हुई । महिलाये एवं पुरूषों ने हर चौराहों पर गरबा नृत्य प्रस्त्रुत करें अपनी धार्मिक भावना उण्डेली । राजवाडा चौक पर शोभायात्रा का विभिन्न समाजजनों की और से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया । लक्ष्मीबाई मार्ग से होते हुए  जुलुस बस स्टेंड चौराहे पर पहूंचा जहां बालिकाओ  एवं महिलाओं ने धार्मिक धुनों पर नृत्य किया । युवा भी गरबा रास मे शामील हुए । वहां से थांदला गेट होते हुए मेन बाजार , आजाद चौक, गोवर्धननाथ मंदिर से होकर कल्लाजी धाम पर समापन हुई जहां महा मंगल आरती की गई।   
        दोपहर 2-30 बजे से श्री कल्लाजी के दरबार में आयोजित गादी में बडी संख्या में लोगों की समस्याओं एवं परेशानियों का निवारण गादीपति संतोष गेहलोत के माध्यम से हुआ । प्रत्येक श्रद्धाल्रु को कल्लाजी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ । गादीपति संतोष गेहलोत ने कल्लाजी के बारे में बताते हुए कहा कि  कल्लाजी महाराज की छवि लोकदेवता जैसी बन गयी है। कल्ला जी राठौड़ ऐसे ही एक महामानव थे। उनका जन्म मेड़ता राजपरिवार में आश्विन शुक्ल 8, विक्रम संवत 1601 को हुआ था। इनके पिता मेड़ता के राव जयमल के छोटे भाई आसासिंह थे। भक्तिमती मीराबाई इनकी बुआ थीं। कल्ला जी की रुचि बचपन से सामान्य शिक्षा के साथ ही योगाभ्यास, औषध विज्ञान तथा शस्त्र संचालन में भी थी। प्रसिद्ध योगी भैरवनाथ से इन्होंने योग की शिक्षा पायी। इसी समय मुगल आक्रमणकारी अकबर ने मेड़ता पर हमला किया। राव जयमल के नेतृत्व में आसासिंह तथा कल्ला जी ने अकबर का डटकर मुकाबला किया पर सफलता न मिलते देख राव जयमल अपने परिवार सहित घेरेबन्दी से निकल कर चित्तौड़ पहुँच गये। 
         राणा उदयसिंह ने उनका स्वागत कर उन्हें बदनौर की जागीर प्रदान की। कल्ला जी को रणढालपुर की जागीर देकर गुजरात की सीमा से लगे क्षेत्र का रक्षक नियुक्त किया। कुछ समय बाद कल्ला जी का विवाह शिवगढ़ के राव कृष्णदास की पुत्री कृष्णा से तय हुआ। द्वाराचार के समय जब उनकी सास आरती उतार रही थी, तभी राणा उदयसिंह का सन्देश मिला कि अकबर ने चित्तौड़ पर हमला कर दिया है, अतः तुरन्त सेना सहित वहाँ पहुँचें। कल्ला जी ने विवाह की औपचारिकता पूरी की तथा पत्नी से शीघ्र लौटने को कहकर चित्तौड़ कूच कर दिया। महाराणा ने जयमल को सेनापति नियुक्त किया था। अकबर की सेना ने चित्तौड़ को चारों ओर से घेर लिया था। मेवाड़ी वीर किले से निकलकर हमला करते और शत्रुओं को हानि पहुँचाकर फिर किले में आ जाते। कई दिनों के संघर्ष के बाद जब क्षत्रिय वीरों की संख्या बहुत कम रह गयी, तो सेनापति जयमल ने निश्चय किया कि अब अन्तिम संघर्ष का समय आ गया है। उन्होंने सभी सैनिकों को केसरिया बाना पहनने का निर्देश दिया। इस सन्देश का अर्थ स्पष्ट था। 23 फरवरी, 1568 की रात में चित्तौड़ के किले में उपस्थित सभी क्षत्राणियों ने जौहर किया और अगले दिन 24 फरवरी को मेवाड़ी वीर किले के द्वार खोल कर भूखे सिंह की भाँति मुगल सेना पर टूट पड़े। भीषण युद्ध होने लगा। राठौड़ जयमल के पाँव में गोली लगी। उनकी युद्ध करने की तीव्र इच्छा थी पर उनसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था। कल्ला जी ने यह देखकर जयमल के दोनों हाथों में तलवार देकर उन्हें अपने कन्धे पर  बैठा लिया। इसके बाद कल्ला जी ने अपने दोनों हाथों में भी तलवारें ले लीं।
          चारों ओर तलवारें बिजली की गति से चलने लगीं। मुगल लाशों से धरती पट गयी। अकबर ने यह देखा, तो उसे लगा कि दो सिर और चार हाथ वाला कोई देवता युद्ध कर रहा है। युद्ध में वे दोनों बुरी तरह घायल हो गये। कल्ला जी ने जयमल को नीचे उतारकर उनकी चिकित्सा करनी चाही पर इसी समय एक शत्रु सैनिक ने पीछे से हमला कर उनका सिर काट दिया। सिर कटने के बाद के बाद भी उनका धड़ बहुत देर तक युद्ध करता रहा। इस युद्ध के बाद कल्ला जी का दो सिर और चार हाथ वाला रूप जन-जन में लोकप्रिय हो गया। आज भी लोकदेवता के रूप में चित्तौड़गढ़ में भैंरोपाल पर उनकी छतरी बनी है।


झाबुआ। जिले के दो दिवसीय भ्रमण पर आये झाबुआ जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने स्वतंत्रता समारोह के पश्चात हाथी पावा पहाडी पर विकसित पर्यटन स्थल पर पहुंच कर मध्यप्रदेश का तीसरा सबसे ऊंचा 100 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया। हाथीपावा पहाडी पर सनसेट पाइंट का अवलोकन किया एवं जिले मे विकसित इस पर्यटन स्थल के लिए कलेक्टर आशीष सक्सेना, पुलिस अधीक्षक महेशचंद्र जैन, सामाजिक संगठन एवं आमजन द्वारा किये गये प्रयासो की सराहना की। प्रभारी मंत्री सारंग ने हाथीपावा पर्यटन स्थल पर घुडसवारी की एवं झूला झूलने का आनंद भी लिया।
          झाबुआ में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर हाथीपावा की पहाड़ी पर 400 फीट की ऊंचाई पर 100 फीट का पोल बना कर तिरंगा लहराया  गया। बता दें हाथीपावा पहाड़ी की ऊंचाई 400 फीट है, यह तिरंगा 4 किमी की दूरी से भी दिखाई देगा। रात को यह तिरंगा दिखाई दे इसके लिए 4 हाई मास्ट लैम्प लगाए गए हैं। वहीं झंडा जल्दी खराब ना हो, इसके लिए इसे पोलिस्ट से बनाया गया है। जिला प्रशासन ने पोलिस्टर के 6 और तिरंगे बनवाये हैं ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें बदला जा सके। इस तिरंगे को पुणे की एक फर्म ने तैयार किया है। यह कंपनी पहले भी वाघा बार्डर, दिल्ली, नागपुर सहित बुरहानपुर में ऊंचाई पर तिरंगे लगाने का काम कर चुकी है।

100-feet-tiranga-in-jhabua-प्रभारी मंत्री सारंग ने हाथीपावा पहाडी पर फहराया प्रदेश का तीसरा 100 फीट ऊंचा तिरंगा

100-feet-tiranga-in-jhabua-प्रभारी मंत्री सारंग ने हाथीपावा पहाडी पर फहराया प्रदेश का तीसरा 100 फीट ऊंचा तिरंगा

100-feet-tiranga-in-jhabua-प्रभारी मंत्री सारंग ने हाथीपावा पहाडी पर फहराया प्रदेश का तीसरा 100 फीट ऊंचा तिरंगा

झाबुआ। जिला जेल में बंदियों से मुलाकात का तरीका मंगलवार से बदल जाएगा। जेल में अब परिजन व बंदी मुलाकात कक्ष में आमने-सामने बैठकर बात करेंगे लेकिन यह बातचीत इंटरकॉम के जरिए होगी। बंदी व परिजन के बीच में कांच लगा रहेगा। करीब साल भर से चल रहे नए कक्ष का निर्माण पूरा होने के बाद मंगलवार से यह सुविधा लागू कर दी गई। विधायक शान्तिलाल बिलवाल ने जिला जेल में बंदियों के मुलाकात के लिये बने इंटरकॉम टेलीफोन सिस्टम मुलाकात कक्ष का उद्धघाटन किया और दो समर्सिबल मोटर एवम जेल बगीचे से जेल तक कि पाइप लाइन की घोषणा की।  
      अभी तक जेल में कैदियों से परिजन व परिचित मुलाकात कक्ष में खिड़की के पास खड़े होकर एक-दूसरे से बात करते थे। खिड़की पर जाली लगी होने से जहां परिजन व कैदी आपस में ठीक ढंग से बात नहीं कर पाते थे वहीं भीड़ अधिक होने से जेल प्रशासन को भी परेशानी होती थी। नए कक्ष में फिलहाल ३ इंटरकॉम फोन लगवाए गए हैं। इसी तरह कैदी व परिजन के बीच जाली के स्थान पर पारदर्शी कांच लगा होगा। आमने सामने बैठकर परिजन व बंदी फोन पर बात कर सकेंगे। इस तरह के मुलाकात कक्ष वर्तमान में इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन आदि जेलों में हैं। 
 मुलाकात का रहेगा रिकॉर्ड 
जेल में 380 बंदियों को रखने की क्षमता है। मुलाकात का समय सुबह 9.30 से दोपहर 1.30 बजे तक रहता है। दोपहर साढ़े बारह बजे तक जिन लोगों द्वारा पंजीयन कराया जाता है, उनकी मुलाकात बंदियों से कराई जाती है। औसतन 50 से 60 मुलाकात प्रतिदिन होती है। नई व्यवस्था में इसका रिकॉर्ड रखना भी आसान होगा। 
सुविधा से फायदा होगा 
आधुनिक मुलाकात कक्ष के निर्माण पर करीब डेढ़ लाख वहीं टेलीफोन व अन्य उपकरण लगाने में करीब 70 हजार रुपए खर्च हुए हैं। मुलाकात कक्ष बनाकर तैयार हो गया है। बुधवार यानी 15 अगस्त से यहां मुलाकात प्रारंभ की जाएगी। इससे बंदियों व उनसे मुलाकात करने आने वाले परिजन व अन्य लोगों को सुविधा होगी। बैरकों में मच्छरदानी भी लगवाई जा रही है।


जिले में शौर्य दिवस का आयोजन किया गया  

        झाबुआ। राज्य शासन के निर्देशानुसार आज 14 अगस्त 2018 को सेना अर्द्धसैनिक बल अथवा पुलिस में कार्यरत रहे मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के निवासी जिन्होने युद्ध, सैनिक कार्यवाही अंतरिक सुरक्षा नक्सलवाद या आंतकवादी गतिविधियों के दौरान कर्तव्य पर रहते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया, उनकी शहादत का सम्मानपूर्वक स्मरण करते हुए, शौर्य दिवस के अवसर पर विधायक शांतिलाल बिलवाल, कलेक्टर आशीष सक्सेना, पुलिस अधीक्षक महेशचंद्र जैन ने आज स्वर्गीय बाबूलाल शुक्ला एवं स्वर्गीय भगवानसिंह मेंडकिया को पुष्पांजली अर्पित की और परिवारजनों से भेंट व चर्चा कर, कुशलक्षेम पूछी।  
         इस अवसर पर पैलेस गार्डन, झाबुआ पर शहीद सम्मान दिवस समारोह में विधायक शांतिलाल बिलवाल, कलेक्टर आशीष सक्सेना, पुलिस अधीक्षक महेशचंद्र जैन ने शहीद स्वर्गीय बाबूलाल शुक्ला एवं स्वर्गीय भगवानसिंह मेंडकिया के चित्र पर माल्यार्पण कर, उन्हे श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। विधायक शांतिलाल बिलवाल, कलेक्टर सक्सेना एवं पुलिस अधीक्षक जैन ने शहीद स्वर्गीय बाबूलाल शुक्ला की धर्मपत्नि श्रीमती सरला शुक्ला का एवं शहीद स्वर्गीय भगवानसिंह मेंडकिया के पिता रामचंद्र मेंडकिया का शाल श्रीफल भेंट कर एवं पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया तथा उन्हे शहीद सम्मान पत्र भी भेंट किया। विधायक बिलवाल, कलेक्टर आशीष सक्सेना एवं एसपी जैन ने अमर शहीदो के बलिदान की वीरगाथा उपस्थित छात्र-छात्राओ को सुनाई। विद्यार्थियो ने देश भक्ति गीत सुनाकर देश के लिये शहीदो के बलिदान को याद किया।   
      विधायक शांतिलाल बिलवाल, कलेक्टर आशीष सक्सेना, पुलिस अधीक्षक महेशचंद्र जैन ने स्वर्गीय बाबूलाल शुक्ला एवं स्वर्गीय भगवानसिंह मेंडकिया के कर्तव्य निवर्हन करने तथा देश व प्रदेश की सेवा करते हुए दिए गए बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा शहीदो के परिवारों के साथ है। शहीदो के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। समारोह मे शासकीय सेवक, शिक्षक एवं बडी संख्या मे छात्र छात्राएं उपस्थित थे।



स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन परिचय के बारे में बच्चों को दी जानकारी

राजेश थापा , झाबुआ। जिले के ग्राम झकनावदा स्थित मानस एक्टीविटी एकेडमी स्कूल में 11 अगस्त को स्कूल संस्था की प्राचार्या श्रीमती सीमा सुशील कुमार जैन के मार्गदर्शन में 15 अगस्त के पूर्व नन्हे-मुन्ने बच्चो का फेन्सी ड्रेस का आयोजन रखा। जिसमें समस्त नन्हे-मुन्ने स्कूली छात्र-छात्राओं को हमारे देश को आजाद करवाने में फेंसी ड्रेस के माध्यम से बने चंद्रशेखर आजाद, जवाहरलाल नेहरू, भगतसिंह, झांसी की रानी, लाल बहादुर शास्त्री एवं भारत माता को दिखाते हुए बच्चो को जानकारी दी।  
         इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती जैन ने बताया की हमारे देष को अंग्रजो से आजादी दिलाने में इन सभी स्वतंत्र सेनानियां का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिससे हम आज स्वतंत्र है एवं अपनी मर्जी से कही भी आ जा सकते है। हमारी मर्जी से जो करना है, कर सकते है। हमारे पूर्वज अंग्रजो के गुलाम रहे, इसलिए हमें हमेषा इनके बलिदानो को जीवन में अंगीकार उनकी  पूजा करना चाहिए एवं उनके पद् चिन्हो पर चलना चाहिए। इस अवसर पर समस्त बच्चो में एक अलग ही उत्साह का माहौल देखने को मिला। बच्चे बडे ही उत्साह व उमंग के साथ स्कुल में भारत माता की जय, वंदे मातरम् के नारे लगाते नजर आए।। श्रीमति सीमा जैन ने बताया की स्कूली बच्चां को उनके पालको द्वारा घर से ही तैयार कर स्कूल भेजा गया था। साथ ही कहा कि समस्त पालक इसी प्रकार हमें सहयोग प्रदान करते रहे। जिससे हम लोग बच्चां को और नित नये आयाम से जोड़ सके।
यह रहे फेंसी ड्रेस में विजेता
फेन्सी ड्रेस के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बनकर आए बच्चो में प्राचार्या एवं स्टॉफ द्वारा प्रथम,द्वितीय तृतीय का चयन किया गया। जिसमें पूर्व प्राथमिक कक्षा में कुमारी लक्षिता-मितेश कुमट (झांसी की रानी लक्ष्मीबाई) ने प्रथम स्थान, अरिहंत-मनीष कुमट (झाबुआ जिले की शान चंद्रशेखर आजाद) व प्रसन्न-मनीष कोठारी (जवाहरलाल नेहरू) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी क्रम में  प्राथमिक विद्यालय में चिन्मय-प्रकाश भांगु (भगतसिंह) ने प्रथम स्थान, कु. निष्ठा-आशीष भांगु (जवाहरलाल नेहरू), हितलेश-विजय बहादुरसिंह राठौर (झांसी की रानी लक्ष्मीबाई) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही स्कूल प्राचार्य ने बताया की समस्त विजेता बच्चो को 15 अगस्त को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर श्रीमति मोना जैन, शिल्पा सोनी, पायल मांडोत, निकीता वैरागी, दर्शना जैन, शिवानी सोनी, निलेश चौहान आदि उपस्थित थे।

72वां स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में मानस स्कूल में हुआ फैंसी ड्रेस का आयोजन-fansi-dress-competetion-held-on-manas-school

झाबुआ। शनिवार को शनिचरी हरियाली अमावस्या इस बार बन रहा है सावन, शनिवार और हरियाली अमावस्या का अदभुद संयोग में नगर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्रद्धालुजनों द्वारा इस पर्व को मनाया गया । सावन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या का अत्यंत शुभ संयोग होने से मंदिरों एवं देवालयो, शिवालयों में हरियाली से आच्छादित झांकिया बनाई गई तथा भगवान के झुलों के दर्शन एवं झांकियों को निहारने के लिये श्रद्धालुओं का तांता लग गया। इस बार ये अमावस्या अश्लेषा नक्षत्र में आई जिसका व्यातिपात योग अत्याधिक शुभ माना गया। 
       स्थानीय स्वर्णकार समाज के राधाकृष्ण मार्ग स्थित  भगवान श्री सत्यनारायण जी के मंदिर को हरियाली से आच्छादित आकर्षक झांकी समाज के अध्यक्ष चेतन सोनी के मार्गदर्शन में  लगाई गई । रात्री आठ बजे स्वर्णकार समाज की महिलाओं ने भजन कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किये । मंदिर में भगवान लड्डू गोपाल का झुला, एवं शंकर भगवान की झांकी भी श्रद्धाल्रुओं के लिये आकर्षण का केन्द्र रही । धडी घण्टालों के साथ महा आरती में बडी संख्या में समाजजनो एवं नगर के श्रद्धालुओं ने  भाग लिया तथा प्रसादी का वितरण किया गया ।
       भगवान गोवर्धननाथजी की हवेली में भी हरियाली अमावस्या के शुभ अवसर पर भगवान गोवर्धननाथ जी का आकर्षक हरियाली से आच्छादित फुलों का झुला पण्डित  दिलीप आचार्य के नेतृत्व में बनाया गया । सायंकाल 7-30 बजे से भगवान के कपाट खुलते ही सैकडो की संख्या में महिला एवं पुरूष श्रद्धालुओं ने भगवान को मत्थ टेक कर दर्शन लाभ लिया ति एकटक भगवान की मनोहारी छबि को निहारते रहें। इस अवसर पर पण्डित रमेश त्रिवेदी एवं उनकी टीम द्वारा परम्परागत झुला गीतों की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण प्रभूमय हो गया ।
     नीमा समाज के श्री चारभूजा नाथ मंदिर पर भी हरियाली अमावस्या पर भगवान का हरे वस्त्रो से आकर्षक श्रृंगार किया गया  पण्डित विश्वनाथ शुक्ला द्वारा भगवान बालगोपाल का हरियाली से आच्छादित झुला आकर्षण का केन्द्र बना रहा जहां महिलाओं ने  भ्रवान लड्डू गोपाल को झुला झुला कर अपने आपको धन्य महसूस किया । भगवान चारभुजानाथ की महा मंगल आरती में बडी संख्या में समाजजनों सहित बडी संख्या में महिलाओं ने दर्शनलाभ प्राप्त कर भगवान को नमन किया । प्रसादी वितरण भी किया गया ।
     श्री राधकृष्ण सरकार के मंदिर में भी भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक एवं सुंदर झांकी महन्त मनोज बैरागी द्वारा सजाई गई । हरियाली अमावस्या पर बडी संख्या में श्रद्धाल्रुओं ने दर्शनलाभ प्राप्त किये। विवेकानंद कालोनी स्थित उमापति महादेव मंदिर पर भी हरियाली से आच्छादित भगवान भोलेनाथ की सुंदर झांकी लगाई गई । पण्डित प्रदीप भट्ट द्वारा हरियाली से  भगवान के मंदिर में सजावट आकर्षण का केन्द्र रही । भगवान की रात्री 7-30 बजे संपन्न आरती में बडी संख्या में  श्रद्धालुओ ने  भाग लिया तथा इस अवसर पर दुग्ध प्रसादी का वितरण किया गया ।
नगर के सभी देवालयों एवं शिवालयों मे शनिश्चरी हरियाली अमावस्या के अवसर पर झांकिया लगाई गई तथा सायंकाल मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा । शश्चिरी हरियाली अमावस्या पर कई जगहों पर पौधारोपण भी किया गया ।


झाबुआ। स्थानीय राजवाड़ा चौक स्थित पैलेस गार्डन में आयोजित समारोह में जाबांज शहीद जवानो के परिजनों को सम्मानित किया गया, साथ ही वर्त्तमान में सेना में कार्यरत सेनिको का भी सम्मान किया गया । सेनिको का सम्मान करने हेतु सम्मान समारोह समेत विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन भीमा नायक वनांचल सेवा संस्थान द्वारा आयोजित किया गया.  कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में कल्ला जी भूरिया, कर्नल लेफ्टिनेंट मनोज बर्मन एवं मोहन नारायण आदि थे। उल्लेखनीय है की जिले में कुल 135 शहीद, भूतपूर्व एवं वर्त्तमान सैनिक है।  
     इस अवसर पर मध्य कमान के कर्नल लेफ्टिनेंट मनोज बर्मन (६५) द्वारा सेवारत सैन्यकर्मियो का सम्मान कर जिले के शहीद सैनिकाे के परिवारजनों का सम्मान किया गया । कर्नल लेफ्टिनेंट बर्मन 1971 के बांग्ला युद्ध में शामिल थे तथा पिछले 25 वर्षो से सेना में सेवाएं दे रहे है। आयोजित सम्मान समारोह में कर्नल बर्मन द्वारा जिले के सैनिकों सहित, शहीद सैनिकों की पत्नियों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर उनसे रूबरू हुए। 
       सभा को सम्बोधित करते हुए कर्नल बर्मन ने कहा की भारतीय सेना के जवानो ने अपनी प्राणों की बाजी लगाकर देश के प्रति अपने प्राण न्योछावर कर दिए। हमे भी इन वीर शहीदो से सीख लेने होगी , हमें भी अपने कर्तव्यो के प्रति निष्ठावान होना पडे़गा। यही हमारी वीर सपूतों के प्रति सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। सैनिको ने कारगिल युद्व में अदम्य साहस का परिचय देकर देश की सुरक्षा की। इसके साथ ही आज भी भारतीय सेना सीमाओं में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा कर रही है।
इन सैनिको का किया गया सम्मान 
  1. नाथूसिंह कामलिया
  2. रतनसिंह डावर 
शहीदो के परिजनों का किया सम्मान 
  1. शहीद भगवानदास 
  2. शहीद पारसिंह मुनिया 

नई पीढी को शहरी संस्कृति की बजाय अपनी पुरातन संस्कृति का ज्ञान भी आवश्यक - निर्मला भूरिया

झाबुआ ।  जिला स्तर पर विश्व आदिवासी दिवस महोत्सव का भव्य आयोजन स्थानीय पैलेस गार्डन पर जनजातिय कार्य विभाग झाबुआ  द्वारा आयोजित किया गया । आदिवासी संस्कृति, परिवेश एवं आदिवासी कल्याण को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में  अतिथियों के रूप  में विधायक शांतिलाल बिलवाल, विधायक निर्मला भूरिया, विधायक कलसिंह भाबर, पूर्व विधायक श्रीमती स्वरूपबाई भाबर, जिला कलेक्टर आशीष सक्सेना,  जिला पंचायत सीईओ जमुना भिडे, श्यामा ताहेड, राजू डामोर, बहादूर हटिला, थावरसिंह भूरिया, शैलेन्द्रसिंह सोलंकी, सहायक आयुक्त गणेश भाबर, सहित बडी संख्या में जन प्रतिनिधि, भाजपा नेतागण, हितगा्रही,एवं छात्र छात्राओं के साथ ही आदिवासी वर्ग के लोगों ने बडी संख्या में भाग लिया । 
         खचाखच भरे सभागृह में आदिवासी दिवस पर भीली भाषा में संबोधित करते हुए विधायक शांतिलाल बिलवाल ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का आदिवासी दिवस पर प्रदेश के सभी आदिवासी जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोशित करने के लिये धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे आदिवासी वर्ग के लोग जो शहरों में रहने लगे है वे अपनी संस्कृति एवं परंपरा को भुल गये है। आदिवासी दिवस  स्थापना दिवस होकर जनजाति वर्ग पर हुए अत्याचारों, नर संहार को लेकर जेनेवा में यूएनओ द्वारा इस दिवस को शोक दिवस के रूप  में मनाया था । जिसकी जानकारी होना आवश्यक है । 
         उन्होने कहा कि आदिवासी वर्ग के कतिपय लोग जो पढ लिख कर अधिकारी या उच्च पदों पर आसीन हो गये है वे अपनी पुरानत संस्कृति को भुल गये है। इन्हे सिर्फ पदोन्नति में आरक्षण तथा स्वयं के हितलाभ के लिये संगठन बना कर आदिवासी समाज का  दुरूपयोग करने लगे है । प्रधानमंत्री मोदी एवं शिवराजसिंह चौहान ने आरक्षण को लेकर कोर्ट में भी पैरवी करके आदिवासियों के अधिकारों के लिये अपनी भूमिका निभारहे है। जो अधिकारी बन गये है वे अपनी मूल परंपरा को पूरी तरह  भुल गये है जबकि हमारा समाज हमारी संस्कृति  परम्परा मुगलकालीन अत्याचारों एवं शोषण के बाद भी बनी हुई है । आदिवासी प्रकृर्ति के पुजारी है श्रम, मेहनत करना, सभी से प्रेम करना, भोले स्वभाव का होकर किसी को भी नुकसान नही पहूंचाता है  ।
          विधायक ने सभी को आदिवासी दिवस की शुभकामनायें देते हुए  जानकारी दी कि भावी पीढी को हमारी मूल संस्कृति, परिवेश, परम्पराओं आदि से रूबरू कराने के लिये झाबुआ में आदिवासी संग्रहालय बनाया जारहा है जिसमें समग्र आदिवासी संस्कृति को देख कर अपनी संस्कृति के प्रति गर्व महसूस कर सकेगे । वही केन्द्र सरकार द्वारा झाबुआ में ही एक कम्यूनिटी हाल का भी निर्माण करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है  जिसके लिये भूमि का चयन भी हो  चुका है । इसके लिये जनजातिय केन्द्रीय मंत्री जसवंत भाबोर ने अपनी सहमति भी व्यक्त कर दी है ।
     पेटलावद विधायक स्रुश्री निर्मला भूरिया ने  आदिवासी दिवस की सभी को शुभ कामनायें देते हुए कहा कि हमारे समाज की भावी पीढी आगे बढे और उन्नति करें  तथा समाज के नीचले तबके के लोगों को आगे बढाये यही मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की मंशा है । प्रदेश की भाजपा सरकार ने आदिवासी जिलों में अवकाश भी घोशित कर दिया है  ताकि ह म सब मिल बैठ कर समाज के उत्थान के लिये चर्चा कर सके एवं निष्कर्ष निकाल सकें । उन्होने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की सरकार ने इस समाज को आगे बढाने के लिये शिक्षा,स्वास्थ्य सहित मूलभुत आवश्यकता को पूरा करने के लिये कई योजनायें बना कर इसे लागू किया है । इन योजनाओं के लागू होने का लाभ उठा कर समाज किस तरह आगे बढे और गा्रम के लोगों में सुधार हो सके इसके लिये हमे सामुहिक प्रयास करना होगें । सरकार ने नये आईटीआई सहित कई रोजगार मूलक संस्थान खोल कर रोजगार के अवसर प्रदान किये है । बच्चों में हमारी संस्कृति के विलुप्त होने के कारण ही जिला स्तर पर संग्रहालय की जरूरत पडी है । इससे आने वाली पीढी जानसकेगी कि  हमारे पूर्वज किस रहते रथे  तथा संस्कृति, परंपरायें एवं परिवेश कैसा था । 
        नई पीढी शहरों में जाकर बस रही है उन्हे अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं की जानकारी होना चाहिये । भगोरिया जैसा सांस्कृतिक पर्व पाश्चात्य संस्कृति की चपेट मे आ रहा है। मांदल और थाली की थाप सुनाई नही देती, बासुरी की स्वर लहरिया भी विलुप्त होती जा रही है । इन्हे बचाने के लिये तथा संस्कृति की रक्षा के लिये हमे मनन करना पडेगा । सुश्री भूरिया ने आगे कहा कि स्वर्गीय दिलीपसिंह जी पहली बार सांसद बने थे तब उन्होने हम बच्चों को दिल्ली में स्कूलों मे प्रवेश दिलाया था किन्तु  बारहवी के बाद पिताजी ने आदिवासी संस्कृति एवं स्थानीय परिवेश से कहीं हम विमुख नही हो जाये इसके लिये झाबुआ में ही हमे स्कूलों में प्रवेश दिलाया था । उन्होने कहा कि हमारी संस्कृति को हमे सहेज कर रखना है कई लोग आने वाली पीढी को भ्रमित कर रहे है इनसे हमे सावधान रहना चाहिये । ताकि हमारी आने वाली पीढी के भविष्य को खतम करने का जो काम  इन तत्वों द्वारा हो रहा है उस पर अंकुश लगा सकें । उन्होने कहा कि आदिवासी प्रकृर्ति का पूजारी है और  हमारी संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व है ।
    इस अवसर पर थांदला विधायक कलसिंह भाबर ने भी भीली भाषा में महती सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन युएनओ में आदिवासी वर्ग पर हुए नर संहार शोषण के विरुद्ध जेनेवा में आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय हुआ था । श्री भाबर ने कहा कि हम आदिवासी कौन है, यह जानना जरूरी है हमारे पूर्वक आदिकवि वाल्मिकी, माता शबरी, टंटिया भील एकलव्य, विरसा मुंडा, है। उन्होने समाज को नई दिशा देकर हमारे समाज को गोरवान्वित किया है । किन्तु हमने क्या किया इस पर पिवचार करना जरूरी है । उन्होने आदिवासी तीज त्यौहारों की परंपरा एवं सस्कृति की विस्तार ने जानकारी देते हुए शादी ब्याह की रस्मों के महत्व एवं परम्परा की विस्तार से जानकारी दी । उन्होने कहा कि ह मे अपने संस्कृति को स्थापित करके सुसंस्कृति के रूप् मे स्थापित करना होगा तभी विकास होगा । उन्होने गल, भगोरिया, आदि के सांस्कृति महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया ।अक्षय तृतीय आदिवासियों का सबसे बडा पर्व बताते हुए कहा कि हम शिवजी के वंशज है और पुरातन परंपरा के अनुसार ही अपनी संस्कृति कोबनाये रखना है । उन्होने आदिवासियों से पढने एवं आगे बढने का आव्हान करते हुए इसे विकास के लिये जरूरी बताया । मोबाईल संस्कृति का जिक्र करते हुए  इसके दुरूप्योग नही करने का आव्हान भी किया ।उन्होने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए इन्हे धरातल पर उतार कर हर जरूरत मंद को लाभान्वित करने की बात कहीं ।
        इस अवसर पर अतिथियों द्वारा शालेय प्रतियोगिता, शिक्षा, चिकित्सा, एनआईटी परीक्षा लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता अर्जित करने तथा जिले का नाम रोशन करने वाले बच्चों एवं बालिकाओं का शिल्ड देकर सम्मानित किया । वही वनाधिकारी के तहत हितग्राहियों के अधिकार पत्रों का वितरण भी किया गया । इसके बाद धार जिले से आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के सन्देश का सीधा प्रसारण देखा गया । तिा आदिवासी दिवस पर विभिन्न स्कूलो के बच्चों ने आदिवासी लोक नृत्य पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम का संचालन उदय बिलवाल एवं श्री कुंडल ने किया ।

आदिवासी सम्मेलन मे 258 हितग्राहियो को बांटे गये वनाधिकार पट्टे, मुख्यमंत्री ने लाइव प्रसारण के माध्यम से किया हितग्राहियो को संबोधित 

       झाबुआ जिले में स्थानीय पैलेस गार्डन, झाबुआ मे आज आदिवासी सम्मेलन आयोजित किया गया। आदिवासी सम्मेलन में 258 हितग्राहियो को वनाधिकार के पट्टे वितरित किये गये एवं अन्य विभागों के हितग्राहियों को भी सम्मेलन में हितलाभ का वितरण विधायक झाबुआ श्री शांतिलाल बिलवाल, विधायक पेटलावद सुश्री निर्मला भूरिया, विधायक थांदला श्री कलसिंह भाबर की उपस्थिति मे जनप्रतिनिधियो द्वारा किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर आशीष सक्सेना, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिडे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बडी संख्या मे हितग्राही उपस्थित थे। कार्यक्रम मे आये आमजनो ने धार मे आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के मुख्यमंत्री के संबोधन को लाइव प्रसारण के माध्यम से देखा एवं सुना। 
      कार्यक्रम मे उपस्थित आमजन को संबोधित करते हुए विधायक झाबुआ शांतिलाल बिलवाल, विधायक पेटलावद सुश्री निर्मला भूरिया, विधायक थांदला कलसिंह भाबर ने परंपरागत आदिवासी संस्कृति एवं आदिवासी समाज मे जन्मे महानायको की जानकारी दी।कार्यक्रम मे जिले के ऐसे विद्यार्थियो को भी सम्मानित किया गया जिन्होने प्रतियोगी परीक्षाओ को पास कर डॉक्टर, इंजीनियर, एवं सिविल सेवाओ के क्षेत्र मे नौकरी पाई है।


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निष्पक्ष, और निडर पत्रकारिता समाज के उत्थान के लिए बहुत जरुरी है , उम्मीद करते है की आशा न्यूज़ समाचार पत्र भी निरंतर इस कर्त्तव्य पथ पर चलते हुए समाज को एक नई दिशा दिखायेगा , संपादक और पूरी टीम बधाई की पात्र है !- अंतर सिंह आर्य , पूर्व प्रभारी मंत्री Whatsapp Status Shel Silverstein Poems Facetime for PC Download

आशा न्यूज़ समाचार पत्र के शुरुवात पर हार्दिक बधाई , शुभकामनाये !!!!- निर्मला भूरिया , पुर्व विधायक

जिले में समाचार पत्रो की भरमार है , सच को जनता के सामने लाना और समाज के विकास में योगदान समाचार पत्रो का प्रथम ध्येय होना चाहिए ... उम्मीद करते है की आशा न्यूज़ सच की कसौटी और समाज के उत्थान में एक अहम कड़ी बनकर उभरेगा - कांतिलाल भूरिया , पुर्व सांसद

आशा न्यूज़ से में फेसबुक के माध्यम से लम्बे समय से जुड़ा हुआ हूँ , प्रकाशित खबरे निश्चित ही सच की कसौटी ओर आमजन के विकास के बीच एक अहम कड़ी है , आशा न्यूज़ की पूरी टीम बधाई की पात्र है .- शांतिलाल बिलवाल , पुर्व विधायक झाबुआ

आशा न्यूज़ चैनल की शुरुवात पर बधाई , कुछ समय पूर्व प्रकाशित एक अंक पड़ा था तीखे तेवर , निडर पत्रकारिता इस न्यूज़ चैनल की प्रथम प्राथमिकता है जो प्रकाशित उस अंक में मुझे प्रतीत हुआ , नई शुरुवात के लिए बधाई और शुभकामनाये.- कलावती भूरिया , पुर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

मुझे झाबुआ आये कुछ ही समय हुआ है , अभी पिछले सप्ताह ही एक शासकीय स्कूल में भारी अनियमितता की जानकारी मुझे आशा न्यूज़ द्वारा मिली थी तब सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित कर पुरे मामले को संज्ञान में लेने का निर्देश दिया गया था समाचार पत्रो का कर्त्तव्य आशा न्यूज़ द्वारा भली भाति निर्वहन किया जा रहा है निश्चित है की भविष्य में यह आशा न्यूज़ जिले के लिए अहम कड़ी बनकर उभरेगा !!- डॉ अरुणा गुप्ता , पूर्व कलेक्टर झाबुआ

Congratulations on the beginning of Asha Newspaper .... Sharp frown, fearless Journalism first Priority of the Newspaper . The Entire Team Deserves Congratulations... & heartly Best Wishes- कृष्णा वेणी देसावतु , पूर्व एसपी झाबुआ

महज़ ३ वर्ष के अल्प समय में आशा न्यूज़ समूचे प्रदेश का उभरता और अग्रणी समाचार पत्र के रूप में आम जन के सामने है , मुद्दा चाहे सामाजिक ,राजनैतिक , प्रशासनिक कुछ भी हो, हर एक खबर का पूरा कवरेज और सच को सामने लाने की अतुल्य क्षमता निश्चित ही आगामी दिनों में इस आशा न्यूज़ के लिए एक वरदान साबित होगी, संपादक और पूरी टीम को हृदय से आभार और शुभकामनाएँ !!- संजीव दुबे , निदेशक एसडी एकेडमी झाबुआ

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