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झाबुआ। शनिवार को शनिचरी हरियाली अमावस्या इस बार बन रहा है सावन, शनिवार और हरियाली अमावस्या का अदभुद संयोग में नगर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्रद्धालुजनों द्वारा इस पर्व को मनाया गया । सावन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या का अत्यंत शुभ संयोग होने से मंदिरों एवं देवालयो, शिवालयों में हरियाली से आच्छादित झांकिया बनाई गई तथा भगवान के झुलों के दर्शन एवं झांकियों को निहारने के लिये श्रद्धालुओं का तांता लग गया। इस बार ये अमावस्या अश्लेषा नक्षत्र में आई जिसका व्यातिपात योग अत्याधिक शुभ माना गया। 
       स्थानीय स्वर्णकार समाज के राधाकृष्ण मार्ग स्थित  भगवान श्री सत्यनारायण जी के मंदिर को हरियाली से आच्छादित आकर्षक झांकी समाज के अध्यक्ष चेतन सोनी के मार्गदर्शन में  लगाई गई । रात्री आठ बजे स्वर्णकार समाज की महिलाओं ने भजन कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किये । मंदिर में भगवान लड्डू गोपाल का झुला, एवं शंकर भगवान की झांकी भी श्रद्धाल्रुओं के लिये आकर्षण का केन्द्र रही । धडी घण्टालों के साथ महा आरती में बडी संख्या में समाजजनो एवं नगर के श्रद्धालुओं ने  भाग लिया तथा प्रसादी का वितरण किया गया ।
       भगवान गोवर्धननाथजी की हवेली में भी हरियाली अमावस्या के शुभ अवसर पर भगवान गोवर्धननाथ जी का आकर्षक हरियाली से आच्छादित फुलों का झुला पण्डित  दिलीप आचार्य के नेतृत्व में बनाया गया । सायंकाल 7-30 बजे से भगवान के कपाट खुलते ही सैकडो की संख्या में महिला एवं पुरूष श्रद्धालुओं ने भगवान को मत्थ टेक कर दर्शन लाभ लिया ति एकटक भगवान की मनोहारी छबि को निहारते रहें। इस अवसर पर पण्डित रमेश त्रिवेदी एवं उनकी टीम द्वारा परम्परागत झुला गीतों की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण प्रभूमय हो गया ।
     नीमा समाज के श्री चारभूजा नाथ मंदिर पर भी हरियाली अमावस्या पर भगवान का हरे वस्त्रो से आकर्षक श्रृंगार किया गया  पण्डित विश्वनाथ शुक्ला द्वारा भगवान बालगोपाल का हरियाली से आच्छादित झुला आकर्षण का केन्द्र बना रहा जहां महिलाओं ने  भ्रवान लड्डू गोपाल को झुला झुला कर अपने आपको धन्य महसूस किया । भगवान चारभुजानाथ की महा मंगल आरती में बडी संख्या में समाजजनों सहित बडी संख्या में महिलाओं ने दर्शनलाभ प्राप्त कर भगवान को नमन किया । प्रसादी वितरण भी किया गया ।
     श्री राधकृष्ण सरकार के मंदिर में भी भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक एवं सुंदर झांकी महन्त मनोज बैरागी द्वारा सजाई गई । हरियाली अमावस्या पर बडी संख्या में श्रद्धाल्रुओं ने दर्शनलाभ प्राप्त किये। विवेकानंद कालोनी स्थित उमापति महादेव मंदिर पर भी हरियाली से आच्छादित भगवान भोलेनाथ की सुंदर झांकी लगाई गई । पण्डित प्रदीप भट्ट द्वारा हरियाली से  भगवान के मंदिर में सजावट आकर्षण का केन्द्र रही । भगवान की रात्री 7-30 बजे संपन्न आरती में बडी संख्या में  श्रद्धालुओ ने  भाग लिया तथा इस अवसर पर दुग्ध प्रसादी का वितरण किया गया ।
नगर के सभी देवालयों एवं शिवालयों मे शनिश्चरी हरियाली अमावस्या के अवसर पर झांकिया लगाई गई तथा सायंकाल मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा । शश्चिरी हरियाली अमावस्या पर कई जगहों पर पौधारोपण भी किया गया ।


झाबुआ। स्थानीय राजवाड़ा चौक स्थित पैलेस गार्डन में आयोजित समारोह में जाबांज शहीद जवानो के परिजनों को सम्मानित किया गया, साथ ही वर्त्तमान में सेना में कार्यरत सेनिको का भी सम्मान किया गया । सेनिको का सम्मान करने हेतु सम्मान समारोह समेत विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन भीमा नायक वनांचल सेवा संस्थान द्वारा आयोजित किया गया.  कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में कल्ला जी भूरिया, कर्नल लेफ्टिनेंट मनोज बर्मन एवं मोहन नारायण आदि थे। उल्लेखनीय है की जिले में कुल 135 शहीद, भूतपूर्व एवं वर्त्तमान सैनिक है।  
     इस अवसर पर मध्य कमान के कर्नल लेफ्टिनेंट मनोज बर्मन (६५) द्वारा सेवारत सैन्यकर्मियो का सम्मान कर जिले के शहीद सैनिकाे के परिवारजनों का सम्मान किया गया । कर्नल लेफ्टिनेंट बर्मन 1971 के बांग्ला युद्ध में शामिल थे तथा पिछले 25 वर्षो से सेना में सेवाएं दे रहे है। आयोजित सम्मान समारोह में कर्नल बर्मन द्वारा जिले के सैनिकों सहित, शहीद सैनिकों की पत्नियों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर उनसे रूबरू हुए। 
       सभा को सम्बोधित करते हुए कर्नल बर्मन ने कहा की भारतीय सेना के जवानो ने अपनी प्राणों की बाजी लगाकर देश के प्रति अपने प्राण न्योछावर कर दिए। हमे भी इन वीर शहीदो से सीख लेने होगी , हमें भी अपने कर्तव्यो के प्रति निष्ठावान होना पडे़गा। यही हमारी वीर सपूतों के प्रति सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। सैनिको ने कारगिल युद्व में अदम्य साहस का परिचय देकर देश की सुरक्षा की। इसके साथ ही आज भी भारतीय सेना सीमाओं में अपनी सेवा देकर देश की रक्षा कर रही है।
इन सैनिको का किया गया सम्मान 
  1. नाथूसिंह कामलिया
  2. रतनसिंह डावर 
शहीदो के परिजनों का किया सम्मान 
  1. शहीद भगवानदास 
  2. शहीद पारसिंह मुनिया 

नई पीढी को शहरी संस्कृति की बजाय अपनी पुरातन संस्कृति का ज्ञान भी आवश्यक - निर्मला भूरिया

झाबुआ ।  जिला स्तर पर विश्व आदिवासी दिवस महोत्सव का भव्य आयोजन स्थानीय पैलेस गार्डन पर जनजातिय कार्य विभाग झाबुआ  द्वारा आयोजित किया गया । आदिवासी संस्कृति, परिवेश एवं आदिवासी कल्याण को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में  अतिथियों के रूप  में विधायक शांतिलाल बिलवाल, विधायक निर्मला भूरिया, विधायक कलसिंह भाबर, पूर्व विधायक श्रीमती स्वरूपबाई भाबर, जिला कलेक्टर आशीष सक्सेना,  जिला पंचायत सीईओ जमुना भिडे, श्यामा ताहेड, राजू डामोर, बहादूर हटिला, थावरसिंह भूरिया, शैलेन्द्रसिंह सोलंकी, सहायक आयुक्त गणेश भाबर, सहित बडी संख्या में जन प्रतिनिधि, भाजपा नेतागण, हितगा्रही,एवं छात्र छात्राओं के साथ ही आदिवासी वर्ग के लोगों ने बडी संख्या में भाग लिया । 
         खचाखच भरे सभागृह में आदिवासी दिवस पर भीली भाषा में संबोधित करते हुए विधायक शांतिलाल बिलवाल ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का आदिवासी दिवस पर प्रदेश के सभी आदिवासी जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोशित करने के लिये धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे आदिवासी वर्ग के लोग जो शहरों में रहने लगे है वे अपनी संस्कृति एवं परंपरा को भुल गये है। आदिवासी दिवस  स्थापना दिवस होकर जनजाति वर्ग पर हुए अत्याचारों, नर संहार को लेकर जेनेवा में यूएनओ द्वारा इस दिवस को शोक दिवस के रूप  में मनाया था । जिसकी जानकारी होना आवश्यक है । 
         उन्होने कहा कि आदिवासी वर्ग के कतिपय लोग जो पढ लिख कर अधिकारी या उच्च पदों पर आसीन हो गये है वे अपनी पुरानत संस्कृति को भुल गये है। इन्हे सिर्फ पदोन्नति में आरक्षण तथा स्वयं के हितलाभ के लिये संगठन बना कर आदिवासी समाज का  दुरूपयोग करने लगे है । प्रधानमंत्री मोदी एवं शिवराजसिंह चौहान ने आरक्षण को लेकर कोर्ट में भी पैरवी करके आदिवासियों के अधिकारों के लिये अपनी भूमिका निभारहे है। जो अधिकारी बन गये है वे अपनी मूल परंपरा को पूरी तरह  भुल गये है जबकि हमारा समाज हमारी संस्कृति  परम्परा मुगलकालीन अत्याचारों एवं शोषण के बाद भी बनी हुई है । आदिवासी प्रकृर्ति के पुजारी है श्रम, मेहनत करना, सभी से प्रेम करना, भोले स्वभाव का होकर किसी को भी नुकसान नही पहूंचाता है  ।
          विधायक ने सभी को आदिवासी दिवस की शुभकामनायें देते हुए  जानकारी दी कि भावी पीढी को हमारी मूल संस्कृति, परिवेश, परम्पराओं आदि से रूबरू कराने के लिये झाबुआ में आदिवासी संग्रहालय बनाया जारहा है जिसमें समग्र आदिवासी संस्कृति को देख कर अपनी संस्कृति के प्रति गर्व महसूस कर सकेगे । वही केन्द्र सरकार द्वारा झाबुआ में ही एक कम्यूनिटी हाल का भी निर्माण करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है  जिसके लिये भूमि का चयन भी हो  चुका है । इसके लिये जनजातिय केन्द्रीय मंत्री जसवंत भाबोर ने अपनी सहमति भी व्यक्त कर दी है ।
     पेटलावद विधायक स्रुश्री निर्मला भूरिया ने  आदिवासी दिवस की सभी को शुभ कामनायें देते हुए कहा कि हमारे समाज की भावी पीढी आगे बढे और उन्नति करें  तथा समाज के नीचले तबके के लोगों को आगे बढाये यही मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की मंशा है । प्रदेश की भाजपा सरकार ने आदिवासी जिलों में अवकाश भी घोशित कर दिया है  ताकि ह म सब मिल बैठ कर समाज के उत्थान के लिये चर्चा कर सके एवं निष्कर्ष निकाल सकें । उन्होने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की सरकार ने इस समाज को आगे बढाने के लिये शिक्षा,स्वास्थ्य सहित मूलभुत आवश्यकता को पूरा करने के लिये कई योजनायें बना कर इसे लागू किया है । इन योजनाओं के लागू होने का लाभ उठा कर समाज किस तरह आगे बढे और गा्रम के लोगों में सुधार हो सके इसके लिये हमे सामुहिक प्रयास करना होगें । सरकार ने नये आईटीआई सहित कई रोजगार मूलक संस्थान खोल कर रोजगार के अवसर प्रदान किये है । बच्चों में हमारी संस्कृति के विलुप्त होने के कारण ही जिला स्तर पर संग्रहालय की जरूरत पडी है । इससे आने वाली पीढी जानसकेगी कि  हमारे पूर्वज किस रहते रथे  तथा संस्कृति, परंपरायें एवं परिवेश कैसा था । 
        नई पीढी शहरों में जाकर बस रही है उन्हे अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं की जानकारी होना चाहिये । भगोरिया जैसा सांस्कृतिक पर्व पाश्चात्य संस्कृति की चपेट मे आ रहा है। मांदल और थाली की थाप सुनाई नही देती, बासुरी की स्वर लहरिया भी विलुप्त होती जा रही है । इन्हे बचाने के लिये तथा संस्कृति की रक्षा के लिये हमे मनन करना पडेगा । सुश्री भूरिया ने आगे कहा कि स्वर्गीय दिलीपसिंह जी पहली बार सांसद बने थे तब उन्होने हम बच्चों को दिल्ली में स्कूलों मे प्रवेश दिलाया था किन्तु  बारहवी के बाद पिताजी ने आदिवासी संस्कृति एवं स्थानीय परिवेश से कहीं हम विमुख नही हो जाये इसके लिये झाबुआ में ही हमे स्कूलों में प्रवेश दिलाया था । उन्होने कहा कि हमारी संस्कृति को हमे सहेज कर रखना है कई लोग आने वाली पीढी को भ्रमित कर रहे है इनसे हमे सावधान रहना चाहिये । ताकि हमारी आने वाली पीढी के भविष्य को खतम करने का जो काम  इन तत्वों द्वारा हो रहा है उस पर अंकुश लगा सकें । उन्होने कहा कि आदिवासी प्रकृर्ति का पूजारी है और  हमारी संस्कृति एवं परंपराओं की रक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व है ।
    इस अवसर पर थांदला विधायक कलसिंह भाबर ने भी भीली भाषा में महती सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन युएनओ में आदिवासी वर्ग पर हुए नर संहार शोषण के विरुद्ध जेनेवा में आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय हुआ था । श्री भाबर ने कहा कि हम आदिवासी कौन है, यह जानना जरूरी है हमारे पूर्वक आदिकवि वाल्मिकी, माता शबरी, टंटिया भील एकलव्य, विरसा मुंडा, है। उन्होने समाज को नई दिशा देकर हमारे समाज को गोरवान्वित किया है । किन्तु हमने क्या किया इस पर पिवचार करना जरूरी है । उन्होने आदिवासी तीज त्यौहारों की परंपरा एवं सस्कृति की विस्तार ने जानकारी देते हुए शादी ब्याह की रस्मों के महत्व एवं परम्परा की विस्तार से जानकारी दी । उन्होने कहा कि ह मे अपने संस्कृति को स्थापित करके सुसंस्कृति के रूप् मे स्थापित करना होगा तभी विकास होगा । उन्होने गल, भगोरिया, आदि के सांस्कृति महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया ।अक्षय तृतीय आदिवासियों का सबसे बडा पर्व बताते हुए कहा कि हम शिवजी के वंशज है और पुरातन परंपरा के अनुसार ही अपनी संस्कृति कोबनाये रखना है । उन्होने आदिवासियों से पढने एवं आगे बढने का आव्हान करते हुए इसे विकास के लिये जरूरी बताया । मोबाईल संस्कृति का जिक्र करते हुए  इसके दुरूप्योग नही करने का आव्हान भी किया ।उन्होने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए इन्हे धरातल पर उतार कर हर जरूरत मंद को लाभान्वित करने की बात कहीं ।
        इस अवसर पर अतिथियों द्वारा शालेय प्रतियोगिता, शिक्षा, चिकित्सा, एनआईटी परीक्षा लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता अर्जित करने तथा जिले का नाम रोशन करने वाले बच्चों एवं बालिकाओं का शिल्ड देकर सम्मानित किया । वही वनाधिकारी के तहत हितग्राहियों के अधिकार पत्रों का वितरण भी किया गया । इसके बाद धार जिले से आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के सन्देश का सीधा प्रसारण देखा गया । तिा आदिवासी दिवस पर विभिन्न स्कूलो के बच्चों ने आदिवासी लोक नृत्य पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम का संचालन उदय बिलवाल एवं श्री कुंडल ने किया ।

आदिवासी सम्मेलन मे 258 हितग्राहियो को बांटे गये वनाधिकार पट्टे, मुख्यमंत्री ने लाइव प्रसारण के माध्यम से किया हितग्राहियो को संबोधित 

       झाबुआ जिले में स्थानीय पैलेस गार्डन, झाबुआ मे आज आदिवासी सम्मेलन आयोजित किया गया। आदिवासी सम्मेलन में 258 हितग्राहियो को वनाधिकार के पट्टे वितरित किये गये एवं अन्य विभागों के हितग्राहियों को भी सम्मेलन में हितलाभ का वितरण विधायक झाबुआ श्री शांतिलाल बिलवाल, विधायक पेटलावद सुश्री निर्मला भूरिया, विधायक थांदला श्री कलसिंह भाबर की उपस्थिति मे जनप्रतिनिधियो द्वारा किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर आशीष सक्सेना, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिडे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बडी संख्या मे हितग्राही उपस्थित थे। कार्यक्रम मे आये आमजनो ने धार मे आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के मुख्यमंत्री के संबोधन को लाइव प्रसारण के माध्यम से देखा एवं सुना। 
      कार्यक्रम मे उपस्थित आमजन को संबोधित करते हुए विधायक झाबुआ शांतिलाल बिलवाल, विधायक पेटलावद सुश्री निर्मला भूरिया, विधायक थांदला कलसिंह भाबर ने परंपरागत आदिवासी संस्कृति एवं आदिवासी समाज मे जन्मे महानायको की जानकारी दी।कार्यक्रम मे जिले के ऐसे विद्यार्थियो को भी सम्मानित किया गया जिन्होने प्रतियोगी परीक्षाओ को पास कर डॉक्टर, इंजीनियर, एवं सिविल सेवाओ के क्षेत्र मे नौकरी पाई है।


 लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मेनेजमेंट दिल्ली द्वारा शिवगंगा के सहयोग से झाबुआ जिले में 34 सदस्यो का दल पहुंचा 

झाबुआ। लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट,ऑफ मेनेजमेंट दिल्ली द्वारा शिवगंगा के सहयोग से झाबुआ जिले 34 सदस्यों का समुह पहुंचा। इस समुह का मुख्य उद्देष्य है कि लालबहादुर शास्त्री की प्रेरणा एवं उनके सिद्धान्तो को जन-जन से जोड़ना, यहीं हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। यह समूह  जिले में 6 टीमों में बंटकर गांव गांव में घूम रहा है।  
          टीम के गुलशन कुमार झा ने बताया की हमारी टीम 3 अगस्त से जिले के कई ग्रामीण अंचलो में स्कूलों, स्वास्थ केन्द्रो में घूम रहे है एवं यहां ग्रामीण से मिलना, स्कुलो में जाकर शिक्षा स्तर जानना छात्र-छात्राओ को उच्च शिक्षा प्राप्त करने की जानकारी देना, स्कूलो में शोचालय स्वच्छता जानना, मध्यान्ह, भोजन की जानकारी लेना, शिक्षक-छात्रों का अनुमान लगाना ,स्कुल भवनों की स्थिती से परिचित होना, पेयजल की सुविधा, प्राथमिक स्वास्थ केंद्रो में जांच करना बाद उनकी कमियो को पूरी करवाना, स्वयं सहायता समूह को प्रोत्साहित करना, पानी, सरंक्षण, वनांचलवासियो से रूबरू होकर उनकी समस्याओ से अवगत होना, जैविक खेती को जानना और गांव-गांव जाकर उसके लिये प्रेरित करना, ग्रामीणो को स्वच्छता की महत्वपूर्णता समझाना, जनभागीदारी से समाज की समस्याओ का उच्च स्तर पर कलेक्टर से मिलकर उन समस्याओ को अवगत करवा कर समस्या का समाधान करवाने जैसे कार्य प्राथमिकता किए जा रहे है।
झकनावदा एवं आसपास के गांव पहुंचकर टीम ने जानी समस्याएं
साथ ही बताया की पेटलावद विधानसभा में हमारी टीम को नाथुलाल डामर कुंभाखेड़ी, रूमाल भूरिया बिजोरी, तोलसिंह दायमा भूरी घाटी, विजेन्द्र अमलियार झाबुआ में हमको पूरा सहयोग प्रदान कर रहे है। हमारी टीम मे हमारे साथ आमजन की समस्या लक्ष्य, यश, सुमित मिलकर जान रहे है। बुधवार को इन सदस्यो के समुह ने झकनावदा में पहुंचकर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, शासकीय स्कुल व आसपास के क्षैत्र माताबन बिजोरी, भूरीघाटी, साड़, गुल्लरपाड़ा में पहुच कर जानकारी ली। इस अववसर पर उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधीयो एवं समाजसेवियों से भी चर्चा कर उनके यहां आने के उद्देष्यो के बारे में बताया। टीम ने बताया कि वह 9 अगस्त तक सारी समस्याएं जानने के बाद कलेक्टर से भेंट करेंगे। 

लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मेनेजमेंट दिल्ली द्वारा शिवगंगा के सहयोग से झाबुआ जिले में 34 सदस्यो का दल पहुंचा-managment-student-visiting-jhabua-district

रोटरी क्लब द्वारा  ‘सूर श्री’ सीजन-4 का आयोजन-rotary-club-sur-shree-singing-competetion-jhabua-2018-rotary district 3040-
झाबुआ। रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रीक्ट 3040 का ‘सूर श्री’ सीजन-4 का ऑडिशन किया जा रहा है। इसमें गायन के कलाकारों के प्रदेश स्तरीय चयन हेतु गायन प्रतियोगिता रखी गई है। झाबुआ में यह गायन चयन प्रतियोगिता रोटरी क्लब झाबुआ द्वारा की जा रहीं है। इसी के तहत 11 अगस्त को झाबुआ स्तर की गायन चयन प्रतियोगिता एवं 16 अगस्त को जिला स्तर की गायन प्रतियोगिता का आयोजन इंदौर पब्लिक स्कूल झाबुआ में हांगा। जिसमें विद्यालयों के कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी सम्मिलित हो सकेंगे।
         यह जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक रो. यशवंत भंडारी, रो. उमंग सक्सेना एवं रो. भरत मिस्त्री ने संयुक्त रूप से बताया कि रोटरी इंटरनेशनल एक विष्व व्यापी संस्था है, जो समाजसेवा के विभिन्न आयामों पर सेवा कार्य करती है। इसी क्रम में युवाओं में गायन प्रतिभा को विकसित एवं उन्हें उचित मंच प्रदान करने हेतु वरिष्ठ रोटेरियन असीम जिंदल के मार्गदर्शन एक प्रादेशिक स्तर की एकल गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं सम्मिलित होना है।
11 एवं 16 अगस्त को होगा झाबुआ एवं जिला स्तर का ऑडिशन
आयोजक संस्था रोटरी क्लब झाबुआ के अध्यक्ष रो. अमितसिंह जादौन एवं सचिव रो. हिमांशु त्रिवेदी ने बताया कि आईपीएस में झाबुआ ऑडिशन 11 अगस्त को सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा। जिसमें शहर के स्कूलों के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। इसी प्रकार जिला स्तरीय ऑडिशन 16 अगस्त से इसी स्कूल में सुबह 10 बजे से होना है, जिसमें जिला स्तर के छात्र-छात्राएं शामिल हो सकेंगे। इसके पश्चात् क्वार्टर फायनल भी झाबुआ में होगा। सेमीफायनल भोपाल एवं ग्रांड फिनाले इंदौर में रखा गया है, उसकी तिथि सूचित की जाएगी। प्रतियोगिता के अंतिम पड़ाव में विजेता होने के बाद प्रथम पुरूस्कार एक लाख एक हजार रू. द्वितीय पुरूस्कार इकावन हजार रू. एवं तृतीय पुरूस्कार इक्कीस हजार रू. रखा गया है। इसके साथ ही कई आकर्षक उपहार एवं सांत्वना पुरस्कार भी प्रतिभोगियों को अलग-अलग स्तर की प्रतियोगिता में प्रदान किए जाएंगे।
आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से जारी
झाबुआ ऑडिशन एवं जिला स्तरीय ऑडिशन को सफल बनाने में रोटरी क्लब झाबुआ के उपाध्यक्ष अर्पित संघवी, सह-सचिव यसिल शाह, कोषाध्यक्ष कर्तिक नीमा, निखिल भंडारी, इन्हरव्हील क्लब चेयरमेन श्रीमती अर्चना राठौर, रोटरेक्ट क्लब से अध्यक्ष रिंकू रूनवाल, उपाध्यक्ष दौलत गोलानी, सचिव राकेश पोतदार सह-सचिव जावेद शेख, कोषाध्यक्ष राजेश चौहान, सह-कोषाध्यक्ष भावेश सोलंकी आदि आयोजन को सफल बनाने हेतु पूर्व तैयारियों में लगे हुए है।

ट्रायसिकल से अब सुरक्षित स्कूल पहुंच पाएगी रिना 

झाबुआ। जिले की ग्राम पंचायत बखतपुरा अंतर्गत आने वाले ग्राम बोरिया की गरीब परिवार की लाड़ली लक्ष्मी रीना मेड़ा, जो दोनो पैरो से विकलांग है, उसके सपने अब धरातल स्थल पर धीरे-धीरे सच होने लगे है। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के प्रयासों से रीना जहां पैरों एवं शरीर के अन्य अंगों में घांव-सूजन आने के बाद जिला चिकित्सालय में उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट आई है। इसी क्रम में आयोग की टीम ने मंगलवार को बालिका को स्कूल जाने के लिए जिला प्रषासन के सहयोग से ट्रायसिकल भी उपलब्ध करवा दी है। जिससे स्कूल जाते समय एवं गांव में घूमते समय इस लाडली बिटियां के पैरों में रगड़न नहीं आने से सूजन एवं घांव भी नहीं होगा। 
              आयोग की टीम के प्रयासों से ही रीना जिला चिकित्सालय में उपचार के बाद पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद बालिका ने आयोग के प्रतिनिधी प्रदेषाध्यक्ष मनीष कुमट से मांग रखी थी की वह कक्षा पांचवी तक तो गांव में ही शासकीय स्कूल होने से पढ़ चुकी है। आगे पढने हेतु गांव से दो किमी दूरी पर स्थित झकनावदा स्कूल पर जाना पढता है, विकलांगता के कारण वह इतनी दूर जाने में असक्षम है। इसके साथ ही उसका अन्य बच्चों के साथ खेलने का भी मन होता है। 
ट्रायसिकल दिलवाई गई
पश्चात् राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के प्रतिनिधी प्रदेषाध्यक्ष श्री कुमट ने कलेक्टर आशीष सक्सेना को विकलांग रीना को आगे पढाने की इच्छा को बताते हुए उक्त समस्या से अवगत करवाया। कलेक्टर श्री सक्सेना ने इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए उनके निर्देष पर प्रशासन द्वारा ट्रायसिकल उपलब्ध करवाई गई। जिसके बाद मंगलवार को सुबह आयोग टीम ने रीना के घर पहुंचकर रीना को ट्रायसिकल भेंट की। इस अवसर पर आयोग टीम ने रिना से कहा कि अब आप षिक्षा के क्षैत्र में अग्रसर हो और किसी भी प्रकार की म्दद की जरूरत हो तो आप हमारी मद्द मांगे। हमारी संस्था हर समय गरीब परिवारों के लोगों की मद्द के लिए तत्त्पर है। साथ ही आयोग की टीम ने कलेक्टर श्री सक्सेना का भी विषेष सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
ग्राम पंचायत का इस ओर ध्यान नही गया
ट्रायसिकल प्रदान करने के दौरान बोरिया निवासी ग्रामीण श्री पारगी ने आयोग को बताया की यह कार्य चाहती तो ग्राम पंचायत एवं वरिष्ठ अधिकारी भी कब से कर सकते थे, लेकिन अवगत करवाने के बाद भी इस ओर किसी का ध्यान आकर्षित नहीं गया। रीना कक्षा 5 वी पास करने के बाद आगे कैसे पढेगी, यह कहकर जवाबदारो को ट्रायसिकल के लिये कई बार अवगत करवाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग के इस कार्य की उन्होंने सरहाना की।
इनका रहा सराहनीय सहयोग
रीना की संपूर्ण मद्द में आयोग के पदाधिकारी श्री कुमट के साथ किर्तीष जैन, पवन नाहर, निलेश भानपुरिया, श्वेता जैन, निलेश परमार, प्रवीण बैरागी, जमनालाल चौधरी, विजय पटेल, उत्तम गेहलोत, गोपाल विष्वकर्मा, समाजसेवी आशीष भांगु, नरेन्द्र राठौड़ शुभम कोटड़िया, मनीष मेड़ा, गजरी आदि का सराहनीय सहयोग रहा। इस दौरान इन पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से बालिका को भविष्य में अन्य हर संभव मद्द दिलवाने की भी जिम्मेदारी ली। 

कलेक्टर आशीष सक्सेना ने विकलांग रिना को उपलब्ध करवाई ट्रायसिकल

पीजी कॉलेज में जनभागीदारी समिति द्वारा किए जा रहे है विकास के कई कार्य

झाबुआ। शहीद चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय झाबुआ के परिसर में मंगलवार को दोपहर 11.30 बजे क्षेत्रीय विधायक शांतिलाल बिलवाल एवं कॉलेज के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष यशवंत भंडारी के मुख्य आतिथ्य में केटिंग भवन एवं पार्किंग स्थल निर्माण कार्य का भूमिपूजन विधिवत् पूजन कर एवं गेती चलाकर किया गया। इस अवसर पर जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री भंडारी ने कहा कि समिति द्वारा सभी सदस्यों के सहयोग से महाविद्यालय में विकास के अनेक कार्य अब तक किए जा चुके है एवं आगामी समय में भी विकास कार्य जारी रहेंगे। 
   आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. एचएल अनिजवाल, जनभागीदारी समिति के सदस्यों में उमंग सक्सेना, कल्याणसिंह डामोर, राजेन्द्रसिंह नायक, अंकुर पाठक, योगेन्द्र नाहर, गौरव सक्सेना एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के संगठन मंत्री निलेश सोलंकी तथा जिला संयोजक मानसिंह बारिया विशेष रूप से उपस्थित थे। सर्वप्रथम जनभागीदारी समिति अध्यक्ष यषवंत भंडारी ने बताया कि पिछले कई वर्षो से महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की मांग को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें अच्छा स्वादिष्ट स्वाल्पाहार प्राप्त हो, इस हेतु संस्था परिसर में केंटिन भवन के लिए जनभागीदारी समिति द्वारा 16.90 लाख रू., वाहन पार्किंग के लिए 11.03 लाख रू..एवं फ्लेवर ब्लॉक के लिए 10.87 लाख रू. के निर्माण कार्य की राशि स्वीकृत कर उक्त राशि लोक निर्माण विभाग झाबुआ के खाते में जनभागीदारी समिति की ओर से जमा करा दी गई है। जिसके निर्माण कार्य का आज शुभारंभ एवं भूमि पूजन किया जा रहा है। 
निरंतर विकास कार्यों के लिए समिति अग्रसर
श्री भंडारी ने आगे कहा कि जनभागीदारी समिति कॉलेज में विकास के कार्य निरंतर कर रहीं है। इससे पूर्व भी कॉलेज में विकास के कई कार्य हो चुके है। जिसमें प्रमुख रूप से 1.40 लाख रू. का फर्नीचर खरीदी, बडी कक्षाओं में साउंड सिस्टम की व्यवस्था, महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को बैठने के लिए गार्डन-चेयर की व्यवस्था के साथ गत वर्ष आयोजित स्नेह सम्मेलन में छात्र-छात्राओं की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र जनभागीदारी समिति के माध्यम से उपलब्ध करवाए गए। 
पूजन कर किया शुभारंभ
पश्चात् निर्माण कार्या का पूजन कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। पूजन विधि ज्योतिषाचार्य पं. द्विजेन्द्र व्यास द्वारा संपन्न करवाई गई। उनके द्वारा मंत्रोच्चार कर अतिथियों का तिलक लगाकर गेती-फावड़े की पूजन के साथ भूमि की पूजन की। पश्चात् विधायक श्री बिलवाल एवं जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री भंडारी के साथ समस्त अन्य अतिथियों ने गेती चलाकर कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान भारत माता एवं वंदे मातरम् के जयघोष भी लगाए गए। 
ये थे उपस्थित 
कार्यक्रम का संचालन जनभागीदारी समिति के प्रभारी डॉ. गोपाल भूरिया ने किया एवं अंत में आभार संस्था प्राचार्य डॉ. अनिजवाल ने माना। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. गीता दुबे, डॉ. एससी जैन, जेसी सिंन्हा, अंजना मुवेल, रविन्द्र सिंह, प्रो. के.सी. कोठारी, एसके शाह, जेएस भूरिया, आरएस अजनार, उषा पोरवाल, मंजुला गिरवाल, वीएस मेडा, एसके उजले, क्रीडा अधिकारी कोमलसिंह बारिया, अभाविप के जिला सह-सयोजक यश पंवार, छात्र संघ सचिव कु. सिमरन पालिवाल सहित बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित थी। 



झाबुआ ।  श्रावण सोमवार के पावन अवसर पर स्थानीय श्री गोवर्धननाथ जी की हवेली मे भगवान श्री गोवर्धननाथ के बाल स्वरूप  को रंग बिरंगे, अनुपम छटा को दर्शाने वाले पुष्पो से बने झुले में झुलते हुए भगवान को देख कर वहां दर्शनों के लिये उपस्थित महिला एवं पुरूष श्रद्धालुओं के सिर नमन के लिये झुक गये और पण्डित दिलीप आचार्य के कुशल नेतृत्व में भगवान जब झुले में झुलाये जारहे थे तो भगवान के जयघोष के साथ पूरा वातावरण वृंदावन मय हो गया । 
       स्थानीय गोवर्धननाथ जी की हवेली में सोमवार को भगवान का झुला इन्दौर के पांच  पुष्पकलाकारों द्वारा तैयार किया गया था । जैसे ही भगवान के पट खुले पण्डित रमेश त्रिवेदी, गोकुलेश आचार्य एव ंकिशोर भट्ट के समवेत स्वरों में  छबिलो गोपाल अभंग की  संगीतमय प्रस्तुति से  पूरा वातावरण जहां भक्ति से  सराबोर हो गया वही उपस्थित श्रद्धालुजन भगवान के दर्शन के लिये अपलक निहारते दिखाई दिये । पण्डित अजय रामावत के द्वारा श्रावण सोमवार को  भगवान के पुष्प् से बने झुले का आयोजन करवाया गया था । भगवान के इस आकर्षक स्वरूप के दर्शन के लिये सैकडो की संख्या में महिलाओं एवं पुरूषों ने भगवान गोवर्धननाथजी के झुला दर्शन का लाभ उठाया ।

goverdhannath ji haweli shrawan somvar-श्री गोवर्धननाथ जी की हवेली  श्रावण सोमवार
श्री गोवर्धननाथ जी की हवेली
श्रावण सोमवार को मनकामेष्वर एवं उमापति महादेव की सजाई गई अनुपम झांकी
श्रावण सोमवार के पावन अवसर पर स्थानीय छोटा तालाब स्थित भगवान मनकामेश्वर महादेव मंदिर में दिन भर जहां श्रद्धालुओं ने पूजा पाठ एवं अभिषेक कर अपनी श्रद्धा उंडेली  वही सायंकाल को  पूजारी देवेन्द्रपुरी द्वारा तेयार की गई भगवान मन कामेश्वर की सुंदर झांकी के दर्शनों के लिये नगरवासी उमड पडे । इस अवसर पर केमिस्ट अजय नाथुलाल शर्मा की ओर से प्रत्येक श्रद्धालु को साबुदाना खिंचडी का वितरण किया गया तथा महा मंगल आरती भी अजय शर्मा के द्वारा की गई जिसमें सैकेडो की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया ।वही बांके  बिहारी मंदिर में भी भगवान  का आकर्षक श्रृगार किया गया । 
             विवेकानंद कालोनी स्थित उमापति महादेव मंदिर में भी श्रावण सोमवार के दिन भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया तथा पण्डित प्रदीप भट्ट द्वारा भोलनाथ की आकर्षक झांकी  के दर्शनों के लिये सांयंकाल बडी संख्या में श्रद्धालुजनों ने भाग लिया । इस अवसर पर मनोज भाटी, पण्डित द्विजेंद्र व्यास सहित बडी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे । महा मंगल आरती के बाद यहां भी साबुदाना खिंचडी प्रसादी के रूप  में वितरित की गई ।

छोटा तालाब स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर श्रावण सोमवार- mankamneshwar mahadev mandir jhabua
मनकामेश्वर महादेव मंदिर
श्रावण सोमवार विवेकानंद कालोनी स्थित उमापति महादेव मंदिर-umapati mahadev mandir jhabua
उमापति महादेव मंदिर
श्रावण सोमवार तारकेश्वर महादेव मंदिर- tarkeshwar mahadev mandir jhabua
तारकेश्वर महादेव मंदिर

श्रावण सोमवार महादेव मंदिर मेघनगर - mahadev mandir meghnagar
महादेव मंदिर मेघनगर 
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पेटलावद-nilkantheshwar mahadev mandir petlawad
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पेटलावद
शिव मंदिर कल्याणपुरा -shiv-mandir-kalyanpura
शिव मंदिर कल्याणपुरा 
श्रावण सोमवार बड़केश्वर महादेव झाबुआ-badkeshwar-mahadev-mandir jhabua
बड़केश्वर महादेव  झाबुआ

झाबुआ। देश की जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स रजिस्ट्री ने झाबुआ की पारंपरिक प्रजाति के कड़कनाथ मुर्गे को लेकर सूबे के दावे पर मंजूरी की मुहर लगा दी है. करीब साढ़े छह साल की लंबी जद्दोजहद के बाद झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस के नाम भौगोलिक पहचान (जीआई) का चिह्न पंजीकृत किया गया है. इस निशान के लिए सहकारी सोसायटी कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) के स्थापित संगठन ग्रामीण विकास ट्रस्ट के झाबुआ स्थित केंद्र ने आवेदन किया था. जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स रजिस्ट्री की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 'मांस उत्पाद तथा पोल्ट्री एवं पोल्ट्री मीट की श्रेणी' में किये गये इस आवेदन को 30 जुलाई को मंजूर कर लिया गया है. यानी झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस के नाम जीआई तमगा पंजीकृत हो गया है.  
jhabua-famous-kadaknath-breed-of-chickens-झाबुआ कड़कनाथ मुर्गे को मिला जीआई टैग
           यह जीआई पंजीयन सात फरवरी 2022 तक वैध रहेगा. ग्रामीण विकास ट्रस्ट के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक महेंद्र सिंह राठौर ने इसकी तसदीक की. उन्होंने बताया, हमारी अर्जी पर झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस के नाम जीआई चिन्ह का पंजीयन हो गया है. हमें इसकी औपचारिक सूचना मिल चुकी है.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी जिले को पहचान 

       झाबुआ मूल के कड़कनाथ मुर्गे को स्थानीय जुबान में कालामासी कहा जाता है. इसकी त्वचा और पंखों से लेकर मांस तक का रंग काला होता है. कड़कनाथ के मांस में दूसरी प्रजातियों के चिकन के मुकाबले चर्बी और कोलेस्ट्रॉल काफी कम होता है. झाबुआवंशी मुर्गे के गोश्त में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है. कड़कनाथ चिकन की मांग इसलिए भी बढ़ती जा रही है, क्योंकि इसमें अलग स्वाद के साथ औषधीय गुण भी होते हैं. कड़कनाथ प्रजाति के जीवित पक्षी, इसके अंडे और इसका मांस दूसरी कुक्कुट प्रजातियों के मुकाबले काफी महंगी दरों पर बिकता है.
       झाबुआ की गैर सरकारी संस्था ने आठ फरवरी 2012 को कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस को लेकर जीआई प्रमाणपत्र की अर्जी दी थी. लंबी जद्दोजहद के बाद इस अर्जी पर अंतिम फैसला हो पाता, इससे पहले ही एक निजी कंपनी यह दावा करते करते हुए जीआई तमगे की जंग में कूद गयी थी कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मुर्गे की इस प्रजाति को अनोखे ढंग से पालकर संरक्षित किया जा रहा है. हालांकि, जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स रजिस्ट्री ने झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस को लेकर मध्यप्रदेश का दावा मार्च में शुरुआती तौर पर मंजूर कर लिया था और अपनी भौगोलिक उपदर्शन पत्रिका में इस बारे में विज्ञापन भी प्रकाशित किया था. इसके बाद पड़ोसी छत्तीसगढ़ ने इस प्रजाति के लजीज मांस को लेकर जीआई प्रमाणपत्र हासिल करने की जंग में कदम पीछे खींच लिये थे.
कड़कनाथ मुर्गे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी पहचान मिलेगी
जीआई रजिस्ट्रेशन का चिन्ह विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले ऐसे उत्पादों को दिया जाता है जो अनूठी खासियत रखते हों. अब जीआई चिन्ह के कारण कड़कनाथ चिकन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी पहचान मिलेगी एवं  इसके निर्यात के रास्ते खुल जायेंगे. इस चिन्ह के कारण झाबुआ के कड़कनाथ चिकन के ग्राहकों को इस मांस की गुणवत्ता का भरोसा मिलेगा. इस मांस के उत्पादकों को नक्कालों के खिलाफ पुख्ता कानूनी संरक्षण भी हासिल होगा.
भोपाल में कड़कनाथ एप लांच किया गया
         चेन्नई जीआई रजिस्ट्रेशन के दफ्तर से खबर मिलते ही भोपाल में एप लांच किया गया। गुरुवार को सहकारिता विभाग की प्रमुख सचिव रेणु पंत झाबुआ पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कड़कनाथ मुर्गे के पालन और खरीद-फरोख्त के कारोबार से जुड़ी सहकारी समितियों के लिए मप्र कड़कनाथ मोबाइल एप तैयार किया है। एप में झाबुआ, आलीराजपुर और देवास जिले की कड़कनाथ मुर्गा पालन के लिए काम कर रही चार सहकारी समितियों सहित 20 से ज्यादा संस्थाओं की जानकारी दी गई है।

      विभागीय राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने इसे लोकार्पित करते हुए बताया कि एप समितियों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा, जो उन्हें आधुनिक बाजार की सुविधा देगा। एप के मेन्यू में क्लिक करने पर समिति का ईमेल, फोन नंबर और उत्पादन की जानकारी मिल जाएगी। इसमें मांग और पूछताछ का विकल्प भी दिया गया है। एप के जरिए कोई भी व्यक्ति समितियों के पास उपलब्ध कड़कनाथ मुर्गा खरीदने के लिए ऑनलाइन मांग कर सकता है। भविष्य में ऑनलाइन ऑर्डर के साथ होम डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

kadaknath-breed-android-app-download-jhabua-famous-kadaknath-breed-of-chickens-झाबुआ कड़कनाथ मुर्गे को मिला जीआई टैग

झाबुआ का “गर्व” और “काला सोना” भी कहा जाता है
जनजातीय लोगों में इस मुर्गे को ज्यादातर “बलि” के लिये पाला जाता है, दीपावली के बाद, त्योहार आदि पर देवी को बलि चढाने के लिये इसका उपयोग किया जाता है । इसकी खासियत यह है कि इसका खून और माँस काले रंग का होता है । लेकिन यह मुर्गा दरअसल अपने स्वाद और औषधीय गुणों के लिये अधिक मशहूर है । 
         कड़कनाथ भारत का एकमात्र काले माँस वाला चिकन है । झाबुआ में इसका प्रचलित नाम है “कालामासी”। आदिवासियों, भील, भिलालों में इसके लोकप्रिय होने का मुख्य कारण है इसका स्थानीय परिस्थितियों से घुल-मिल जाना, उसकी “मीट” क्वालिटी और वजन । शोध के अनुसार इसके मीट में सफ़ेद चिकन के मुकाबले “कोलेस्ट्रॊल” का स्तर कम होता है, “अमीनो एसिड” का स्तर ज्यादा होता है । यह कामोत्तेजक होता है और औषधि के रूप में “नर्वस डिसऑर्डर” को ठीक करने में काम आता है । कड़कनाथ के रक्त में कई बीमारियों को ठीक करने के गुण पाये गये हैं, लेकिन आमतौर पर यह पुरुष हारमोन को बढावा देने वाला और उत्तेजक माना जाता है ।
         इस प्रजाति के घटने का एक कारण यह भी है कि आदिवासी लोग इसे व्यावसायिक तौर पर नहीं पालते, बल्कि अपने स्वतः के उपयोग हेतु पाँच से तीस की संख्या के बीच घर के पिछवाडे में पाल लेते हैं । सरकारी तौर पर इसके पोल्ट्री फ़ॉर्म तैयार करने के लिये कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है, इसलिये इनके संरक्षण की समस्या आ रही है । 
ये है कड़कनाथ मुर्गे के गुण 
  • प्रोटीन और लौह तत्व की मात्रा – 25.7%, मुर्गे का बीस हफ़्ते की उम्र में वजन – 920 ग्राम
  • मुर्गे की “सेक्सुअल मेच्युरिटी” – 180 दिन की उम्र में मुर्गी का वार्षिक अंडा उत्पादन – 105 से 110 (मतलब हर तीन दिन में एक अंडा) । 
  • कड़कनाथ के मांस में 25 से 27 प्रतिशत प्रोटीन होता है, जबकि अन्य मुर्गों में केवल 16 से 17 प्रतिशत ही प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा, कड़कनाथ में लगभग एक प्रतिशत चर्बी होती है, जबकि अन्य मुर्गों में 5 से 6 प्रतिशत चर्बी रहती है.
  •  कड़कनाथ 500 रुपए से लेकर 1500 रुपए किलो तक बिकता है.  वही एक अंडे की कीमत 20 से 50 रूपए तक होती है.
  • कड़कनाथ के एक किलोग्राम के मांस में कॉलेस्ट्राल की मात्रा करीब 184 एमजी होती है, जबकि अन्य मुर्गों में करीब 214 एमजी प्रति किलोग्राम होती है. 
  • इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और फैट की मात्रा न के बराबर पाई जाती है. यह विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, कैल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन से भरपूर होता है. यह अन्य मुर्गो की तुलना में लाभकारी है. इसका रक्त, हड्डियां और सम्पूर्ण शरीर काला होता है.
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आशा न्यूज़ समाचार पत्र के शुरुवात पर हार्दिक बधाई , शुभकामनाये !!!!- निर्मला भूरिया , पुर्व विधायक

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मुझे झाबुआ आये कुछ ही समय हुआ है , अभी पिछले सप्ताह ही एक शासकीय स्कूल में भारी अनियमितता की जानकारी मुझे आशा न्यूज़ द्वारा मिली थी तब सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित कर पुरे मामले को संज्ञान में लेने का निर्देश दिया गया था समाचार पत्रो का कर्त्तव्य आशा न्यूज़ द्वारा भली भाति निर्वहन किया जा रहा है निश्चित है की भविष्य में यह आशा न्यूज़ जिले के लिए अहम कड़ी बनकर उभरेगा !!- डॉ अरुणा गुप्ता , पूर्व कलेक्टर झाबुआ

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