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1 26 january 1 abvp 40 Administrative 1 b4 cinema 1 balaji dhaam 1 bhagoria 1 bhagoria festival jhabua 2 bjp 1 cinema hall jhabua 20 city 15 crime 18 cultural 34 education 2 election 12 events 12 Exclusive 1 Famous Place 6 gopal mandir jhabua 15 Health and Medical 69 jhabua 4 jhabua crime 1 Jhabua History 1 matangi 3 Movie Review 5 MPPSC 1 National Body Building Championship India 4 photo gallery 14 politics 2 ram sharnam jhabua 44 religious 5 religious place 2 Road Accident 3 sd academy 60 social 13 sports 1 tourist place 13 Video 1 Visiting Place 11 Women Jhabua 2 अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन 1 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 1 अंगूरी बनी अंगारा 1 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 14 अपराध 1 अल्प विराम कार्यक्रम 6 अवैध शराब 1 आदित्य पंचोली 1 आदिवासी गुड़िया 1 आरटीओं 1 आलेख 1 आवंला नवमी 3 आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट 1 ईद 1 उत्कृष्ट सड़क 19 ऋषभदेव बावन जिनालय 3 एकात्म यात्रा 2 एमपी पीएससी 1 कलाल समाज 1 कलावती भूरिया 3 कलेक्टर 14 कांग्रेस 6 कांतिलाल भूरिया 1 कार्तिक पूर्णिमा 2 किन्नर सम्मेलन 2 कृषि 1 कृषि महोत्सव 3 कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ 1 केरोसीन 2 क्रिकेट टूर्नामेंट 4 खबरे अब तक 1 खेडापति हनुमान मंदिर 15 खेल 1 गडवाड़ा 1 गणगौर पर्व 1 गर्मी 1 गल पर्व 6 गायत्री शक्तिपीठ 2 गुड़िया कला झाबुआ 1 गोपाल पुरस्कार 4 गोपाल मंदिर झाबुआ 1 गोपाष्टमी 1 गोपेश्वर महादेव 12 घटनाए 1 चक्काजाम 2 जनसुनवाई 1 जय आदिवासी युवा संगठन 5 जय बजरंग व्यायाम शाला 1 जयस 6 जिला चिकित्सालय 2 जिला जेल 2 जिला विकलांग केन्द्र झाबुआ 1 जीवन ज्योति हॉस्पिटल 8 जैन मुनि 6 जैन सोश्यल गुुप 1 झकनावदा 66 झाबुआ 1 झाबुआ इतिहास 1 झाबुआ का राजा 3 झाबुआ पर्व 9 झाबुआ पुलिस 1 झूलेलाल जयंती 1 तुलसी विवाह 5 थांदला 3 दशहरा 1 दस्तक अभियान 1 दिल से कार्यक्रम 3 दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि 1 दीपावली 2 देवझिरी 33 धार्मिक 5 धार्मिक स्थल 6 नगरपालिका परिषद झाबुआ 5 नवरात्री 4 नवरात्री चल समारोह 3 नि:शुल्क स्वास्थ्य मेगा शिविर 1 निर्वाचन आयोग 4 परिवहन विभाग 1 पर्यटन स्थल 2 पल्स पोलियो अभियान 5 पारा 1 पावर लिफ्टिंग 13 पेटलावद 1 प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय 3 प्रतियोगी परीक्षा 1 प्रधानमंत्री आवास योजना 26 प्रशासनिक 1 बजरंग दल 1 बाल कल्याण समिति 1 बेटी बचाओं अभियान 2 बोहरा समाज 1 ब्लू व्हेल गेम 1 भगोरिया पर्व 1 भगोरिया मेला 3 भगौरिया पर्व 1 भजन संध्या 1 भर्ती 2 भागवत कथा 22 भाजपा 1 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान 1 भारतीय जैन संगठना 3 भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 1 भावांतर योजना 2 मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग 1 मल्टीप्लेक्स सिनेमा 2 महाशिवरात्रि 1 महिला आयोग 1 महिला एवं बाल विकास विभाग 1 मिशन इन्द्रधनुष 1 मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना 2 मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चोहान 8 मुस्लिम समाज 1 मुहर्रम 3 मूवी रिव्यु 6 मेघनगर 1 मेरे दीनदयाल सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता 2 मोड़ ब्राह्मण समाज 1 मोदी मोहल्ला 1 मोहनखेड़ा 1 यातायात 1 रंगपुरा 2 राजगढ़ 9 राजनेतिक 8 राजवाडा चौक 9 रानापुर 5 रामशंकर चंचल 1 रामा 1 रायपुरिया 1 राष्ट्रीय एकता दिवस 2 राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशीप 4 राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना 1 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण 1 रोग निदान 2 रोजगार मेला 12 रोटरी क्लब 2 लक्ष्मीनगर विकास समिति 1 लाडली शिक्षा पर्व 2 वनवासी कल्याण परिषद 1 वरदान नर्सिंग होम 1 वाटसएप 1 विधायक 4 विधायक शांतिलाल बिलवाल 1 विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस 2 विश्व विकलांग दिवस 2 विश्व हिन्दू परिषद 1 वेलेंटाईन डे 3 व्यापारी प्रीमियर लीग 1 शरद पूर्णिमा 5 शासकीय महाविद्यालय झाबुआ 31 शिक्षा 1 श्रद्धांजलि सभा 3 श्री गौड़ी पार्श्वनाथ जैन मंदिर 7 सकल व्यापारी संघ 2 सत्यसाई सेवा समिति 1 संपादकीय 2 सर्वब्राह्मण समाज 3 साज रंग झाबुआ 29 सामाजिक 1 सारंगी 10 सांस्कृतिक 1 सिंधी समाज 1 सीपीसीटी परीक्षा 3 स्थापना दिवस 2 स्वच्छ भारत मिशन 4 हज 3 हजरत दीदार शाह वली 5 हाथीपावा 1 हिन्दू नववर्ष 5 होली झाबुआ
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श्री वाडी हनुमान मंदिर में धूमधाम से आयोजित हुआ हनुमान जयंती महोत्सव        
झाबुआ। प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर नगर के मध्य स्थित चमत्कारिक श्री वाडी हनुमान मंदिर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी हनुमान जयंति महोत्सव धूमधाम व श्रद्धाभक्ति के साथ मनाया गया।  प्रातः काल से देर रात्रि तक धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहा । प्रातः जहां सूरज की पहली किरण के साथ भगवान बजरंगबली के प्राकट्योत्सव को धुमधाम से महा मंगल आरती के साथ मनाया गया तथा दर्शनार्थियों को प्रसादी का वितरण किया गया वही दिन में नाम जपके साथ ही सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। 19 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 6 बजे जन्मोत्सव आरती हुई। हनुमान जन्मोत्सव को लेकर बुधवार को ही संपूर्ण तैयारियां पूर्ण कर ली गई। मंदिर पुजारी नित्यप्रकाश चौहान व व्यवस्थापक गोपाल नीमा, प्रवीण चौहान, अशोक सिन्हा, मनोज सोनी आदि ने बताया कि हनुमान जयंति को लेकर मंदिर में भगवान की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर पूरे मंदिर में आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है।
               सायंकाल हनुमानजी की आरती का अभिनव आयोजन गाजे बाजे के साथ किया गया । इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से सवा पांच क्विंटल साबुदाना खिचडी के अलावा पंचप्रकारी प्रसादी का वितरण देर रात्री तक किया गया । पूरे मंदिर को आकर्षक रोशनाई से सजाया गया । रात्री मे मंदिर की अनुपम छटा को निहारने के लिये भी दर्शनार्थियों का तांता उमडा। 

झाबुआ हनुमान जयंती महोत्सव: पंचकुंडीय मारुति यज्ञ के साथ हुआ अनुष्ठान-Hanuman-Jayanti-Jhabua-
हनुमान टेकरी पर आयोजित हुआ भव्य समारोह
हनुमान टेकरी के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को लेकर चल रहीं श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर सेवा समिति, हनुमान टेकरी पर प्रतिवर्ष भव्य स्तर पर हनुमान जयंती को समारोहपूर्वक मनाती रहीें है । नगर की जनता के भरपूर सहयोग से इस वर्ष भी 18 व 19 अप्रैल को दो दिवसीय समारोह हनुमान जयंती के उपलक्ष में समिति द्वारा भव्य स्तर पर मनाया गया ।
     दो दिवसीय हनुमान जयंती महोत्सव पर  18  अप्रैल गुरुवार को प्रातः 06 बजे से सायं 06 बजें तक अखण्ड़ श्री राम नाम जाप, सायं 07 बजे प्रश्न मंच प्रतियोगिता (सुंदरकांड़ पर आधारित) रात्रि 09 बजें भजन संध्या , रात्रि 12 बजे से सुंदरकांड़ व रात्रि जागरण का आयोजन किया गया ।
        इसी तरह हनुमान जयंती पर प्रातः 06 बजे जन्मोत्सव आरती, प्रातः 07 बजे श्री पंचकुंड़ीय मारूती यज्ञ, दोप. 12 बजे महाआरती, दोप. 12:30 बजे से सायं 05 बजे तक अन्नकूट प्रसादी भंड़ारा व सायं 07 बजे नृत्य प्रतियोगिता (धार्मिक गीत व भजनों पर आधारित) आदि आयोजन हुए. प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बड़ी संख्या में भक्तो ने मोहत्सव में हिस्सा लेकर आयोजन को सफल बनाया  ।

झाबुआ हनुमान जयंती महोत्सव: पंचकुंडीय मारुति यज्ञ के साथ हुआ अनुष्ठान-Hanuman-Jayanti-Jhabua-
श्री बालाजी धाम कृषि विभाग में धूमधाम से मनी हनुमान जयन्ती 
श्री सिद्धपीठ बालाजी धाम समिति द्वारा तीन दिवसीय हनुमान जयन्ती महोत्सव स्थानीय कृषि विभाग स्थित बालाजी धाम पर बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया । समिति के राकेश त्रिवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रात:काल से ही महोत्सव को लेकर उत्साह का वातावरण व्याप्त रहा । 
झाबुआ हनुमान जयंती महोत्सव: पंचकुंडीय मारुति यज्ञ के साथ हुआ अनुष्ठान-Hanuman-Jayanti-Jhabua-           महोत्सव के पहले दिन 17 अप्रेल बुधवार को प्रातः 10 बजे से गन्ने के रस के साथ धर्माचार्यो द्वारा लघुरूद्र का आयोजन किया गया , अगले दिन 18 अप्रेल गुरूवार को प्रातः 10 बजे से लाभार्थी नीरज राठौर द्वारा मारूति यज्ञ का आयोजन किया गया , तत्पश्चात सायंकाल 5 बजे से समूह एवं एकल भजन प्रतियोगिता का आयोजन सोलंकी कंस्ट्रक्षन एंड सप्लायर्स लाखनसिंह सोलंकी के सौजन्य से आयोजित किया गया, जिसमें समूह भजन में प्रथम पुरस्कार 5555 रुपये द्वितीय पुरस्कार 3333 रुपये एवं तृतीय पुरस्कार 1111 रुपये प्रदान किये गए इसी तरह एकल भजन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 1500 रु. द्वितीय पुरस्कार 1000 एवं तृतीय पुरस्कार 500 रुये प्रदान किये गए।  19 अप्रैल शुक्रवार को हनुमान जयंती के अवसर पर प्रातः 6 बजे जन्मोत्सव आरती एवं दोपहर 12 बजे महाआरती की गयी तथा दोपहर 12 बजे से भंडारा एवं भजन आर्केष्ट्रा का आयोजन किया गया.  आयोजन में समाज के सभी सदस्यों ने बढ चढकर भाग लिया । 
                पूरे मंदिर को आकर्षक रूप से बिजली के बल्बो से आलोकित किया गया , समूचे मंदिर प्रांगण को फूलमालाओं से सुसज्जित किया गया । अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी के अनुसार इस आयोजन में सभी सदस्यों एवं भक्तो सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ तथा नगर के अलावा बाहर के भक्तो ने भी इस धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की । 

झाबुआ। झाबुआ का राजा ग्रुप (जेकेआर) द्वारा शहर के सभी सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के साथ मिलकर 6 अप्रेल को हिन्दू नववर्ष गुड़ी पड़वा पर्व पर मातृ शक्ति वाहन रैली निकाली जाएगी। वाहन रैली में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल होने के साथ इस दौरान उनके द्वारा मतदाता जागरूकता का भी संदे दिया जाएगा। शाम 7.30 बजे से कस्तूरबा मार्ग में कवि सम्मेलन का आयोजन रखा गया है। यह जानकारी देते हुए जेकेआर ग्रुप के संयोजक जितेन्द्र पंचाल ने बताया कि वाहन रैली की शुरूआत सुबह 10 बजे से पैलेस गार्डन से होगी। वाहनों पर सवार सभी महिलाएं साफा पहने रहेगी। साथ ही उनके हाथों में भगवा ध्वज भी रहेंगे। सबसे पीछे पुरूष वर्ग एक-जैसी वेभूषा में चलेगा। यह वाहन रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समापन कस्तूरबा मार्ग में होगा। जहां भारत माता की आरती का आयोजन होगा। 
कवि सम्मेलन में जिले के कवि बांधेंगे समां
शाम 7.30 बजे से आयोजित कवि सम्मेलन में जिले के प्रख्यात साहित्यकार और कवियों में डॉ. रामशंकर चंचल पं. गणेशप्रसाद उपाध्याय, विरेन्द्र मोदी, भेरूसिंह चौहान ‘तरंग’, प्रदीप अरोड़ा, प्रवीण सोनी ‘पुष्प’, तुषार राठौड़ एवं सुरेश समीर आदि द्वारा देशभक्ति और धर्म पर केंद्रित रचनाओ  का पाठ किया जाएगा।



झाबुआ । मकर संक्राति के पावन अवसर पर मंगलवार को राजवाडा चौक पर हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा समिति द्वारा आयोजित भजन संध्या श्याम महा कीर्तन एवं ज्योति दर्शन के  कार्यक्रम में नगर सहित बाहर से पधारे  श्रद्धालुओं ने रात्री 3 बजे तक खाटूवाले श्याम के दर्शन वंदन के लिये एकत्रित होकर अपनी आस्था एवं भक्ति को प्रवाहित किया । रात्री 9 बजे से राजवाडा चौक पर भव्य पाण्डाल पर श्री खाटूश्याम की मनोहारी झांकी सजाई गई जिसमें अलौकिक ज्योति प्रज्वलित की गई । हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने  ज्योति के दर्शन कर अपनी आहूतिया अर्पित की । भजन गायिक सोनल शर्मा ने म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ  आओ जी गजानन आओ’’ से  कीर्तन की प्रस्तुति दी  । वही उन्होने हनुमानजी का भजन एक बार तो हाथ उठाओं मेरे हनुमान के लिये तथा जब से थारे  से हुई मलाकात सावरे की प्रस्त्रुति दी वही दुर्गा गामड राजगढ ने नैनो की सूरतिया बहुत सतावेरे आल्यू आवे रे भजन से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया । वही लक्ष्मी नारायण कुमावत इन्दौर द्वारा ’’ सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आये है  तथा बाबा का दरबार सुहाना लगता है भक्तो का दिल दीवाना लगता है- जैसे भजनों से दर्शकों को थिरकने को मजबुर किया ।  
          समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में  विशेष रूप  से विधायक गुमानसिंह डामोर, नगरपालिका अध्यक्षा श्रीमती मन्नुबेन डोडियार, जिला भाजपाध्यक्ष ओम शर्मा सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे । भजन गायक बंटी सोनी के  मंच पर पहूंचते ही नगर की विभिन्न संस्थाओ की ओर उनका स्वागत किया गया । बण्टी सोनी ने अपने  भजनों की प्रस्तुति देते हुए  जग घुमिया थारे जेसा न कोई, तथा हारे का सहारा आजा’’ जैसे भजन प्रस्तुत करके लोगों को नाचने एवं झुमने को मजबुर कर दिया । बंटी सोनी द्वारा एक से बढ कर एक भजनों की प्रस्तुति रात्री 3 बजे तक दी गई । 
     पूरे  पाण्डाल में इत्र , केशर एवं पुष्पो की वर्षा की गई । वही बंटी सोनी द्वारा होली गीत प्रस्तुत किये गये जिस पर पुरूष , महिलाओ , युवकों एवं बच्चों ने जमकर गुलाल रंग उडा कर अपनी आस्था व्यक्त की । उनका भजन महाभारत में आपने कृष्ण को शिश का दान किया- प्रस्तुत करके सभी को नमन करने का बाध्य कर दिया । कान्हा आयेगा, बाबा आयेगा, सच्चे मन से उसे पुकारा रूक नही पायेगा भजन पर सभी नाचने लगें । उनकी भजन प्रस्तुति इतनी कृपा सांवरे बनाये रखना...मरते दम तक सेवा मे लगाये रखना.. कोई्र नही आता मेरा श्याम आता है, मेरे दुख के समय  में वो बडे काम आते है.... बांस की बासूरिया पे घणो इतरावे कई सोना हीरा मोतिया की होती तो जाने कई करतो भजन पर श्रद्धालु थिरकने को बाध्य हो गये । महिलाओ ने जहां उनके भजनों पर गरबा रास खेला वही आदिवासी गीत काका बाबा नो पोरिया पर भी उन्होने  भजन देकर खुब नचाया । 
      बंटी सोनी ने खाटू श्याम के चमत्कार एवं अवतरण की कथा सुनाते हुए कहा कि मेरे खाटू के दरबार में  हाजरी लगाने वाला कैसा भी हो उसका दुख दूर होता ही है  । उनकी भजन रचना पति के नाम कुर्बान हो जाये वो औरत, दुनिया मे अपना नाम अमर कर जाये वह औरत ने सभी की आंखे नम कर दी । उन्होने अन्तिम भजन प्रस्तुत करते हुए कहा कि जो भी गया खाटू उसका काम बन गया, निराशा ओर दुख दर्द से छूटकारा मिल गया ।
अन्त मे सभी श्रद्धालुओं को खाटू श्याम की ज्योति के पवित्र काजल एवं पुष्पों का वितरण किया गया तथा अर्पित की गई छप्पन भोग की प्रसादी का वितरण किया गया ।







मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भगवत से बढ़कर कोई साधन नहीं है- पण्डित लोकेशानंद

झाबुआ । नगर की धर्मधरा पर भागवताचार्य पण्डित लोकेशानंद शास्त्री के श्रीमुख से 26 दिसंबर बुधवार से 1 जनवरी तक होने वाली श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्री कालिकामाता मंदिर परिसर से श्री शिरडी साई मंदिर परिसर स्थित भागवत कथा स्थल तक बेंडबाजों के साथ विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया । ठा. मनोहरसिंह राठौर, दिलीपसिंह वर्मा एवं सुश्री रूकमणी वर्मा परिवार के सौजन्य से आयोजित भागवत कथा के प्रथम दिन निकाली गई कलश यात्रा का पूरे मार्ग पर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया । कथास्थल पर यात्रा पहूंचने के बाद श्रीमद भागवत कथा का श्रुभारंभ वैदिक मंत्रों से भागवत पूजन के साथ प्रारंभ हुआ । 
         संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के माहत्म्य को बताते पण्डित लोकेशानंद शास्त्री ने कहा कि सच्चिदानंदस्वरुप भगवान श्रीकृष्ण को हम नमस्कार करते हैं जो जगत की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश के हेतु तथा आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक ,तीनों प्रकार के तापों का नाश करने वाले हैं। कहते हैं कि अनेक पुराणों और महाभारत की रचना के उपरान्त भी भगवान व्यास जी को परितोष नहीं हुआ। परम आल्हाद तो उनको श्रीमद् भागवत की रचना के पश्चात् ही हुआ, कारण कि भगवान श्रीकृष्ण इसके कुशल कर्णधार हैं, जो इस असार संसार सागर से वर्तमान में सुख-शांति पूर्वक पार करने के लिए सुदृढ़ नौका के समान हैं। यह श्रीमद् भागवत ग्रन्थ प्रेमाश्रुसक्ति नेत्र, गदगद कंठ, द्रवित चित्त एवं भाव समाधि निमग्न परम रसज्ञ श्रीशुकदेव जी के मुख से उद्गीत हुआ। सम्पूर्ण सिद्धांतो का निष्कर्ष यह ग्रन्थ जन्म व मृत्यु के भय का नाश कर देता है, भक्ति के प्रवाह को बढ़ाता है तथा भगवान श्रीकृष्ण की प्रसन्नता का प्रधान साधन है। 
       मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भगवत से बढ़कर कोई साधन नहीं है। यह श्रीमद् भागवत कथा देवताओं को भी दुर्लभ है तभी परीक्षित जी की सभा में शुकदेव जी ने कथामृत के बदले में अमृत कलश नहीं लिया। ब्रह्माजी ने सत्यलोक में तराजू बाँध कर जब सब साधनों, व्रत, यज्ञ, ध्यान, तप, मूर्तिपूजा आदि को तोला तो सभी साधन तोल में हल्के पड़ गए और अपने महत्व के कारण भागवत ही सबसे भारी रहा। अपनी लीला समाप्त करके जब श्री भगवान निज धाम को जाने के लिए उद्यत हुए तो सभी भक्त गणों ने प्रार्थना कि- हम आपके बिना कैसे रहेंगे तब श्री भगवान ने कहा कि वे श्रीमद् भगवत में समाए हैं। यह ग्रन्थ शाश्वत उन्हीं का स्वरुप है।
       पठन-पाठन व श्रवण से तत्काल मोक्ष देने वाले इस महाग्रंथ को सप्ताह-विधि से श्रवण करने पर यह निश्चय ही भक्ति प्रदान करता है। पण्डित लोकेशानन्द ने कहा कि भागवतकथा श्रवण से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मनुष्य को नियमित रूप से कथा का श्रवण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से प्रभु की भक्ति करने वाला मनुष्य जीवन में दुख नहीं पाता है और मनुष्य को प्रतिदिन कुछ समय भजन के लिए निकालना चाहिए। कथा के माहत्म्य को सुनाते हुए उन्होने कहा कि भागवत कथा मन कोशांकति देने वाली तथा समाज के लिये क्रांति देने वाली है। मानव के पूण्यकर्मो से भागवत कथा के श्रवण एवं आयोजन का लाभ मिलता है । आत्मा को परमात्मा से एकाकार करने वाली सिर्फ भागवत कथा होती है । भागवत का अर्थ बताते हुए उन्होने कहा कि ’भा’ अर्थात  भगवान,’ग’ अर्थात गहन’, ब अर्थात वाणी एवं त अर्थात तारण होता है। मीरा ने स्वयं ही अपनी वाणी से भगवान का सानिध्य प्राप्त किया था । भागवत इह लोक एवं परलोक के झंझावातों से दूर करने वाली भगवान  के साक्षात स्वरूप् का प्रतिबिंब है।
कथा के प्रथम दिन बडी संख्या में श्रद्धालुजन एवं एक ही ड्रेस कोड में महिलायें कथा श्रवण हेतु उपस्थिसत रही । कथा के माहत्म्य के बाद प्रथम दिन की कथा का विराम हुआ तथा भागवत जी की आरती के बाद प्रसादी का वितरण हुआ ।


देश के प्रसिद्ध ज्योतिषियों ने हस्तरेखा, जन्म कुंडली, पत्रिका और कर्म कांड के आधार पर किया लोगों की समस्याओं का समाधानझाबुआ सहित रानापुर, मेघनगर और आलीराजपुर, जोबट के भी 375 लोगों ने निःशुल्क ज्योतिष परामर्श शिविर का लिया लाभ

झाबुआ। ज्योतिष शिक्षण जन कल्याण समिति रतलाम के सहयोग से आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट झाबुआ द्वारा शहर में पहली बार 16 दिसंबर, रविवार को स्थानीय सिद्धेष्वर कॉलोनी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में निःशुल्क ज्योतिष परामर्ष शिविर का आयोजन किया गया, जो काफी सफल रहा। शिविर में झाबुआ ही नहीं अपितु आसपास के क्षेत्रों रानापुर, मेघनगर यहां तक की आलीराजपुर और जोबट से भी लोग पहुंचे और उन्होंने देष के ख्यातनाम ज्योतिषियों को गृह जीवन, वैवाहिक जीवन, व्यापार संबंधी, नौकरी संबंधी, बच्चों की पढ़ाई  सहित दैनिक जीवन की अन्य कई तरह की समस्याओं और दिक्कतों को बताकर समाधान पाएं। ज्योतिषियों द्वारा सुखमय एवं आनंदमय जीवनयापन हेतु शिविरार्थियों को आवष्यक उपाय, सलाह और परामर्श भी प्रदान किया गया। शिविर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चला। इस दौरान 375 लोगों ने इसका लाभ लिया।  
     निर्धारित कार्यक्रम के तहत शिविर स्थल पर रविवार को सुबह 9.30 बजे सभी ज्योतिषियों का आगमन हुआ। उनका मातृ शक्ति में ट्रस्ट की आजीवन अध्यक्ष श्रीमती वंदना व्यास, सीमा चौहान, सुशीला भट्ट, कुंता सोनी, राजकुमारी देषलहरा, लीना नागर, मंजुला देराश्री, पवित्रा भावसार, श्रीमती शर्मा आदि द्वारा अक्षत-कुमकुम से तिलक लगाकर स्वागत किया गया। बाद पधारे सभी अतिथि ज्योतिषाचार्यों के साथ ट्रस्ट के मेनेजिंग ट्रस्टी यशवंत भंडारी, संस्थापक अध्यक्ष राजेश नागर, वरिष्ठ सदस्य अशोक शर्मा, डॉ. पीठके पाठक, शिविर के सूत्रधार एवं आसरा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पं. द्विजेन्द्र व्यास, परामर्षदाता सुधीरसिंह कुशवाह, सेवा प्रकल्प अध्यक्ष रविराजसिंह राठौर आदि द्वारा मां सरस्वतीजी के चित्र पर पूजन, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर शिविर का शुभारंभ किया गया। बाद शिविर आरंभ हुआ।
10 कक्षों में किया गया लोगों की समस्याओं का समाधान
शिविर स्थल आदर्ष विद्या मंदिर में ज्योतिषो के बैठने के लिए अलग-अलग कक्षों में व्यवस्था की गई। जिसमें विशेष सहयोग स्कूल के संचालक सुरेशचन्द्र जैन एवं स्टॉफ का रहा। कुल 10 कक्षा में प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री बजरंग गिरीजी रतलाम जन्म कुंडली, श्री योगेशजी आसरा अहमदबाद (गुजरात) जन्म पत्रिका, श्रीमती संगीतादेवी भट्ट पिपलौदा, डॉ. विनीता नागर उज्जैन हस्तरेखा जन्म पत्रिका, श्री पुष्पेन्द्र आचार्य जन्म पत्रिका वास्तु, श्री जीवन पाठक जन्म पत्रिका कर्म कांड विशेषज्ञ, पं. जितेन्द्र नागर सैलाना जन्म पत्रिका, पं. वैद्य़ धर्मेन्द्र व्यास अंक ज्योतिष, जन्म पत्रिका एवं श्री रमेश पंड्या राजौद, वस्तु विशेषज्ञ पंचागकर्ता ने कक्षों में उनके पास आने वाले शिविरार्थियों की समस्याएं एवं परेशानी जानकर उनका समाधान किया।  
आवष्यक उपाय बताने के साथ दिया विशेष परामर्श 
शिविर में लोगों को कक्षों में प्रवेश उनके पूर्व में किए गए पंजीयन के आधार पर दिया गया। शिविरार्थियों ने अलग-अलग ज्योतिषियों को अपनी दैनिक जीवन की समस्याओं, गृह जीवन में कलेश, परिवार में सुख-शांति की कमी, वैवाहिक जीवन में तरह-तरह की कठिनाईयां, बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगना, गृह-नक्षत्र दोष आदि की जानकारी देने के बाद ज्योतिषाचार्यों से उनके सफल समाधान एवं इस हेतु आवष्यक उपाय बताएं। साथ ही लोगों को आवष्यक परामर्ष भी प्रदान किया।
375 लोगों ने लिया लाभ
यह शिविर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक चला। जिसमें झाबुआ के अलावा रानापुर, मेघनगर यहां तक की जोबट और आलीराजपुर से भी लोग ज्योतिष शिविर आयोजन के बारे में जानकारी मिलने पर आवष्यक परामर्श एवं सलाह लेने शिविर स्थल पर पहुंचे। शिविर में पंजीयन का कार्य ट्रस्ट की मातृ शक्ति ने किया एवं कक्षों में प्रवेश पर अपनी सराहनीय सेवाएं ट्रस्ट की ओर सेवा प्रकल्प सचिव सुनिल चौहान, सत्यम् भट्ट, सुधीर रूनवाल, दौलत गोलानी, अतिशय देशलहरा, घनष्याम भाटी, पं, द्विजेन्द्र व्यास, पं. जैमिनी शुक्ल आदि द्वारा दी गई। 
सभी ज्योतिषाचार्यों का किया गया सम्मान
शिविर के बीच में दोपहर 2 बजे सभी ज्योतिषाचार्यों के सम्मान समारोह का आयोजन रखा गया। जिसका संचालन ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य विरेन्द्रसिंह ठाकुर ने किया। इस अवसर पर सभी ज्योतिषाचार्यों का सम्मान ट्रस्ट के मेनेजिंग ट्रस्टी यशवंत भंडारी, संस्थापक अध्यक्ष राजेश नागर की उपस्थिति में ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी-सदस्यों के साथ महिलाओं द्वारा करते हुए उन्हें शाल-ओढ़कार श्रीफल प्रदान किए गए। साथ ही स्मृति चिन्ह एवं ट्रस्ट की ओर से सहयोग राशि भी भेंट की गई। इस अवसर पर उक्त आयोजन के सूत्रधार मप्र ज्योतिष संघ के जिलाध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पं. द्विजेन्द्र व्यास एवं आदर्ष विद्या मंदिर के संचालक सुरेशचन्द्र जैन का भी विशेष सम्मान हुआ। शिविर के अंत में पधारे सभी ज्योतिषाचार्यों के प्रति आभार आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष राजेश नागर एवं सेवा प्रकल्प सचिव सुनिल चौहान ने माना।


झाबुआ। परमपूज्य पूण्य सम्राट आचार्य देवेश श्रीमदविजय जयंतसेन सूरिश्वरजी मसा के पट्टधर आचार्य देवेश श्रीमदविजय जसरत्नसूरिश्वरजी मसा आदि ठाणा का झाबुआ नगर में शुक्रवार को भव्य मंगल प्रवेश होगा । इस अवसर पर विशाल शोभा यात्रा एवं धर्मसभा का आयोजन किया गया हे। श्री संघ प्रवक्ता डा. प्रदीप संघवी ने बताया कि पूज्य आचार्य देवेश देवझिरी से प्रातः विहार करते हुए पधारेगें एवं कालिका माता मंदिर परिसर से पूज्य महाराजश्री का मंगल प्रवेश प्रातः 9-30 बजे से मंगल प्रवेश प्रारंभ होगा जो  नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए स्थानीय जेन तीर्थ बावन जिनालय पहूंचेगा । जहां पर विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया है । धर्मसभा के बाद साधर्मी वात्सल्य का आयोजन भी किया गया है । 
श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता,  बाबुलाल कोठारी, सुभाष कोठारी, राजा रुनवाल, जितेन्द्र जैन, राजेश महेता, अंतिम जैन, उल्लास जैन,  रिंकू रूनवाल मुकेश लोढा, आदि ने समाजजनों से इस भव्य कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पधारने की अपील की है ।

श्रीमदविजय जसरत्नसूरिष्वरजी का मंगल प्रवेश, निकलेगी शोभायात्रा होगी विशाल धर्मसभा

नवमी महाआरती में समाजसेवी श्री राजेंद्र सिंह नायक एवं हितेश पडियार ने लिया लाभ

मेघनगर।  नवमी नवरात्रि के आखिरी दिन पूजी जाती हैं। मां सिद्धिदात्री, भगवान शिव भी करते हैं । इनकी उपासना नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह मां दुर्गा का नवां रूप है।नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। यह मां दुर्गा का नवां रूप हैं।
कौन हैं मां सिद्धिदात्री
भगवान शिव ने मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही आठ सिद्धियों को प्राप्त किया था. इन सिद्धियों में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व शामिल हैं। इन्हीं माता की वजह से भगवान शिव को अर्द्धनारीश्वर नाम मिला, क्योंकि सिद्धिदात्री के कारण ही शिव जी का आधा शरीर देवी का बना। हिमाचल का नंदा पर्वत इनका प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। मान्यता है कि जिस प्रकार इस देवी की कृपा से भगवान शिव को आठ सिद्धियों की प्राप्ति हुई ठीक उसी तरह इनकी उपासना करने से बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है।
मां सिद्धिदात्री का रूप
कमल पर विराजमान चार भुजाओं वाली मां सिद्धिदात्री लाल साड़ी में लिपटी होती हैं।इनके चारों हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा और कमल रहता है। सिर पर ऊंचा सा मुकूट और चेहरे पर मंद मुस्कान ही मां सिद्धिदात्री की पहचान है।
मां की भक्ति में रात भर डूबे रहे श्रद्धालु नम आंखों से दी मां दुर्गा को विदाई
नवरात्रि के अंतिम दिवस नवमी के पावन अवसर पर रात्रि 9 बजे 108 दीपक की मां सिद्धिदात्री की महाआरती समाजसेवी श्री राजेंद्र सिंह नायक एवं हितेश पडियार द्वारा की गई। उसके तत्पश्चात मां की भक्ति में नन्ही मुन्नी बालिकाओं द्वारा आरती थाली सजा कर लाने पर सभी बालिकाओं को समाजसेवी  राजेंद्र सिंह नायक व हितेश पडियार द्वरा उत्साह वर्धन करते हुए सोलह सिंगार देकर पुरस्कृत किया। तत्पश्चात ऑर्केस्ट्रा ग्रुप द्वारा माता भजन तूने मुझे बुलाया शेरावालिए की शानदार प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात श्री गणेश के साथ गरबा प्रारंभ किया गया ।गरबे में एक से बढ़कर एक प्रस्तुति उत्सव समिति गरबा पांडाल में गुजरात अहमदाबाद से पधारे आर्केस्ट्रा ग्रुप द्वारा गरबा गायन, ढोली तारो ढोल बाजे,मानी मारा मदिरिया मा, तू तो काली रे कल्याणी मां ,गरबो पर भक्त थिरकते नजर आए।  
        उत्सव समिति भव्य गरबा पांडाल में विशेष अतिथि के रूप में श्री बृजेश (चुन्नू ) शर्मा, समाज सेवी राजेन्द्र सिंह नायक (राजू भैया ) प्रफुल्ल गादीया , पुरुषोत्तम प्रजापत, ओपी राय, भूपेश, प्रितेश भानपुरिया, इंदौर से आमन्त्रित अतिथि  रक्षा शुक्ला गौरव,दिलीप नायक,बाहदुर नायक, दिलीप कटारा,रुस्तम चरपोटा, रोटरी क्लब अपना मेघनगर की समस्त टीम माँ के प्रांगण में शिरकत की ।रोटरी क्लब अपना द्वारा उत्सव नवरात्रि उत्सव को शानदार गरबा कराने पर मंदिर के महंत 108 बद्री दास महाराज उत्सव समिति के अध्यक्ष निलेश भानपुरिया एवं नवरात्रि के अध्यक्ष श्रीमती मेंनाबेन केवट को रोटरी अलंकरण देकर सर्वश्रेष्ठ गरबा करवाने पर सम्मानित भी किया गया। आस्था के इस विशाल केंद्र में मां भक्तों ने  माँ सिद्धिदात्री की आराधना गरबा खेल उपवास रखकर की रतिचौका की सुबह कब हुई पता ही नहीं लगा । एक बार फिर नगर की धार्मिक जनता ने  सिद्ध कर दिया की मां की भक्ति का कोई अंत नहीं।





महागौरी की पूजा अर्चना से सारे कष्टों का होता है निवारण - समाजसेवी श्री सुरेश चंद पूरणमल जैन

मेघनगर।  नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा की जाती है। जिसमे विशेष महत्व के साथ आठवें दिन मां महागौरी, और नौवे दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है नवमी को मां की पूजा और हवन आदि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि में नवमी की पूजा का अलग महत्व होता है। मां दुर्गा की भक्ति से भरी अराधना आपके जीवन की हर मनोकामना पूरी करती है। और आपको धनधान्य से युक्त बनाती है। इसी तारतम्य में अष्टमी के महा आयोजन में प्रादेशिक समाजसेवी श्री सुरेशचंद  जैन श्रीमती सीमा जैन, पुत्र जैकी जैन एवं पुत्री पूजा जैन व पूरा परिवार शंकर मंदिर उत्सव समिति का पांडाल में महागौरी की पूजा अर्चना में पहुंचा। 
       रात्रि 9 बजे 108 दीपक की भव्य महाआरती आयोजित की गई। जिसमें सुरेशचंद्र जैन परिवार के साथ प्रादेशिक समाजसेवी श्री राजेंद्र सिंह नायक( राजू भैया ) भी पीछे नहीं रहे उन्होंने भी मां की आराधना में अपना समय बिताया । उत्सव समिति द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान माताजी का गमछा डाल कर किया गया तत्पश्चात श्री जैन द्वारा उत्सव समिति पांडाल के भव्य आयोजन एवं सुंदरता की तारीफ की गई। बालिकाओ द्वरा 108 दीपक की थाली सजाकर लाने पर प्रतियेक बालिकाओ को उत्साहवर्धन हेतु पारितोषिक वितरण किया गया। अष्ठमी के गरबो का श्री गणेश स्तुति कर प्रांरभ किया गया । 
अष्ठमी आयोजन में इन समाजसेवियों ने की शिरकत
मां की आराधना में शंकर मंदिर उत्सव पांडाल में समाजसेवी मोहन लाल मालवीय ,राजेश , जगदीश पंडित, समाज सेवी कल सिंह भाभर, समाजसेविका सुशीला भाभर, आरती भानपुरिया, गणेश महिला मंडल,  प्रमोद कुमार तोषनीवाल, भरत मिस्त्री , महेश प्रजापत, डॉ लक्ष्मीकांत सोनी ,प्रितेश भानपुरिया, सचीन प्रजापत, सचिन पाँचाल,  भय्यू बैरागी, भूपेश भानपुरिया व हिंदू रक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक धर्मेंद्र मौर्य, प्रांजल मिस्त्री, अर्जुन डामोर सहित कई मां भक्त माता जी का आशीर्वाद लेने एवं गरबा खेलने के लिए गरबा पांडाल में उपस्थित रहे ।अष्टमी पर प्रभावना श्री पप्पू भैया मित्र मंडल द्वारा दी गई अल्पाहार  के लाभार्थी डॉक्टर किशोर नायक एवं टीम रही देर रात तक चलता रहा । जिसमें मां भक्तों ने आशीर्वाद का सरोवर किया। विशेष पूजा के जरिए मां महागोरी से भक्तो ने सौभाग्य और सुख की कामना पूजा की।



अहमदाबाद के गरबा दल, मुबई की ढोल ताषा पार्टी रही विशेष आकर्षण  

झाबुआ ।   नवरात्री पर्व के प्रथम दिन  राजवाडा मित्र मंडल द्वारा माता रानी की स्थापना के पावन अवसर पर श्री देवधर्मराज मंदिर राजवाडा चौक से माताजी को आकर्षक रथ में बिराजित करके भव्य शोभायात्रा निकाली गई । राजवाडा चौक पर मुबई विले पार्ले से आया साई माउंली दल का 51 सदस्यीय ढोल संगीत के समुह ने जहां अपनी अनोखी शैली से शोभायात्रा मे  चार चांद लगा दिये वही अहमदाबाद गुजरात का 50 सदस्यों का गरबा दल जिसमें बालिकायें एक ड्रेस कोड में आकर्षक गरबों की प्रस्तुति दे रही थी, ने शोभायात्रा को चार चांद लगा दिये वही झाबुआ कर्राटे एसोसिएशन की  40 से अधिक बालिकाओ द्वारा अपने  करतब दिखा कर नारी सशक्तिकरण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया । 
       मां दुर्गाजी को रथ में बिराजित कर बेंड बाजों एवं ढोल ताशो की संगीतमय निर्झरिणी में  राजवाडा चौक, नेहरू मार्ग, गोवर्धननाथ मंदिर, आजाद चौक, बाबेल चौराहा, थांदला गेट, छत्री चौक बस स्टेंड से होते हुए थांदलागेट ,रूनवाल बाजार, बावन जिनालय जैन मंदिर ,लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए शोभायात्रा श्री देवधर्मराज मंदिर पहूंची जहां मातारानी की मंत्रोच्चार के साथ स्थापना की जाकर महा मंगल आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया । पूरे शोभायात्रा मार्ग में जगह जगह पुष्पवर्षा करके तथा आयोजकों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया ।
राजवाडा मित्र मंडल के गोपाल नीमा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरी शोभायात्रा में नगर के सभी वर्गो एव समाजों के गणमान्यजनों ने भाग लिया । शोभायात्रा में विद्याराम शर्मा, भेरूलाल पोरवाल, हस्तीमल संघवी, विमल कांठी, बृजेंन्द्र शर्मा चुन्नु,  देवेन्द्रसिंह चौहान, अजय सोनी,   ओपी राय, ओमप्रकाश शर्मा, जितेन्द्र पटेल, लाखन सोलंकी,  संजय कटकानी, उमंग सक्सेना, नीरजसिंह राठौर, कमलेश पटेल, सुशील शर्मा, सूर्या कांठी,गोपाल नीमा,मजुलता देराश्री, दीपा सोनी, भावना सोलंकी, तोशी चौहान, ज्योति पोरवाल,मोना सोनी, वर्षा सोलंकी, शशिकाला दुबे, श्रीमती भावसार, अंजु्र सोनी सहित बडी संख्या में नगर के गणमान्यजनों ने भाग लिया ।

आचार संहिता के चलते रात्री 9 बजे से शुरू होगें गरबें 

    गोपाल नीमा ने आगे बताया कि दोपहर मे राजगढ नाका मित्र मंडल द्वारा निकाले गये भव्य चल समारोह में देश के कोने कोन से आए कलाकारों एवं अतिथियों एवं 19 दलों के सदस्यो  का पुष्पमालाओं एवं प्रतिक चिन्ह देकर स्वागत किया गया । उन्होने  बताया कि चुनावी आदर्श आचार संहित लागू होने के कारण नवरात्री में राजवाडा चौक पर गरबों का आयोजन रात्री 9 बजे से किसी भी हालत में प्रारंभ कर दिया जावेगा तथा आचार संहिता का पूरा पालन करते हुए प्रशासन को यथेष्ठ सहयोग दिया जावेगा ।








जैन धर्म भक्त नही वरन भगवान बनने की कला सिखाता है

भगवान महावीर के जयकारों से नगर हुआ भक्तिमय

झाबुआ । श्री दिगंबर जैन समाज के श्री शांतिनाथ जिनालय में इन दिन तप,धर्म एवं ज्ञान की गंगा प्रवाहित हो रही है । समाज के आशीष डोसी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिगंबर जैन समाज के चातुर्मास के साथ ही पवित्र पर्यूषण पर्व भादो शुक्ल पंचमी से प्रारंभ होकर चतुर्दशी तक चल रहे हे । जिसके तहत मंदिरजी पर पर्व का प्रतिदिन आयोजन हो रहा है । प्रतिदिन भगवानजी की प्रतिमाओं का सूर्योदय के साथ ही  मंत्रोच्चार के साथ पुरुष वर्ग द्वारा पावन अभिषेक करते हुए शांतिधारा अनुष्ठान किया जा रहा है । तत्पश्चात विधान पूजन बाहर से पधारे हुए पण्डितजी मुकेश शांस्त्री के मार्गदर्शन में किये जाने के साथ ही महिलाये एवं पुरूष वर्ग हर्षोल्लास के साथ धार्मिक अनुष्ठान एवं कार्यक्रमों मे बडी संख्या मे सहभागी हो रहे है । भक्ति भावना के साथ पर्व के दौरान रात्रि को संगीतमय आरती और तत्पश्चात पण्डित जी द्वारा धर्म के 10 लक्षणपर्व पर विशद विवेचना की जारही है । इस अवसर पर प्रतिदिन बच्चों द्वारा भी धर्माधारित कार्यक्रम प्रस्तुत कर नैतिक एवं धार्मिक संस्कार का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया जारहा है । इसी कडी में स्थानीय श्री चन्द्रप्रभू नसियाजी में प्रतिदिन भगवानजी का अभिषेक, शातिधारा एवं पूजन का आयोजन किया जारहा है । 
           समाज की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती पुष्पा विजय शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यूषण पर्व के छठवें दिन संयम धर्म की पूजा विधि विधान से  मंदिरजी एवं नसियाजी में की गई । सुगध दशमी का पर्व समाजजनों ने पूरी भक्ति भावना के साथ मनाया । उक्त पर्व  जीवन के  दुष्कर्मों को जला कर धूपसी महक लाने की शिक्षा देता है । इसी कडी में श्री शांतिनाथ मंदिर एवं नसियाजी मंदिर में सायंकाल 5 बजे से सामूहिक धुप खेने का कार्यक्रम आयोजित किया गया तत्पश्चात आरती एवं भक्ति का आयोजन हुआ । 
            इस अवसर पर विशाल चल समारोह निकाला गया जिसमे अहिंसा परमा धर्म... जैनम जयति शासनम, महावीर स्वामी की जय जय कार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया । चल समारोह मंदिर जी से नसिया तक पहूंचा जहां धुप खेने के बाद  चन्द्रप्रभू चालिसा एवं महा मंगल आरती की गई । उक्त पर्व आत्मा की शक्ति द्वारा आत्मा को प्राप्त कर स्वयं में लीन हो जाने का संदेश देता है । जैन धर्म में बताये गये आठ कर्म को नष्ट कर मौक्ष प्राप्ति का मार्ग प्राप्त करना ही मुख्य लक्ष्य होता है । इन कर्मो को अग्नि में जला कर भस्म कर आत्मसात होने  के लिये  जैन धर्म में सुगंध दशमी को एक पर्व के रूप  में हर्षोल्लास के साथ समग्र समाज ने भक्ति भाव से मनाया । जैन धर्म भक्त नही वरन भगवान बनने की कला सिखाता है । प्रतिदिन दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजनों में समग्र समाज के श्रावक श्राविकाये भक्ति भावना के साथ सहभागी हो रहे  है ।


झाबुआ । नगर के हृदय स्थल थांदला गेट पर रिद्धी सिद्धी सहित बिराजित भगवान चिंतामण गणेशजी के मंदिर पर गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन सैकडो की संख्या में दर्शनार्थियो द्वारा पहूंच कर दर्शन वंदन किया जा रहा है । गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन यहां रात्री 8 बजे से महाआरती विभिन्न लाभार्थियों द्वारा उतारी जाकर प्रसादी का वितरण किया जा रहा है ।  
       रविवार की रात्री को भरत बाबेल एवं जितेन्द्र बाबेल द्वारा महाआरती का लाभ लिया गया । आरती के पूर्व पूरा मंदिर गणपति बप्पा मोरिया.... तथा गणेशजी के जय जय कारों से गुजित हो उठा । विधि विधान से पूजारी सारोलकर द्वारा आरती सम्पन्न कराई गई । इस अवसर पर मुंबई से आया सवा किलो का लड्डू श्री गणेशजी को अर्पित किया गया । महाआरती में नगर के गणमान्य जनों के अलावा बडी संख्या में श्रद्धाल्रुजन शामील हुए । 

श्रावण की फुहारो के बीच निकला आकर्षक चल समारोह, नगर हुआ धर्ममय

झाबुआ । शेषावतार  श्री कल्लाजी महाराज का जन्मोत्सव स्थानीय कल्लाजी धाम शक्तिपीठ गोविंद नगर पर धुमधाम से मनाया गया । प्रातःकाल से ही यहां दूर दूर से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था । शुभ मुहर्त में प्रातः 9 बजे कल्लाजी महाराज एवं बिराजित प्रतिमाओं का  विधि विधान के साथ अभिषेक किया गया । बडी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर कल्लाजी की दीव्य प्रतिमा के दर्शन वंदन किये । पूरे  मंदिर को पुष्पमालाओं एवं सजावटी सामग्री से सजाया गया । कल्लाजी महाराज की प्रतिमा का आकर्षक श्रृंगार किया गया । प्रातः 11-30 बजे से  कल्लाजी धाम से  रथ मे बिराजित कल्लाजी महाराज की प्रतिमा एवं गादीपति संतोष गेहलोत की भव्य शोभा यात्रा निकली । शोभायात्रा में राजपुती आनबान के गणवेश में श्रद्धालुजन एवं युवा वर्ग चल रहे थे । वही महिलायें भी रंग बिरंगी पोशाकों में जुलुस में शामील हुई । कल्लाजी के जय जय कारों के साथ शोभायात्रा बेंड बाजो, ताशों पुष्पवर्षा कर रही तोप एवं कडाबिन के साथ शुरू हुई । महिलाये एवं पुरूषों ने हर चौराहों पर गरबा नृत्य प्रस्त्रुत करें अपनी धार्मिक भावना उण्डेली । राजवाडा चौक पर शोभायात्रा का विभिन्न समाजजनों की और से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया । लक्ष्मीबाई मार्ग से होते हुए  जुलुस बस स्टेंड चौराहे पर पहूंचा जहां बालिकाओ  एवं महिलाओं ने धार्मिक धुनों पर नृत्य किया । युवा भी गरबा रास मे शामील हुए । वहां से थांदला गेट होते हुए मेन बाजार , आजाद चौक, गोवर्धननाथ मंदिर से होकर कल्लाजी धाम पर समापन हुई जहां महा मंगल आरती की गई।   
        दोपहर 2-30 बजे से श्री कल्लाजी के दरबार में आयोजित गादी में बडी संख्या में लोगों की समस्याओं एवं परेशानियों का निवारण गादीपति संतोष गेहलोत के माध्यम से हुआ । प्रत्येक श्रद्धाल्रु को कल्लाजी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ । गादीपति संतोष गेहलोत ने कल्लाजी के बारे में बताते हुए कहा कि  कल्लाजी महाराज की छवि लोकदेवता जैसी बन गयी है। कल्ला जी राठौड़ ऐसे ही एक महामानव थे। उनका जन्म मेड़ता राजपरिवार में आश्विन शुक्ल 8, विक्रम संवत 1601 को हुआ था। इनके पिता मेड़ता के राव जयमल के छोटे भाई आसासिंह थे। भक्तिमती मीराबाई इनकी बुआ थीं। कल्ला जी की रुचि बचपन से सामान्य शिक्षा के साथ ही योगाभ्यास, औषध विज्ञान तथा शस्त्र संचालन में भी थी। प्रसिद्ध योगी भैरवनाथ से इन्होंने योग की शिक्षा पायी। इसी समय मुगल आक्रमणकारी अकबर ने मेड़ता पर हमला किया। राव जयमल के नेतृत्व में आसासिंह तथा कल्ला जी ने अकबर का डटकर मुकाबला किया पर सफलता न मिलते देख राव जयमल अपने परिवार सहित घेरेबन्दी से निकल कर चित्तौड़ पहुँच गये। 
         राणा उदयसिंह ने उनका स्वागत कर उन्हें बदनौर की जागीर प्रदान की। कल्ला जी को रणढालपुर की जागीर देकर गुजरात की सीमा से लगे क्षेत्र का रक्षक नियुक्त किया। कुछ समय बाद कल्ला जी का विवाह शिवगढ़ के राव कृष्णदास की पुत्री कृष्णा से तय हुआ। द्वाराचार के समय जब उनकी सास आरती उतार रही थी, तभी राणा उदयसिंह का सन्देश मिला कि अकबर ने चित्तौड़ पर हमला कर दिया है, अतः तुरन्त सेना सहित वहाँ पहुँचें। कल्ला जी ने विवाह की औपचारिकता पूरी की तथा पत्नी से शीघ्र लौटने को कहकर चित्तौड़ कूच कर दिया। महाराणा ने जयमल को सेनापति नियुक्त किया था। अकबर की सेना ने चित्तौड़ को चारों ओर से घेर लिया था। मेवाड़ी वीर किले से निकलकर हमला करते और शत्रुओं को हानि पहुँचाकर फिर किले में आ जाते। कई दिनों के संघर्ष के बाद जब क्षत्रिय वीरों की संख्या बहुत कम रह गयी, तो सेनापति जयमल ने निश्चय किया कि अब अन्तिम संघर्ष का समय आ गया है। उन्होंने सभी सैनिकों को केसरिया बाना पहनने का निर्देश दिया। इस सन्देश का अर्थ स्पष्ट था। 23 फरवरी, 1568 की रात में चित्तौड़ के किले में उपस्थित सभी क्षत्राणियों ने जौहर किया और अगले दिन 24 फरवरी को मेवाड़ी वीर किले के द्वार खोल कर भूखे सिंह की भाँति मुगल सेना पर टूट पड़े। भीषण युद्ध होने लगा। राठौड़ जयमल के पाँव में गोली लगी। उनकी युद्ध करने की तीव्र इच्छा थी पर उनसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था। कल्ला जी ने यह देखकर जयमल के दोनों हाथों में तलवार देकर उन्हें अपने कन्धे पर  बैठा लिया। इसके बाद कल्ला जी ने अपने दोनों हाथों में भी तलवारें ले लीं।
          चारों ओर तलवारें बिजली की गति से चलने लगीं। मुगल लाशों से धरती पट गयी। अकबर ने यह देखा, तो उसे लगा कि दो सिर और चार हाथ वाला कोई देवता युद्ध कर रहा है। युद्ध में वे दोनों बुरी तरह घायल हो गये। कल्ला जी ने जयमल को नीचे उतारकर उनकी चिकित्सा करनी चाही पर इसी समय एक शत्रु सैनिक ने पीछे से हमला कर उनका सिर काट दिया। सिर कटने के बाद के बाद भी उनका धड़ बहुत देर तक युद्ध करता रहा। इस युद्ध के बाद कल्ला जी का दो सिर और चार हाथ वाला रूप जन-जन में लोकप्रिय हो गया। आज भी लोकदेवता के रूप में चित्तौड़गढ़ में भैंरोपाल पर उनकी छतरी बनी है।


झाबुआ। शनिवार को शनिचरी हरियाली अमावस्या इस बार बन रहा है सावन, शनिवार और हरियाली अमावस्या का अदभुद संयोग में नगर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्रद्धालुजनों द्वारा इस पर्व को मनाया गया । सावन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या का अत्यंत शुभ संयोग होने से मंदिरों एवं देवालयो, शिवालयों में हरियाली से आच्छादित झांकिया बनाई गई तथा भगवान के झुलों के दर्शन एवं झांकियों को निहारने के लिये श्रद्धालुओं का तांता लग गया। इस बार ये अमावस्या अश्लेषा नक्षत्र में आई जिसका व्यातिपात योग अत्याधिक शुभ माना गया। 
       स्थानीय स्वर्णकार समाज के राधाकृष्ण मार्ग स्थित  भगवान श्री सत्यनारायण जी के मंदिर को हरियाली से आच्छादित आकर्षक झांकी समाज के अध्यक्ष चेतन सोनी के मार्गदर्शन में  लगाई गई । रात्री आठ बजे स्वर्णकार समाज की महिलाओं ने भजन कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किये । मंदिर में भगवान लड्डू गोपाल का झुला, एवं शंकर भगवान की झांकी भी श्रद्धाल्रुओं के लिये आकर्षण का केन्द्र रही । धडी घण्टालों के साथ महा आरती में बडी संख्या में समाजजनो एवं नगर के श्रद्धालुओं ने  भाग लिया तथा प्रसादी का वितरण किया गया ।
       भगवान गोवर्धननाथजी की हवेली में भी हरियाली अमावस्या के शुभ अवसर पर भगवान गोवर्धननाथ जी का आकर्षक हरियाली से आच्छादित फुलों का झुला पण्डित  दिलीप आचार्य के नेतृत्व में बनाया गया । सायंकाल 7-30 बजे से भगवान के कपाट खुलते ही सैकडो की संख्या में महिला एवं पुरूष श्रद्धालुओं ने भगवान को मत्थ टेक कर दर्शन लाभ लिया ति एकटक भगवान की मनोहारी छबि को निहारते रहें। इस अवसर पर पण्डित रमेश त्रिवेदी एवं उनकी टीम द्वारा परम्परागत झुला गीतों की संगीतमयी प्रस्तुति से पूरा वातावरण प्रभूमय हो गया ।
     नीमा समाज के श्री चारभूजा नाथ मंदिर पर भी हरियाली अमावस्या पर भगवान का हरे वस्त्रो से आकर्षक श्रृंगार किया गया  पण्डित विश्वनाथ शुक्ला द्वारा भगवान बालगोपाल का हरियाली से आच्छादित झुला आकर्षण का केन्द्र बना रहा जहां महिलाओं ने  भ्रवान लड्डू गोपाल को झुला झुला कर अपने आपको धन्य महसूस किया । भगवान चारभुजानाथ की महा मंगल आरती में बडी संख्या में समाजजनों सहित बडी संख्या में महिलाओं ने दर्शनलाभ प्राप्त कर भगवान को नमन किया । प्रसादी वितरण भी किया गया ।
     श्री राधकृष्ण सरकार के मंदिर में भी भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक एवं सुंदर झांकी महन्त मनोज बैरागी द्वारा सजाई गई । हरियाली अमावस्या पर बडी संख्या में श्रद्धाल्रुओं ने दर्शनलाभ प्राप्त किये। विवेकानंद कालोनी स्थित उमापति महादेव मंदिर पर भी हरियाली से आच्छादित भगवान भोलेनाथ की सुंदर झांकी लगाई गई । पण्डित प्रदीप भट्ट द्वारा हरियाली से  भगवान के मंदिर में सजावट आकर्षण का केन्द्र रही । भगवान की रात्री 7-30 बजे संपन्न आरती में बडी संख्या में  श्रद्धालुओ ने  भाग लिया तथा इस अवसर पर दुग्ध प्रसादी का वितरण किया गया ।
नगर के सभी देवालयों एवं शिवालयों मे शनिश्चरी हरियाली अमावस्या के अवसर पर झांकिया लगाई गई तथा सायंकाल मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा । शश्चिरी हरियाली अमावस्या पर कई जगहों पर पौधारोपण भी किया गया ।


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जिले में समाचार पत्रो की भरमार है , सच को जनता के सामने लाना और समाज के विकास में योगदान समाचार पत्रो का प्रथम ध्येय होना चाहिए ... उम्मीद करते है की आशा न्यूज़ सच की कसौटी और समाज के उत्थान में एक अहम कड़ी बनकर उभरेगा - कांतिलाल भूरिया , सांसद

आशा न्यूज़ से में फेसबुक के माध्यम से लम्बे समय से जुड़ा हुआ हूँ , प्रकाशित खबरे निश्चित ही सच की कसौटी ओर आमजन के विकास के बीच एक अहम कड़ी है , आशा न्यूज़ की पूरी टीम बधाई की पात्र है .- शांतिलाल बिलवाल , विधायक झाबुआ

आशा न्यूज़ चैनल की शुरुवात पर बधाई , कुछ समय पूर्व प्रकाशित एक अंक पड़ा था तीखे तेवर , निडर पत्रकारिता इस न्यूज़ चैनल की प्रथम प्राथमिकता है जो प्रकाशित उस अंक में मुझे प्रतीत हुआ , नई शुरुवात के लिए बधाई और शुभकामनाये.- कलावती भूरिया , जिला पंचायत अध्यक्ष

मुझे झाबुआ आये कुछ ही समय हुआ है , अभी पिछले सप्ताह ही एक शासकीय स्कूल में भारी अनियमितता की जानकारी मुझे आशा न्यूज़ द्वारा मिली थी तब सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित कर पुरे मामले को संज्ञान में लेने का निर्देश दिया गया था समाचार पत्रो का कर्त्तव्य आशा न्यूज़ द्वारा भली भाति निर्वहन किया जा रहा है निश्चित है की भविष्य में यह आशा न्यूज़ जिले के लिए अहम कड़ी बनकर उभरेगा !!- डॉ अरुणा गुप्ता , पूर्व कलेक्टर झाबुआ

Congratulations on the beginning of Asha Newspaper .... Sharp frown, fearless Journalism first Priority of the Newspaper . The Entire Team Deserves Congratulations... & heartly Best Wishes- कृष्णा वेणी देसावतु , पूर्व एसपी झाबुआ

आशा न्यूज़ का ताजा प्रकाशित अंक मैंने दो तीन पहले ही पड़ा था आशा न्यूज़ पर प्रकाशित खबरों की सामग्री अद्भुत है , समाज के हर एक पहलु धर्म , अपराध , राजनीती जैसी हर श्रेणी की खबरों को इस समाचार पत्र में बखूबी प्रस्तुत किया गया है जो पाठको और समाज के हर वर्ग के लोगो के लिए नितांत आवश्यक है , समाचार पत्र की नयी शुरुवात लिए बधाई !!- रचना भदौरिया , एडिशनल एसपी झाबुआ

महज़ ३ वर्ष के अल्प समय में आशा न्यूज़ समूचे प्रदेश का उभरता और अग्रणी समाचार पत्र के रूप में आम जन के सामने है , मुद्दा चाहे सामाजिक ,राजनैतिक , प्रशासनिक कुछ भी हो, हर एक खबर का पूरा कवरेज और सच को सामने लाने की अतुल्य क्षमता निश्चित ही आगामी दिनों में इस आशा न्यूज़ के लिए एक वरदान साबित होगी, संपादक और पूरी टीम को हृदय से आभार और शुभकामनाएँ !!- संजीव दुबे , निदेशक एसडी एकेडमी झाबुआ

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