Articles by "Health and Medical"

1 26 january 1 abvp 52 Administrative 1 b4 cinema 1 balaji dhaam 1 bhagoria 1 bhagoria festival jhabua 2 bjp 1 cinema hall jhabua 35 city 16 crime 22 cultural 37 education 2 election 15 events 14 Exclusive 2 Famous Place 6 gopal mandir jhabua 17 Health and Medical 91 jhabua 5 jhabua crime 1 Jhabua History 1 matangi 3 Movie Review 5 MPPSC 1 National Body Building Championship India 4 photo gallery 19 politics 2 ram sharnam jhabua 57 religious 5 religious place 2 Road Accident 3 sd academy 72 social 13 sports 2 tourist place 13 Video 2 Visiting Place 11 Women Jhabua 2 अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन 1 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 1 अंगूरी बनी अंगारा 1 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 15 अपराध 1 अल्प विराम कार्यक्रम 6 अवैध शराब 1 आदित्य पंचोली 1 आदिवासी गुड़िया 1 आरटीओं 1 आलेख 1 आवंला नवमी 4 आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट 1 ईद 1 उत्कृष्ट सड़क 23 ऋषभदेव बावन जिनालय 3 एकात्म यात्रा 2 एमपी पीएससी 1 कलाल समाज 1 कलावती भूरिया 3 कलेक्टर 15 कांग्रेस 6 कांतिलाल भूरिया 1 कार्तिक पूर्णिमा 2 किन्नर सम्मेलन 2 कृषि 1 कृषि महोत्सव 3 कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ 1 केरोसीन 2 क्रिकेट टूर्नामेंट 4 खबरे अब तक 1 खेडापति हनुमान मंदिर 15 खेल 1 गडवाड़ा 1 गणगौर पर्व 1 गर्मी 1 गल पर्व 8 गायत्री शक्तिपीठ 2 गुड़िया कला झाबुआ 1 गोपाल पुरस्कार 4 गोपाल मंदिर झाबुआ 1 गोपाष्टमी 1 गोपेश्वर महादेव 14 घटनाए 1 चक्काजाम 4 जनसुनवाई 1 जय आदिवासी युवा संगठन 5 जय बजरंग व्यायाम शाला 1 जयस 7 जिला चिकित्सालय 3 जिला जेल 3 जिला विकलांग केन्द्र झाबुआ 1 जीवन ज्योति हॉस्पिटल 9 जैन मुनि 7 जैन सोश्यल गुुप 2 झकनावदा 96 झाबुआ 1 झाबुआ इतिहास 2 झाबुआ का राजा 3 झाबुआ पर्व 10 झाबुआ पुलिस 1 झूलेलाल जयंती 1 तुलसी विवाह 6 थांदला 3 दशहरा 1 दस्तक अभियान 1 दिल से कार्यक्रम 3 दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि 1 दीपावली 3 देवझिरी 47 धार्मिक 5 धार्मिक स्थल 10 नगरपालिका परिषद झाबुआ 5 नवरात्री 4 नवरात्री चल समारोह 4 नि:शुल्क स्वास्थ्य मेगा शिविर 1 निर्वाचन आयोग 6 परिवहन विभाग 2 पर्यटन स्थल 3 पल्स पोलियो अभियान 8 पारा 1 पावर लिफ्टिंग 16 पेटलावद 1 प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय 3 प्रतियोगी परीक्षा 1 प्रधानमंत्री आवास योजना 37 प्रशासनिक 1 बजरंग दल 2 बाल कल्याण समिति 1 बेटी बचाओं अभियान 2 बोहरा समाज 1 ब्लू व्हेल गेम 1 भगोरिया पर्व 1 भगोरिया मेला 3 भगौरिया पर्व 1 भजन संध्या 1 भर्ती 2 भागवत कथा 30 भाजपा 1 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान 1 भारतीय जैन संगठना 3 भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 1 भावांतर योजना 2 मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग 1 मल्टीप्लेक्स सिनेमा 2 महाशिवरात्रि 1 महिला आयोग 1 महिला एवं बाल विकास विभाग 1 मिशन इन्द्रधनुष 1 मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना 2 मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चोहान 9 मुस्लिम समाज 1 मुहर्रम 3 मूवी रिव्यु 8 मेघनगर 1 मेरे दीनदयाल सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता 2 मोड़ ब्राह्मण समाज 1 मोदी मोहल्ला 1 मोहनखेड़ा 3 यातायात 1 रक्तदान 1 रंगपुरा 2 राजगढ़ 13 राजनेतिक 9 राजवाडा चौक 11 राणापुर 5 रामशंकर चंचल 1 रामा 2 रायपुरिया 1 राष्ट्रीय एकता दिवस 2 राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशीप 4 राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना 1 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण 1 रोग निदान 3 रोजगार मेला 16 रोटरी क्लब 2 लक्ष्मीनगर विकास समिति 1 लाडली शिक्षा पर्व 2 वनवासी कल्याण परिषद 1 वरदान नर्सिंग होम 1 वाटसएप 1 विधायक 4 विधायक शांतिलाल बिलवाल 1 विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस 2 विश्व विकलांग दिवस 2 विश्व हिन्दू परिषद 1 वेलेंटाईन डे 3 व्यापारी प्रीमियर लीग 1 शरद पूर्णिमा 5 शासकीय महाविद्यालय झाबुआ 34 शिक्षा 1 श्रद्धांजलि सभा 3 श्री गौड़ी पार्श्वनाथ जैन मंदिर 11 सकल व्यापारी संघ 2 सत्यसाई सेवा समिति 1 संपादकीय 2 सर्वब्राह्मण समाज 4 साज रंग झाबुआ 40 सामाजिक 1 सारंगी 14 सांस्कृतिक 1 सिंधी समाज 1 सीपीसीटी परीक्षा 3 स्थापना दिवस 4 स्वच्छ भारत मिशन 5 हज 3 हजरत दीदार शाह वली 7 हाथीपावा 1 हिन्दू नववर्ष 5 होली झाबुआ
Showing posts with label Health and Medical. Show all posts

झाबुआ। रोटरी क्लब ‘मेन’ झाबुआ द्वारा अपने एक बड़े स्थायी प्रकल्प के रूप में 12 जून, बुधवार को दोपहर 11 बजे स्थानीय सिद्धेष्वर कॉलोनी स्थित रोटरी सदन में श्रीमती अनिता बसंत मेमोरियल फिजियोथैरापी सेंटर का लोकार्पण किया जा रहा है। लोकार्पण नव-निर्वाचित सांसद गुमानसिंह डामोर के मुख्य आतिथ्य एवं सीनियर रोटेरियन लोकेन्द्र पापालाल एवं रोटेरियन नीतिन डफरिया (पूर्व मंडलाध्यक्ष) के विशेष आतिथ्यि में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ रो. एसपी बंसल (इंदौर) करेंगे। 
यह जानकारी देते हुए प्रकल्प प्रभारी रो. यशवंत भंडारी एवं रो. उमंग सक्सेना तथा रोटरी क्लब ‘मेन’ अध्यक्ष रो. अमितसिंह जादौन (यादव) ने बताया कि स्थानीय रोटरी सदन में फिजियोथैरापी सेंटर प्रारंभ होने से शहर सहित संपूर्ण जिले को एक बड़ी सौगात मिल सकेगी। लोगों को फिजियोथैरापी सेंटर खुलने से स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी सुविधा होगी। रोटरी क्लब ‘मेन’ द्वारा लोकार्पण समारोह की पूर्व तैयारियां के क्रम में समारोह में रोटरी, रोटरेक्ट, इन्हरव्हील क्लब, रोटरी ग्रामीण सेवा प्रकल्प के सभी पदाधिकारी-सदस्यो को आमंत्रण पत्र देने के साथ ही विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के पदधिकारियों की सहभागित हेतु भी आमंत्रण पत्र वितरित किए जा रहे है। सुविधायुक्त फिजियोथैरापी सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। सभी मशीने भी आ चुकी है। इसका लोकार्पण गरिमामय रूप से अतिथियों द्वारा किया जाएगा। 
लोकार्पण समारोह को सफल बनाने की अपील
लोकार्पण समारोह में शहर की सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, गणमान्य नागरिकों के साथ रोटरी के चार क्लबों के पदाधिकारियों-सदस्यों से आयोजन में पधारकर सफल बनाने की अपील वरिष्ठ रोटेरियन नुरूद्दीनभाई बोहरा, एमएल गादिया, प्रदीप रूनवाल, दिनेश सक्सेना, डॉ. आईएस तोमर, प्रतापसिंह सिक्का, प्रमोद भंडारी, शैलेन्द्र चोरे, सचिव हिमांशु त्रिवेदी, उपाध्यक्ष अर्पित संघवी, सह-सचिव यशिल शाह, कोषाध्यक्ष कार्तिक नीमा, मनोज पाठक, कार्यवाहक सचिव राकेश पोतदार, रोटरेक्ट क्लब अध्यक्ष रिंकू रूनवाल, सचिव दौलत गोलानी, इन्हरव्हील क्लब ‘मेन’ से संस्थापक ज्योति रांका, अध्यक्ष अंजु भंडारी, सचिव अर्चना सिसौदिया, कल्पना सकलेचा, रोटरी ग्रामीण सेवा प्रकल्प से अध्यक्ष नवटर डोडियार, सचिव निलेष भाबोर आदि ने की है। 


झाबुआ। कलेक्टर श्री प्रबल सिंपाहा की अध्यक्षता में दस्तक अभियान के संबंध में में जिला कार्यबल की बैठक का आयोजन कलेक्टर के सभाकक्ष में किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी झाबुआ ने बताया कि 10 जून 2019 से 20 जुलाई 2019 तक दस्तक अभियान का स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं ग्रामीण एवं पंचायत विभाग के संयुक्त प्रयासों से आयोजन किया जायेगा। 0 से 5 वर्ष तक के 153644 बच्चों की जांच घर घर दस्तक देकर की जायेगी। इस हेतु 264 दलों का गठन किया गया है। एक दल में 03 सदस्य होगे (एएनएम, आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता)  264 दलों के द्वारा 01 माह के भीतर एक निष्चित कार्ययोजना अनुसार 813 ग्राम एवं 78 वार्डो में घर घर दस्तक दी जावेगी।
0 से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों मे प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन ताकि बाल मृत्यु दर में वांछित कमी आय, 10 जून 2019 से 20 जुलाई 2019 तक ग्रामों में घर-घर की जाने की गतिविधियां सामुदाय में अभियान के दौरान बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान, प्रबंधन एवं रेफरलं। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में शेशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान, प्रबंधन एवं रेफरल। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्तरोग के नियंत्रण हेतु ओ.आर.एस एवं जिंक के उपयोग संबंधी समझाईश व प्रत्येंक घर में ओ.आर.एस. पहुॅचाना। 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान, 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रनीनिंग एवं प्रबंधन, बच्चो में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों की पहचान। गृह भेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत व छुटे हुये बच्चों की टीकाकरण स्थिति की जानकारी। समुचित शिशु एवं बाल आहार पूर्ति व्यवहार को बढावा। एस.एन.सी.यू एवं एन.आर.सी. से छुटटी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फॉलोअप को प्रोत्साहन। बाल मृत्यु (विगत 6 माह) की जानकारी।

jhabua news- दस्तक अभियान के लिये जिला कार्यबल की बैठक संपन्न

आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड हेतु नागरिकों की पहचान एवं पंजीयन प्रक्रिया निर्धारित

       झाबुआ। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 10 करोड़ से अधिक परिवारों के लगभग 50 करोड़ लोगों को सालाना 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी झाबुआ ने बताया कि भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना के पंजीयन प्रक्रिया सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित जिले के समस्त कॉमन सर्विस सेंटरों द्वारा आधार ई केवायसी के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के पंजीयन कर गोल्डन कार्ड प्रदान किया जा रहा है। झाबुआ जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में संचालित केन्द्रों पर जाकर नागरिक अपनी पात्रता की जाँच कर सकते हैं। आयुष्मान गोल्डन कार्ड पंजीयन के लिए निर्धारित गाइडलाइन सरकार द्वारा बनायी गयी है। 
कैसे चेक करें अपना नाम
       स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मध्य हुए समझौते के अन्तर्गत देश के तीन लाख कॉमन सर्विस केन्द्रों पर पात्रता जाँच एवं पंजीयन की सुविधा उपलब्ध की जा रही है। योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया है, जिसके जरिये कोई भी यह जाँच सकता है कि लाभार्थियों की फाइनल लिस्ट में उसका नाम शामिल है या नहीं। लिस्ट में अपना नाम जाँचने के लिये वेबसाइट www.mera.pmjay.gov.in  देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं।
कैसे करें क्लेम
       सरकार के पैनल में शामिल हर अस्पताल में आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क होगा। वहाँ लाभार्थी अपनी पात्रता को डॉक्यूमेंट्स के जरिये वेरिफाई कर सकेगा। इलाज के लिये किसी स्पेशल कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ लाभार्थी को अपनी पहचान स्थापित करना होगी। पात्र लाभार्थी को इलाज के लिये अस्पताल को एक पैसे भी नहीं देने होंगे। 
किन बीमारियों का होगा इलाज
       इसमें इलाज के कुल एक हजार 354 पैकेज हैं, जिसमें कैंसर सर्जरी और कीमोथैरेपी, रेडिएशन थैरेपी, हार्ट बायपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, रीढ की सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आँखों की सर्जरी और एमआईआई, सीटी स्कैन जैसे जाँच शामिल हैं।
ayushman-bharat-yojna-annual-health-insurance-will-be-Rs-5-lakhs.आयुष्मान भारत योजना के तहत सालाना 5 लाख रूपये का होगा स्वास्थ्य बीमाक्या आधार कार्ड है जरूरी
       इस स्कीम का फायदा उठाने के लिये आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। इसमें बस अपनी पहचान स्थापित करना होगी, जिसे समग्र आईडी या आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड जैसे पहचान पत्रों से स्थापित कर सकते हैं।
सीएससी केन्द्र की भूमिका
       जिले की समस्त ग्राम पंचायत, तहसील एवं शहरी क्षेत्रों में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा कॉमन सर्विस सेंटर केन्द्र स्थापित किये गये हैं। जिसके माध्यम से डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अन्तर्गत डिजिटल सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। आयुष्मान भारत योजना में इन केन्द्रों के माध्यम से पंजीयन एवं गोल्डन कार्ड प्रदान करने में प्रमुख भूमिका रहेगी। पात्र हितग्राही द्वारा आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड आवेदन के लिये आधार कार्ड, समग्र आईडी एवं मोबाइल नंबर होना चाहिये।
क्या इसमें किसी प्रकार का शुल्क लगता है
       पात्रता जाँच एवं पंजीयन पूर्णता निःशुल्क है। केवल नॉन हास्पिटल वाले पात्र हितग्राही कॉमन सर्विस सेंटर केन्द्रों द्वारा गोल्डन कार्ड का निर्धारित शुल्क 30 रूपये लिया जायेगा। योजना के अन्तर्गत यदि परिवार पात्र है तो परिवार के सभी सदस्यों का अलग-अलग पंजीयन एवं कार्ड बनेगा।

झाबुआ। मीजल्स रूबेला खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। वहीं रूबेला से बच्चों में जन्मजात बीमारियों जैसे- दिल में छेद, मानसिक विकलांग्ता आदि का खतरा बढ जाता है। इन बीमारियों से बचने के लिये सरकार ने अब मीजल्स का टीका लगाना बंद कर उसके स्थान पर बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीका लगाया जायेगा। यह अभियान 15 जनवरी 2019 से शुरू किया जायेगा। इस बैक्सीन से बच्चों में मीजल्स और रूबेला जैसी बीमारियों से बचाव होगा। वही लडकियाँ को यह टीका लगाने से माँ बनने का खतरे से बचाया जा सकता है। जब वह मां बनेगी तब उसके गर्भ में जन्म लेने वाले बच्चे में जन्मजात की बीमारी नहीं आयेगी। अधिकांश महिलाओं को बार-बार गर्भपात का शिकार या गर्भधारण हो जाता है, तो मृत्यु शिशु को जन्म तथा उनका गर्भस्थ शिशु विकसित अथवा जन्मजात शारीरिक दोष के साथ जन्म लेता है। जैसे- दिल में छेद, मानसिक विकलांग्ता शरीर का कोई भाग न होना शारीरिक या मानसिक रूप से बधित होना। शिशु के साथ माता पिता का जीवन भी नक्रीय हो जाता है। जो बच्चा बढा हो कर माता पिता का सहारा होगा वहीं बच्चा माता पिता पर आसरित हो जाता है। 
         जिसके कई कारण हो सकते है, जिसमें से एक बडा कारण है रूबेला वायरस का संक्रमण। बच्चों को एक ओर घातक बीमारी अपना शिकार बनाती है जिसे मीजल्स या खसरा कहते है। मीजल्स खुद इतना खतरनाक नहीं होता। जितना उसके दुष्य परिणाम अंधापन, मस्तिक में सूजन, निमोनिया, डायरिया, मीजल्स पीडित बच्चा कुपोषण का शिकार भी हो जाता है। अधिकांश बच्चों की मृत्यु हो जाती है। मीजल्स से होने वाली मौतें 30 प्रतिशत बाल मृत्यु भारत में होती है। क्या दोनो घातक बीमारियों को रोका जा सकता है, जी हां बिल्कुल रोका जा सकता है। एमआर बैक्सीन के टीके द्वारा इन बीमारियों को रोका जा सकता है। 
        इसलिए भारत के 23 राज्यों में सफलता पूर्वक 15 करोड से अधिक बच्चों को सुरक्षित करने के बाद सरकार 9 माह से 15 वर्ष के सभी बच्चों को निरूशुल्क टीका लगवा कर जीवन सुरक्षित करने जा रही है। इस अभियान के अन्तर्गत शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों, आंगनवाडी केन्द्रों मदरसो तथा अशासकीय स्वास्थ्य संथाओं में टीका लगाया जायेगा। आमजनता से अपील की जाती है कि अपने 9 माह से 15 वर्ष तक सभी बच्चों को एमआर बैक्सीन का टीका अवश्य लगवाये। जिससे बच्चों में होने वाली बीमारियों को रोका जा सके। 

मीजल्स रूबेला को जड से मिटाने के लिय पोलियो की तरह चलाया जायेगा अभियान-Campaign-to-be-run-like-polio-to-eradicate-the-Measles-Rubella

132 होमगार्ड जवानों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण

झाबुआ ।  जिला होमगार्ड लाईन झाबुआ में रोटरी मंडल 3040 के सहायक मंडलाध्यक्ष अजय रामावत, के नेतृत्व में तथा रोटरी क्लब अपना मेघनगर के विशेष सहयोग से डा. लोकेन्द्रसिंह राठौर, डॉ. लोकेश दवे, डॉ. अरविन्द दांतला, डॉ. हाडा, डॉ. सूर्यवंशी, डॉ. विनय बैरागी  आदि जिले की डाक्टर्स टीम ने होमगार्ड जवानों के स्वास्थ्य का सुक्ष्मता से परीक्षण करके आवश्यक परामर्श  आदि दिया । चिकित्सकों के सराहनीय सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का ऐतिहासिक समापन हुआ । उक्त शिविर में कुल 132 जवानों के स्वास्थ्य का परीक्षण चिकित्सकों द्वारा किया गया ।  
Rotary Club organized a health camp- 132 Home Guard Seals Health Testing-रोटरी क्लब ने स्वास्थ्य शिविर का किया आयोजन-132 होमगार्ड जवानों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण          इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गुलाबसिंह, डिस्ट्रीक्ट कमाडेंट, भरत मिस्त्री,, आगामी सहायक मंडलाध्यक्ष महेश प्रजापति, अजय रामावत उपस्थित थे तथा शिविर में सराहनीय योगदान दिया  । शिविर मे पण्डित द्विजेन्द्र व्यास तथा सहायक के रूप  में प्लाटून कमाडेंट भरतसिंह  तथा व्यवस्था  के रूप में एएसआई आदीमर्दनसिंह तथा शांतिलाल ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया । श्री रामवत ने बताया कि रोटरी क्लब समय समय पर ऐसे कल्याणकारी एवं जन हितैषी कार्यो को मानव सेवा ही माधव सेवा के महामंत्र को साकार करने के लिये करता रहेगा तथा क्लब के सभी सदस्यों का इसमे अनुकरणीय योगदान मिलता रहता है।
Rotary Club organized a health camp- 132 Home Guard Seals Health Testing-रोटरी क्लब ने स्वास्थ्य शिविर का किया आयोजन-132 होमगार्ड जवानों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण

खसरा रूबेला रक्षक अभियान अंतर्गत जिला कार्यबल की बैठक संपन्न   

झाबुआ। खसरा रूबेला रक्षक अभियान अंतर्गत जिला कार्यबल की बैठक का आयोजन आज 26 दिसंबर 2018 को प्रभारी कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे की अध्यक्षता मे दादाजी होटल झाबुआ मे किया गया। बैठक मे प्रभारी कलेक्टर श्रीमती जमुना भिडे ने सभी शासकीय सेवको को समन्वय के साथ कार्य करते हुए लक्ष्ति सभी बच्चो का शत प्रतिशत टीकाकरण करने के निर्देष दिये। बच्चो का टीकाकरण करते समय उन्हे भयमुक्त कर टीकाकरण करने की बात कही। 
    बैठक मे डॉ राहुल गणावा जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि मिजल्स-रूबेला अभियान अंतर्गत माह जनवरी 2019 से 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को टीका लगाया जाना है। इस हेतु आज समस्त चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, कम्यूनिटी मोबिलाईजर, बीईई, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के षासकीय सेवको के लिये दादाजी होटल झाबुआ मे जिला मिजल्स रूबेला कार्यशाला एवं जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। 
             बैठक मे सुक्ष्मकार्ययोजना निर्माण हेतु चिकित्सको, स्वास्थ्य अधिकारियों की विश्व स्वास्थ्य संगठन के मार्गदर्शन में डॉ ऐश्वर्य लक्ष्मी एसएमओ धार के द्वारा बताया गया कि सुक्ष्मकार्ययोजना के अनुसार सभी शासकीय व अशासकीय स्कुलो मे अध्ययनरत कक्षा नसर्री से कक्षा 10 वीं तक के बच्चों को दाहिनीं बाजु मे चमडी़ के भीतर दर्दरहित एवं सुरक्षित टीका प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से समस्त स्कूलो मे लगाया जायेगा। कार्यशाला में डॉ डी एस चौहान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ राहुल गणावा जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ एन के पठान, निजी मिषन स्कूल के प्रतिनिधि सहित समस्त चिकित्सा अधिकारी, समस्त विकासखन्ड प्रबंधक, कम्यूनिटी मोबिलाईजर, बीईई बीआरसी सर्वशिक्षा अभियान उपस्थित थे।

स्कूलो मे 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चो को लगाया जाएगा टीक-Vaccination-of-children-from-9-months-to-15-years-in-school

विशाल मेगा स्वास्थ्य शिविर के साथ रोटरी क्लब मेन, रोटरी क्लब आजाद और इन्हरव्हील क्लब मेन तथा युवा शक्ति के नए सत्र का हुआ आगाज

समापन पर सभी चिकित्सकों एवं सेवाभावियों का हुआ सम्मान 

झाबुआ। रोटरी क्लब ‘मेन’, रोटरी क्लब ‘आजाद’, इन्हरव्हील क्लब ‘मेन’ एवं इन्हरव्हील क्लब ‘युवा शक्ति’ के नवीन सत्र 2018-2019 का आगाज 1 जुलाई, रविवार को स्थानीय सिद्धेष्वर कॉलोनी स्थित आदर्ष विद्या मंदिर में मेगा स्वास्थ्य शिविर के भव्य आयोजन के साथ हुआ। इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में सभी प्रकार के रोगों का निःषुल्क उपचार एवं निःशुल्क गोली-दवाईयों का वितरण पारूल सेवाश्रम बड़ौड़ा के चिकित्सकों एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। इसके साथ ही पूरे शिविर में सभी चारो संस्थाओं के अलावा आयोजन में विशेष सहभागिता सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन एवं रोटरेक्ट क्लब झाबुआ की भी रहीं। शिविर में 3 घंटे में कुल 350 रोगियों का उपचार किया गया। इस दौरान शिविर में आए 3 गंभीर रोगियों का बड़ौदा में संपूर्ण उपचार निःशुल्क रूप से रोटरी क्लब द्वारा किया जाना तय किया गया। समापन पर बड़ौदा से आए सभी चिकित्सकों एवं शिविर को सफल बनाने में विशेष सहयोग देने वाले सेवाभावियों का सम्मान हुआ।
शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर वरिष्ठ रोटेनियन प्रकाश रांका, नुरूद्दीनभाई बोहरा, शिविर संयोजक यशवंत भंडारी एवं संजय कांठी, प्रदीप जैन, प्रतापसिंह सिक्का, प्रमोद भंडारी, सहायक मंडलाध्यक्ष अजय रामावत, संतोष प्रधान, रोटरेक्ट क्लब सभापति नीरजसिंह राठौर, श्री संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष कोठारी, भारतीय जैन संगठना के जिलाध्यक्ष अशोक संघवी, राज्य महिला आयोग सखी अर्चना राठौर, इन्हरव्हील क्लब मेन से ज्योति रांका, अध्यक्ष कल्पना सकलेचा, इन्हरव्हील क्लब युवा शक्ति से अध्यक्ष डॉ. शैलू बाबेल, सचिव शीतलसिंह जादौन, सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष नितीन धम्मानी, सचिव निखिल भंडारी एवं बड़ौदा सेवाश्रम हॉस्पिटल के प्रमुख डॉ. कुशल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। 
      पश्चात् अतिथियों का स्वागत रोटरी क्लब मेन अध्यक्ष अमितसिंह जादौन (यादव), सचिव हिमांशु त्रिवेदी, रोटरी क्लब आजाद अध्यक्ष अजय शर्मा एवं सचिव देवेन्द्र पटेल ने किया। वर्ष 2018-2019 के इन चारो नवीन पदाधिकारियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत रोटरी क्लब मेन के पूर्व अध्यक्ष उमंग सक्सेना, सचिव शैलेन्द्र चोरे, रोटरेक्ट क्लब अध्यक्ष रिंकू रूनवाल, उपाध्यक्ष दौलत गोलानी, सचिव राकेश पोतदार, कोषाध्यक्ष भावेश सोलंकी, युवा रोटेरियन अर्पित संघवी कार्तिका नीमा, प्रकाश जैन ने करते हुए नवीन कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित की। स्वागत उद्बोधन वरिष्ठ रोटेरियन संजय कांठी ने दिया। शिविर के प्रारंभ करने की घोषणा अध्यक्ष अमितसिंह जादौन (यादव) ने की। शिविर में सोना-चांदी व्यापारी एसोसिएशन की ओर से निर्मल मोदी, मुकेश सोनी, सुरेश सोनी ने अपनी सराहनीय सेवाएं प्रदान की।
7 कक्षों में चिकित्सकों ने किया उपचार, पंजीयन एवं दवाई वितरण कें लिए अलग व्यवस्था
शिविर स्थल पर पंजीयन की व्यवस्था प्रवेश द्वार पर की गई। जहां रोगियों का पंजीयन मातृ शक्ति के रूप में इन्हरव्हील क्लब की सचिव समता, अर्चना सिसौदिया, रेखा राठौर, पुष्पा संधवी, शीला कटारिया, वर्षा छाजेड़, पारूल भात के साथ इन्हरव्हील क्लब युवा शक्ति की निक्की जैन, परी गादिया एवं विधि धारीवाल ने किया। चिकित्सकों द्वारा 7 कक्षों मे रोगियों का उपचार किया गया। जिसमें फिजिषियन विभाग, सर्जरी विभाग, चर्म रोग विभाग, शिषु रोग विभाग, नाक-कान-गला विभाग, प्रसूति स्त्री रोग विभाग एवं हड्डी रोग  का कक्ष अलग बनाया गया। 
        पंजीयन के बाद रोगियों ने अपनी बीमारी संबध केंद्रों पर जाकर वहां जांच करवाकर आवष्यक परामर्श भी प्राप्त किया। गंभीर रोगों की जांच के लिए कक्षों में अलग से विशेष व्यवस्था की गई थी। पंजीयन के लिए अलग से काउंटर बनाकर बड़ौदा की चिकित्सकीय टीम द्वारा वहां मरीजों का पंजीयन किया गया वहीं दवाई वितरण केंद्र भी पृथक से बनाया गया। पारूल सेवाश्रम हास्पिटल बड़ौदा से चिकित्सकों में डॉ. कुषल आर्थेपेडिक विषेषज्ञ, डॉ. कौमल राणा मेडिसीन, डॉ. तेजस पटेल एवं डॉ. मयूर सर्जरी, डॉ. संवधन देसाई नेत्र रोग, डॉ. उमेश चर्म रोग, डॉ. अक्षय नाक-कान-गला, डॉ. ज्योति शिषु रोग एवं डॉ. नुपूर प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ ने अपनी सराहनीय सेवाएं प्रदान की।
3 घंटे तक चला शिविर 
यह शिविर दोपहर 11 से 2 बजे तक चला। इस दौरान 350 रोगियों ने अपना उपचार करवाया। जिसमें सबसे अधिक हड्डी रोग के 90, चर्म रोग के 60, फिजिषियन के 40, नेत्र रोगं के 30, शिषु रोग के 10, स्त्री रोग से 7, हद्रय संबंधी बिमारी के 2 के अतिरिक्त अन्य सामान्य प्रकार की बिमारियों के मरीजों को मिलाकर कुल 350 रोगियों ने अपना इलाज करवाया। शिविर  का लाभ लेने शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे।
दृष्टिहीन गौरी एवं पूजा को गठान होने पर समस्त उपचार निःशुल्क होगा
तीन गंभीर रोगियो को बड़ौदा में रोटरी क्लब करवाएगा संपूर्ण निःशुल्क उपचार
          शिविर के दौरान ही झाबुआ निवासी गौरी पिता निलेश वसुनिया उम्र 2 वर्ष पहुंची। पिता निलेश वसुनिया ने बताया कि गौरी की बचपन से ही दोनो आंखे होने के बाजवूद दोनो नेत्रों से दिखाई नहीं देने पर उसका पूर्व में दाहौद में उपचार करवाया, फायदा नहीं हुआ। उक्त बालिका को शिविर में नेत्र रोग विषेषज्ञ को दिखाने पर उन्होंने सलाह दी कि बालिका को उपचार के लिए सेवाश्रम हास्पिटल बड़ौदा लाया जाए। वहीं झाबुआ के समीपस्थ ग्राम करड़ावद बड़ी निवासी पूजा पिता करमसिंह मोहनिया उम्र 2 वर्ष भी शिविर में पहुंची। पिता करमसिंह मोहनिया ने बताया कि उनकी बच्ची को बचपन से ही पीठ के नीचे बड़ी गठान है। बच्ची को पूर्व में इंदौर में दिखाया था, जहां डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कहीं, लेकिन ऑपरेशन का खर्चा नहीं होने से नहीं करवा पाए। इन दोनो बालिकाओं के समस्त उपचार एवं दवाईयों का व्यय रोटरी क्लब वहन करेगा।
बड़ौदा आने-जाने, रहने एवं भोजन की व्यवस्था चिकित्सालय प्रबंधन की ओर से
इन दोनो बालिकाओं के पिता एवं परिजनों को बड़ौदा हास्पिटल से आए मार्केटिंग हेड राकेश पटेल ने जानकारी दी कि बड़ौदा उनके हॉस्पिटल में आने वाले प्रत्येक रोगी को आने-जाने, रहने, भोजन-पानी आदि की व्यवस्था हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से ही की जाएगी। इसके साथ ही चिकित्सालय में उपचार करने वाले चिकित्सक की ट्रीटमेंट की फीस नहीं लगेगी, केवल दवाई-गोली के पैसे लगेंगे। इसके साथ ही एक्स-रे सोनाग्राफी एवं खून-पेशाब आदि की जांच पर 50 प्रतिशत छूट एवं सीटी स्केन करवाने पर 25 प्रतिशत का डिस्काउंट दिया जाएगा, यह सुविधा प्रत्येक मरीज के लिए रहेगी। सोमवार को सुबह चिकित्सालय स्टॉफ के साथ बस रवाना होगी, उससे कोई भी रोगी, यदि उनके चिकित्सालय में उपचार के लिए जाना चाहता है, तो वह साथ चल सकता है।
समस्त चिकित्सकों एवं सेवाभावियों का हुआ सम्मान
शिविर के समापन पर अतिथियों द्वारा बड़ौदा सेवाश्रम हॉस्पिटल के समस्त चिकित्सकों का सम्मान पुष्पमाला पहनाकर एवं प्रतीक चिन्ह रोटरी क्लब आजाद की ओर से प्रदान किए गए। इसके साथ ही इस अवसर पर इस आयोजन में विशेष सहयोग देने वाले आदर्श विद्या मंदिर के संचालक सुरेशचन्द्र जैन एवं अन्य प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोगियों का भी पुष्पमाला पहनाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया। शिविर के अंत में आभार रोटरी क्लब मेन झाबुआ के आगामी सचिव हिमांशु त्रिवेदी ने माना।

- 213 घुटना पीड़ितों का हुआ पंजीयन

इस शिविर में घुटनों के दर्द से पीड़ित ऐसे व्यक्ति जो - 
  • दवाइयां खा-खा कर परेशान है।
  • घुटनों के ऑपरेशन से बचना चाहते है।
  • घुटनों के ऑपरेशन के बाद भी दर्द से परेशान है। 
  • चलना-फिरना, सीढियां चढ़ाना-उतारना मुश्किल हो गया है। 
  • घुटनों का ग्रीस ( साइनावियाल) खत्म हो गया है। 

          उनका परीक्षण करते हुए उचित परामर्श दिया। शिविर संयोजक आयोग के कार्यवाहक प्रदेशाध्यक् पवन नाहर ने बताया कि आयोग और संगठन के माध्यम से घुटनों के दर्द से पीड़ित रोगियों को जगृति नी कैलिपर जिनकी एक पैर की कीमत 4 हजार रूपये है उसे शिविर के माध्यम से आधे दामों में उपलब्ध करवाये गये। आज के इस आयोजन में आयोग के मिडिया सेल अध्यक्ष मेघनगर के सुनील डाबी, नीलेश भानपुरिया, अलीअसगर बोहरा, पेटलावद के संतोष गुजराती, कीर्तिश जैन, रायपुरिया के गोपाल चोयल, झकनावदा के मनीष कुमट, प्रशांत मोंटू उपाध्याय, आत्माराम शर्मा, चंदू प्रेमी, पंकज चौरड़िया, अलीअसगर बोहरा, नीरज सौलंकी, जिगर बसेर, मनोज उपाध्याय, ऋषि भट्ट व पेंशनर एशोसियन के मुरलीधर वर्मा ने अपनी सेवाएं प्रदान की। 
        शिविर के समापन में श्रीसंघ अध्यक्ष जितेन्द्र घोड़ावत, बोहरा समाज सेकेट्री उद्योगपति अलिहुसैन भाई नाकेदार, पूर्व पार्षद मुस्तम भाई बोहरा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष फकीरचंद राठौड़, उधोगपति रजनीकांत लोढा के सानिध्य में आयोग के सदस्यों ने राजस्थान से पधारें सभी डॉक्टर का सम्मान किया गया। शिविर में बदनावर, धार, बांसवाड़ा, झकनावदा, करवड़, झाबुआ, खवासा, बामनिया, पेटलावद, रायपुरिया, रूपगढ़, मेघनगर, परवलिया सहित आस-पास के कई गाँव के लोगो ने घुटना दर्द से राहत पाई और शिविर आयोजक आयोग के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अभियान हेतु 0 से 5 वर्ष तक के 195640 लक्षित बच्चों को ओरल पोलियो की दो बुंद दवा पिलाई जाना है एवं इस अभियान की सफलता हेतु प्रथम दिवस बूथ पर पोलियो की दवा पिलाई जायेगी और द्वितीय एवं तृतीय दिवस को छूटे हुवे बच्चो को घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जायेगी। 
        इस कार्यक्रम के लिये कुल 527 बी टाईप बूथ, 438 सी. टाईप बूथ, 55 टांजिट बूथ, बनाये गये है, जो बस स्टेण्ड, मेला, बाजार,  रैलवे स्टेशन इत्यादि स्थानो पर पोलियो की दवा पिलाएगे एवं सात मोबाईल टीमे बनाई गई है। जो प्रथम दिवस से ही बस स्टेण्ड, मेला, बाजार,  रेलवे स्टेशन इत्यादि स्थानो पर घूम-घूमकर दवाई पिलाएगे। बूथो पर 2100 वैक्सीनेटर के कार्य का मूल्याकन करने के लिये 6 ब्लाकों में 120 सुपरवायजरो की नियुक्ति की गई है। जिला स्तर पर 6 आब्र्जर वर्ग मानीटर्रिग करेगे। जनता से अपील की गई है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चो को 11 मार्च 2018 को पोलियो बूथ पर पोलियो की दो बूंद खूराख अवश्य पिलाये।
रैली का हुआ आयोजन
सघन पल्स पोलियो अभियान द्वितीय चरण 11 मार्च 2018 रविवार को सफल बनाने एवं 0 से 5 वर्ष के बच्चो को पोलियो रोधी दवा पिलाने के लिए बूथ तक लाने के लिए परिजनो को जागरूक करने के लिए आज स्वास्थ्य विभाग के द्वारा रैली का आयोजन कर, जनता से अपील की गई कि अपने समस्त 0 से 5 वर्ष के बच्चो को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दवा पिलाकर अपने बच्चो को पोलियो से सुरक्षित रखे। आम जनता से भी अपील है की वह बढ-चढकर इस कार्यक्रम में हिस्सा ले और अपने निकट के शून्य से 5 वर्ष के बच्चो को रविवार के दिन ही शत-प्रतिशत दो बूंद पोलियो की दवा दिलवाएं। रैली आयोजन में डाॅ डी एस चैहान मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य धिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डाॅक्टर आर एस प्रभाकर जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ राहुल गणावा जिला मीडिया अधिकारी  श्रीमती कोमल राठौड श्री तुषार गणवीर, श्री एस एन सोनी नर्सीग की समस्त शिक्षिकाएं एवं अन्य लोक सेवक उपस्थित थे। 

पल्स पोलियो अभियान का दूसरा चरण कल से शुरू-pals-poliyo-abhiyan-jhabua-2018

सीएमएचओं ने टीम लिडर को भेंट की अभियान किट 

झाबुआ। लोक कल्याण एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा दस्तक अभियान का आयोजन का शुभारंभ दिनांक 18 दिसम्बर सोमवार को जिला चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.चौहान द्वारा किया गया। जिसमें शुभारंभ के अवसर पर डाॅ. चौहान के द्वारा ही 2 वर्षिय बालक को विटामीन-ए की दवा भी पिलायी गयी। जिला चिकित्सालय प्रांगण में दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। जिसे मध्यप्रदेश शासन द्वारा पुरे प्रदेश में 18 दिसम्बर से 18 जनवरी 2018 तक संचालित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत नगर की हर गली मौहल्लो में ए.एन.एम., आशा कार्यकत्र्ता , एवं आंगनवाडी कार्यकत्र्ता का दल घर घर जाकर 6 माह से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चो की जांच करेगी। जिसमें बच्चों में कुपोषण की जांच एवं चिन्हित गंभीर कुपोषित एवं बीमार बच्चों की पोषण पुनर्वास केन्द्र में उपचार हेतु रेफर किया जायेगा।
           6 माह से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों में खून की जांच की जायेगी जिसमें विटामीन-ए, ओआरएस पैकेट एवं आरयरन साॅयरप जो की सप्ताह मे दो बार मंगलवार एवं शुक्रवार को पिलायी जायेगी। खून की मात्रा ज्यादा कम होने के एवज में बच्चे का उपचार हेतु रेफर किया जायेगा। बच्चो में निमोनिया एवं दस्त रोग जैसी बिमारियों की जांच भी की जायेगी। बच्चों में जन्मजात विकृति की पहचान एवं अन्य बीमारियों की जांच भी की जायेगी। नगर में सभी वार्डो में इस अभियान के तहत 9 माह से लेकर 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामीन-ए की खुराक पिलायी जायेगी। अभियान के तहत बच्चो को स्तनपान एवं उचित आहार की सलाह भी दि जायेगी। अभियान मे घर घर जाकर ओआरएस पैकेट का वितरण तथा ओआरएस जिंक की गोलीयों का भी वितरण किया जायेगा तथा हाथ धुलाई संबंधी बातो की जानकारी भी दि जायेगी। जन्म के कम वजन वाले बच्चों के लिये उचित देखभाल एवं उनके उपचार की सलाह दि जायेगी। 
 घर घर होगा बच्चो का उपचार 
 मध्यप्रदेश शासन के द्वारा संचालित दस्तक अभियान पुरे प्रदेश में चलाया जायेगा। जिसके अन्र्तगत शहर एवं गांव गांव में इस अभियान को पहुचाया जायेगा। नगर के हर एक घर घर जाकर कार्यकत्र्ताओं की टीम के द्वारा इस अभियान के अन्र्तगत आने वाले बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देकर बच्चो का उपचार किया जायेगा। घर घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी परिक्षण कर बच्चों को उचित उपचार हेतु दवाईयां एवं सलाह दि जायेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने नगर में स्थित सभी लोगो से इस अभियान में अपने बच्चो के संपूर्ण परिक्षण करवाने के लिये निवेदन किया है साथ ही इसमें देने वाली दवाईयों को बच्चो को सही समय एवं सही मात्रा में पिलाने के लिये आव्हान किया है। इस दस्तक अभियान में उपस्थित होंकर अपने बच्चो के साथ ही अन्य बच्चों को भी इस अभियान के बारे में बतायें जिससे उनके स्वास्थय परिक्षण कर अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ प्राप्ता हो सके। 
 टीम लीडर का किया सम्मान
 दस्तक अभियान में ए.एन.एम., आशा कार्यकत्र्ता एवं आंगनवाडी कार्यकत्र्ता के टीम लीडर के रूप में महिला स्टाॅफ नर्स श्रीमती मंगला सोनी का सीएमएचओं डाॅ. चैहान के द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिये अभियान किट भेंट प्रदान किया गया। इस अवसर पर आरएमओ डाॅ. जीतेन्द्र बामनिया, एमपीडब्लू सत्यनारायण सोनी एवं पूरा सहायक स्टाॅफ उपस्थित हुआ।

झाबुआ दस्तक अभियान का हुआ शुभारंभ घर घर होगा बच्चो का स्वास्थ्य परिक्षण-dastak-campaign-will-be-inaugurated-Home-to-home-Children-Health-testing-on-jhsbua

मेघनगर : स्थानीय जीवन ज्योति हॉस्पिटल  में रोटरी क्लब अपना का प्रदेश स्तरीय 7 दिवसीय प्लास्टिक सर्जरी शिविर का रंगारंग शुभारंभ शुक्रवार को किया गया. इसमें  इस अवसर पर सर्वप्रथम राष्टीय स्तर पर पुरस्कृत क्रोह नॉलिज संस्था द्वारा भजन की रंगारंग प्रस्तुति दी गई जिसने सारे अतिथियों का मन मोह लिया तत्पश्चात सारे अतिथियों का  मंच पर पदार्पण हुआ।  कार्यक्रम की अध्यक्षता बीसप बशील भूरिया ने की मुख्य अतिथी के रुप में पुलिस अधीक्षक महेश चंद्र जैन रोटरी क्लब के आईपीडी दर्शन सिंह गाँधी , असिस्टेंट गवर्नर रोटरी क्लब अपना 3040 बहादुर सिह चौहान, नगर परिषद सीएमओ तोपनीवाल समेत सैकडों नगरवासी मौजूद थे ।
      प्रथम दिन जर्मनी के डॉक्टरों द्वारा 195 मरीजों का चेकअप किया गया रोटरी क्लब अपना एवं जीवन ज्योति हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में प्लास्टिक सर्जरी शिविर में 437 पजीयन में से 195 मरीजों का परीक्षण किया गया उक्त परीक्षण में 64 मरीजों को आपरेशन के लिए चयनित किया गया जिनका आंपरेशन आने वाले एक दो दिन में किया जाएगा , साथ ही मरीज के साथ एक अटेंडर की सुबह शाम के भोजन रुकने की आवासीय व्यवस्था , सुबह और शाम चाय नाश्ता साथी आपरेशन से लगाकर दवाइयाँ देखरेख एव उनकी रुटीन चेकअप की सारी सुविधाएं निशुल्क रहेगी। 
      रोटरी क्लब अपना एवं 3040 मडल के अन्य क्लबो द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने पर  महेश चंद्र जैन पुलिस अधीक्षक झाबुआ का सम्म्मान किया गया। उनका सम्मान नशश्वासुक्ति, पर्यावरण प्रेमी, साथी महिला बाल विकास एबं बालिका सशक्तिकरण अन्य योजनाओं के साथ सुचारू कानून व्यवस्था को चलाने के लिए किया गया. रोटरी क्लब के आईपीडी दर्शन सिंह गांधी का भी मानव सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सम्मानित किया गया ।

रोटरी क्लब झाबुआ नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी शिविर का शुभारंभ-rotary-club-jhabua-Launch-of-Free-Plastic-Surgery-Camp

रोटरी क्लब झाबुआ नि: शुल्क प्लास्टिक सर्जरी शिविर का शुभारंभ-rotary-club-jhabua-Launch-of-Free-Plastic-Surgery-Camp

प्रथम दिन 353 रोगियों ने किया आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन

झाबुआ। आयुष विभाग झाबुआ द्वारा तीन दिवसीय सर्व रोग निदान एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय परिसर झाबुआ में आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट के सहयोग से किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ मंगलवार को सुबह 10 बजे हुआ। शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. डीएस चौहान, जिला आयुष अधिकारी डाॅ. रमेश भायल एवं चिकित्सालय प्रभारी डाॅ. मीना भायल तथा आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अषोक शर्मा उपस्थित थे।
   शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान धवन्तरि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत आसरा ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष राजेश नागर, अजय रामावत, पदमा त्रिवेदी, सीमा चौहान ने किया। इस अवसर पर सीएचएमओ डाॅ. चौहान ने कहा कि जिले में आयर्वेदिक शिविर यदा-कदा ही होते है, हर मरीज को इसका लाभ लेना चाहिए। आयुर्वेद्धिक पद्धति वर्षों पुरानी पद्धति है और इस पद्धति से उपचार करवाने पर बिमारी का जड़ से नाश होता है। उन्होंने उक्त शिविर के आयोजन हेतु चिकित्सालय स्टाॅफ सहित आसरा ट्रस्ट को धन्यवाद ज्ञापित किया। जिला आयुष अधिकारी डाॅ. रमेश भायल ने समस्त शहरवासियों सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणजनों से भी शिविर का अधिकाधिक लाभ लेने का आव्हान किया।
प्रतिवर्ष किया जाता है आयोजन
चिकित्सालय प्रभारी डाॅ. मीना भायल ने इस अवसर पर बताया कि पिछले 10 वर्षों से आसरा ट्रस्ट के सहयोग से आयुुर्वेदिक शिविर का सफलतम आयोजन किया जा रहा है। जिसका अब तक हजारों की संख्या में शिविरार्थी लाभ ले चुके है एवं उन्हें कई गंभीर बिमारियों से निजात मिली है। पश्चात् सभी अतिथियों ने स्टाॅल पर पहुंचकर आयुर्वेदिक काढ़े का भी सेवन किया। 
मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर में डाॅ. मीना भायल के साथ डाॅ. पार्वती रावत, डाॅ. दिपेष कठोटा, डाॅ. नरवर डामोर, डाॅ. अरविन्द दातला द्वारा रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें सहयोग आयुष विभाग के कर्मचारियों एवं आसरा ट्रस्ट तथा जन सेवा संघ के एचके पाठक द्वारा प्रदान किया गया। शिविर में प्रथम दिन कुल 353 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण किया गया। शिविर का संचालन सुधीर कुषवाह ने किया। ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष श्री नागर ने बताया कि बुधवार एवं गुरूवार को भी सुबह 10 से दोपहर 1 बजे शिविर का आयोजन होगा, जो भी व्यक्ति इसका लाभ लेना चाहता वह निर्धारित समय पर पहुंचकर आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन कर मौसमी बिमारियों से निजात पा सकते है।

तीन दिवसीय सर्व रोग निदान एवं चिकित्सा शिविर का हुआ शुभारंभ-jhabua Three-day-all-diagnostic-and-medical-camp-inaugurated

सांसद निधी के इस वाहन का संचालन करेगा सकल व्यापारी संघ 

झाबुआ। जिला चिकित्सालय में सर्वसुविधा होने के बावजूद भी अस्पताल में आये दिन ग्रामीण क्षेत्रो के मरिजो के परिजनो को संयोग से मरीज की मृत्यु होने पर उनके शव को अपने घर तक पहुचाने में वाहन की व्यवस्था करने में पसीना आ जाता था। तथा सैकडो हजारो रूपये खर्च कर गरीब ग्रामिणों का निजी वाहनों से शव को ले जाना मजबुरी बन चुका था। सकल व्यापारी संघ के प्रयास एवं पहल पर सांसद कांतिलाल भूरिया द्वारा जिला चिकित्सालय झाबुआ को 11.59 लाख की लागत का सर्वसूविधा युक्त शव वाहन का जिला चिकित्सालय के लिये लोकार्पण कर सकल व्यापारी संघ की मंषा के अनुरूप उक्त वाहन को सकल व्यापारी संघ के अध्यक्ष नीरज राठौर एवं सदस्य अषोक कटकानी, नुरूद्दीन पिटोलवाला, प्रदीप रूनवाल, राजेन्द्र यादव, कैलाष श्रीमाल, पे्रमप्रकाष कोठारी, भरत बाबेल, मनोज बाबेल, ओमप्रकाष सोनी, हरिष शाह आम्रपाली, संजय गांधी, राजेष शाह, कमलेष पटेल, अंकुष कांठी, सुमित चौरसिया, गौपी बुंदेला, एवं गोपाल सोनी सहित बडी संख्या में उपस्थित लोगो एवं सिविल सर्जन डाॅ प्रभाकर सहित मेडिकल स्टाॅफ की मौजुदगी में इस वाहन की चाबी संकल व्यापारी संघ को सौंपी गयी।
          इस अवसर पर संबोधित करते हुए सांसद भूरिया ने जिला अस्पताल में मरिजों क हित संरक्षण को देखते हुए तथा उनके परिजनो की समस्या के निवारण के लियें उक्त वाहन सांसद निधि से देने के उद्देष्य के बारे में बताया। श्री भूरिया ने इस अवसर पर जिला चिकित्सालय का गहन निरीक्षण भी किया तथा व्याप्त अव्यवस्थाओं पर नाराजगी भी व्यक्त की। श्री भूरिया द्वारा उक्त वाहन का सही तरीके से बिना किसी भेदभाव के संचालन हो इसलिये इसे सकल व्यापारी संघ को सौपने की बात बताई। वाहन हस्तगत करते हुए सकल व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि इस शव वाहन का पूरी तरह सदउपयोग हो सरकारी दर से कम से कम दर पर ग्रामिणो को उक्त सुविधा मिल सके। इसके लियें एक समिति का गठन किया जाकर इसका संचालन एवं व्यवस्था के बारे में रूपरेखा तैयार की जायेगी। तथा सात दिन बाद उक्त वाहन का संचालन प्रारंभ हो जायेगा। कार्यक्रम का संचालन गोपाल सोनी ने किया तथा आभार प्रदर्षन कमलेष पटेल ने माना। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया, सांसद प्रतिनिधि डाॅ विक्रांत भूरिया, नगरपालिका अध्यक्ष मन्नू डोडीयार सहित बडी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थे।

झाबुआ। गोपाल कॉलोनी स्थित वरदान नर्सिंग होम से विगत रविवार की रात को आपातकालीन परिस्थितियों में डिस्चार्ज की गई महिला सन्तु पति कालू की मौत होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतका सन्तु के भाई  ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन के गायनी डाक्टरों की लापरवाही की वजह से उसकी बहन की मौत हुई है। इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए 
यह है मामला 
मृतका के भाई ने बताया कि रविवार को उसकी गर्भवती बहन को वरदान हॉस्पिटल में चेकअप हेतु लाया  गया , यहाँ डॉक्टरों द्वारा उक्त गर्भवती महिला को भर्ती कर लिया गया , क्योंकि डॉक्टरों द्वारा डिलेवरी की दी गयी तारीख में एक माह और था , बावजूद इसके डॉक्टरों द्वारा अफरा तफरी में उक्त महिला का ऑपरेशन कर डिलेवरी करवा दी , कुछ ही समय में महिला की हालत बिगड़ने लगी जिसके चलते उसी दिन रात साढ़े सात बजे के करीब उक्त महिला को नर्सिंग होम की एम्बुलेंस द्वारा ही बड़ोदा रेफर हेतु ले जाया गया , जहाँ महिला की हालत को देखते हुए दो से तीन अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया एवं चौथे अस्पताल में भर्ती करने हेतु महिला को जैसे ही एम्बुलेंस से बाहर लाया गया वैसे ही एम्बुलेंस चालक उक्त महिला एवं परिजनों को बिना बताए  एम्बुलैस लेकर झाबुआ आ गया। 
        गंभीर हालत में २ दिन तक महिला को बड़ोदा के निजी अस्पताल में रखने के बाद मगलवार रात परिजन महिला को घर ले आये गुरूवार रात 
अचानक तबियत बिगड़ने से रात ढाई बजे उक्त महिला की मौत हो गयी , महिला की मौत से गुस्साए परिजनो द्वारा महिला का शव झाबुआ लाकर उक्त वरदान नर्सिंग होम परिसर के बाहर रख दिया गया , साथ ही अस्पताल परिसर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बतौर इलाज़ खर्च हुए ढाई लाख रुपये देने की बात कही ।  
     महिला के परिजनों ने बताया कि डॉक्टर्स द्वारा डिलेवरी की तारीख में एक महीना और था बावजूद इसके डॉक्टर्स दवरा पैसो के लालच में ऑपरेशन कर दिया गया एवं 55 हज़ार रुपये इलाज के रूप में ले लिए गए। महिला की हालत बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन द्वारा महिला को बड़ोदा रेफर करने की बात कही, अफरा तफरी में महिला को बड़ोदा रेफर किया गया जहाँ से परिजनों द्वारा मंगलवार रात महिला को घर लाया गया था।  
मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप 
  1. अस्पताल द्वारा डिलेवरी तारीख में एक माह और रहने के बावजूद क्यों अफरा तफरी में महिला का ऑपरेशन कर डिलेवरी करवाई गयी । 
  2. समय पर अस्पताल द्वारा महिला के डिस्चार्ज सर्टिफिकेट और डॉक्टर्स की रिपोर्ट परिजनों को क्यों नहीं दी गयी। 
  3. रात को रैफर करने के बाद डिस्चार्ज स्लिप पर समय क्यों नहीं अंकित किया गया।
क्या कहता है अस्पताल प्रबंधन 
        इस बारे अस्पताल के डॉ. विक्रांत भूरिया ने बताया कि पुरे मामले में महिला के परिजन द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत है महिला का ऑपरेशन से डिलवरी ठीक तरह से हुई थी क्योंकि महिला को रक्त का थक्का जमने की बीमारी पहले से ही थी जिसके चलते उसे बड़ोदा रेफर करना का कहा गया था बड़ोदा के बैंकर्स हॉस्पिटल में २ दिन तक महिला का इलाज किया गया एवं महिला के हालत में सुधार होता देख परिजन आधे इलाज में ही उक्त महिला को लेकर मंगलवार को घर ले आये जहाँ गुरुवार रात अचानक तबियत बिगड़ने से महिला की मौत हो गयी , विक्रांत भूरिया द्वारा बताया गया की परिजन जब यहाँ से महिला को लेकर गए थे तब महिला की हालत बिलकुल ठीक थी , अगर परिजन जल्दबाज़ी में महिला को घर लेकर नहीं आते एवं इलाज पूरा करवाते तो महिला जी जान नहीं जाती। 
          उल्लेखनीय है की उक्त वरदान नर्सिंग होम पर पूर्व में कई मरीज़ो द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए है जिनमे फीस अधिक वसूल करना, डिस्पेंसरी द्वारा एक्सपायर डेट की दवाइया बेचना, एवं मरीज़ो का उचित इलाज़ ना  करने जैसे कई गंभी आरोप शामिल है। 
vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus

vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus


vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus

vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus



vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus


vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus

vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus

vardaan-nursing-home-jhabua-Death-of-woman-after-delivry-family-ruckus
लाइव वीडियो 

व्याप्त अव्यवस्थाओं को समयावधि में दूर करने के दिये निर्देश

झाबुआ । जिला चिकित्सालय में मरीजों को होने वाली परेशानियों एवं व्याप्त अव्यवस्थाओं की शिकायत के बाद गुरूवार को प्रातः विधायक शांतिलाल बिलवाल ने जिला चिकित्सालय झाबुआ का औचक भ्रमण कर प्रत्येक वार्ड में जाकर मरीजों से जानकारी प्राप्त की वही व्यवस्थाओं को लेकर भी उन्होने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. डीएस चौहान एवं सिविल सर्जन डा. प्रभाकर को यथेष्ठ निर्देश देकर अस्पताल की व्यवस्थाओं को चौक चोबंद करने तथा किसी भी मरीज को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो  इसके लिये सख्त हिदायत भी दी । विधायक प्रतिनिधि राजेन्द्रकुमार सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि विधायक गुरूवार को प्रातः अचानक जिला चिकित्सालय पहूंचे और अस्पताल मे आये  हुए मरीजों से चर्चा कर परेशानियों आदि के बारे में पुछताछ करने पर बताया गया कि जिला अस्पताल में डाक्टर्स समय पर नही आते है  जिससे मरीजों को इधर उधर परेशान हो ना पडता है।उन्होने सिविल सर्जन को समय पर डाक्टरों के ड्युटी पर उपस्थित रहने के लिये  निर्देशित किया ।  
           विधायक शांतिलाल बिलवाल ने भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बबलू सकलेचा, जितेन्द्र पंवार, नाना राठौर, सीएमएचओ  डा. चौहान एवं सिविल सर्जन डा. प्रभाकर के साथ जिला चिकित्सालय के एक्स-रे  कक्ष का निरीक्षण करने पर पाया कि एक्स-रे मशीन बंद है। उन्होने तत्काल ही सीएमएचओ को मशीन चालू करवाने के निर्देश दिये । सोनीगा्फी कक्ष में व्यापक गंदगी देख कर विधायक ने नाराजगी व्यक्त की तथा सिविल सर्जन को तत्काल ही व्यवस्था को दुरूस्त कर सम्पूर्ण अस्पताल मे स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत ध्यान देने के निर्देश दिये । अस्पताल के भ्रमण के दौरान सभी एसी बंद पाये जाने पर विधायक ने सभी एसी तत्काल चालू करवाने तथा ठेकेदार को हटाने एवं अन्य व्यवस्था करने के निर्देश दिये । विधायक ने शिशु वार्ड का भी भ्रमण कर व्यवस्थाओं को देखा  ।
             वही वृद्धजनों के वार्ड में भी विधायक ने भ्रमण करके वहां वृद्धजनों के उपचार में कोई भी कमी नही आने के निर्देश दिये । विधायक बिलवाल  को वहां उपस्थित मरीजों  एवं महिला मरीजों ने बताया कि अस्पताल गेट के पास मेडिकल दुकान के आसपास व्यापक गंदगी एवं लोगों के द्वारा पेशाब आदि करने से बदबू आती है तथा वातावरण प्रदूषित हो रहा है । उन्होने सिविल सर्जन को तत्काल ही  नगरपालिका से संपर्क करके त्वरित रूप  से अस्पताल परिसर में पूर्ण साफ सफाई करवाने के निर्देश दिये । रोगी कल्याण समिति द्वारा अस्पताल परिसर मे बने हुए प्रतीक्षालय में काफी गंदगी एवं साफ सफाई का अभाव देख कर विधायक ने व्यापक नारागजी व्यक्त की तथा रोगियों एवं उनके परिजनों के लिये बने हुए प्रतीक्षालय की तत्काल ही र्सफाई करवाने के निर्देश दिये । विधायक शांतिलाल बिलवाल ने कहा कि वे सतत कभी भी जिला अस्पताल का भ्रमण करके फिर से व्यवस्थाओं में सुधार के बारे में समीक्षा करेंगे । यदि अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधारा नही गया तो वे उच्चस्तर पर कार्रवाही करने से भी नही चुकेगें ।
खबर का असर 
ज्ञातव्य हो की आशा न्यूज़ द्वारा अस्पताल परिसर में पसरी गन्दगी , अव्यवस्था के चलते 24 तारीख के अंक में  विस्तृत खबर प्रकाशित कर विधायक , एवं अन्य विभागीय अधिकारियो को संज्ञान में लिया गया था ,  महज़ 48  घंटे के भीतर ही उक्त कार्यवाही खबर के सकारात्मक परिणाम को उजागर करती है।
पूरी खबर यहाँ पड़े :- Video News- जिला चिकित्सालय में लग रहा अव्यवस्थाओं का अम्बार , विभाग नहीं ले रहा सुध

राजेश थापा, झाबुआ। जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का हमेशा से ही बोलबाला रहा है। यहाँ का स्वास्थ्य विभाग अपने कार्य के प्रति गैर जिम्मेदाराना है । मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थायें मरीजो के लिये जान की दुश्मन बन गयी है। अव्यवस्थायें ऐसी है कि मरीज यहां आने के बाद भगवान भरोसे ही सुरक्षित वापिस लौट सकता है। गंभीर से गंभीर मरीज को मोटी तनख्वाह पाने वाले चिकित्सक देखने की बजाय चतुर्थ श्रेणी स्टाफ के भरोसे छोड़ देते है। जिसके चलते कई बार मरीजो की मौत हो जाती है। तो कई बार उनकी हालत बिगड़ जाती है।
       मरीजो के तीरमदार चिकित्सको से चाहे जितना गिडगिडाते रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं होता है। अगर मरीज या उसका तीरमदार अस्पताल के जिम्मेदारो से चिकित्सको की आराजकता तथा लापरवाही की शिकायत करता है तो जिम्मेदार उल्टे शिकायत कर्ता पर ही गुर्राने लगते है। कई बार शिकायत कर्ता पर टूट भी पड़ते है। लडाई झगडे पर उतारू हो जाते है। खामियाजा हर तरफ से मरीज तथा उसके साथ आये शिकायत कर्ता को भुगतना पड़ता है। 
          महज 10 महिनों में आदिवासी झाबुआ जिले में गरीब मरीजों के लिये वरदान साबित हो रही डायलिसिस योजना दम तोड़ चुकी है। कभी फिल्टर की कमी तो कभी आरओ प्लांट से मोटर के गायब हो जाने से मरीजों का डायलिसिस नही हो पा रहा। आलम यह है कि जरूरतमंद मरीज अपने घर से मोटर लाकर डायलिसिस करवा रहे है। दरअसल, 26 जनवरी 2017 से प्रदेशभर के जिला अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा शुरू की गई। तब से अब तक कई बार अलग-अलग कारणों के चलते मरीजों को डायलिसिस न होने से परेशानी उठानी पड़ी है। एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल की डायलिसिस मशीन से मोटर चोरी हो गई थी, जिसका अब तक कोई सुराग नही लगा है।
       मामले में जिला अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार एजेंसी के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों द्वारा खुद की मोटर लाकर डायलिसिस करवाए जाने के मामले ने न केवल योजना की ज़मीनी हकिकत उजागर की है बल्कि भोपाल स्तर पर योजनाओं के बनने के बाद उनके क्रियान्वयन को लेकर खस्ताहाल हो चुके सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिये है।            
                   उल्लेखनीय है की चिकित्सालय देश के कुछ चुनिंदा आईएसओ प्रमाणित चिकित्सालय में से एक है , बावजूद इसके ऐसी अनियमितता और अव्यवस्था विभागीय ढांचे एवं जिम्मेद्दारो की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाती है ।  
 चिकित्सक नहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहे इलाज
      जिला चिकित्सालय में आपातकालीन चिकित्सा कक्ष / ट्रामा सेंटर भी केवल देखने भर को रह गया है। यहाँ अगर गंभीर रूप से घायल या बीमार व्यक्ति भर्ती होता है तो उसका इलाज चतुर्थ श्रेणी या सफाई कर्मचारी के सहारे ही चलता है। इमरजेंशी डयूटी करने वाले चिकित्सक गंभीर से गंभीर मरीज को भी उठकर देखना भी मुनासिब नहीं समझते। चिकित्सक को तो छोडिय़े फार्मासिस्ट तथा अन्य स्टाफ भी मरीज के आस-पास नहीं भटकते। सारा इलाज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सहारे होता है। चिकित्सीय शिक्षा से पूरी तरह अनभिज्ञ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गंभीर रूप से घायल मरीज के सही ढंग से घाव साफ तक नहीं करते। सीधे घटिया दवा लगाकर चारो तरफ पटटियां बांधकर मरीज को बस रेफर भर करने की खानापूर्ति कर देते है। जिसके चलते कई बार ऐसे मरीजो की जिंदगी भी खतरे में पड़ जाती है। जिन्हे आसानी से बचाया जा सकता है।
जिला चिकित्सालय में लग रहा अव्यवस्थाओं का अम्बार , विभाग नहीं ले रहा सुध-Disturbing-disorder-in-jhabua-district-hospital-department-not-taking-action        ऐसे तो हर सरकारी अस्पताल में चिकित्सको की लापरवाही मरीजो के लिये मौत का कारण बनती रही है। लेकिन जिला चिकित्सालय में स्थिति बदसे बदतर है। अगर किसी गंभीर मरीज को किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत होती है तो डयूटी पर होने के बाबजूद चिकित्सक मरीज तक जाने की बजाय मरीज के तीरमदारो को यह सलाह देते है। कि मरीज को जहां वह बैठे हो वही लेकर आओ। कुछ कदम चलने की बजाय मरीज को जो पूरी तरह चलने में असमर्थ होता है। उसे अपने पास बुलाने की बात करते है। हां वह बात अलग है कि यह भी चिकित्सक अपने निजी नर्सिंग होमो में जरूर दौड-दौड़ कर मरीज सेवा करते है। क्योंकि वहां इन्हे अच्छी खासी आमदनी होती है।
           चारो तरफ पटी गन्दगी और इसी गन्दगी के बीच इलाज को तरस रहे मरीज़ शायद दबी जुबान अपने आप को कोसते नज़र आते है काश किसी निजी चिकित्सालय में इलाज कराया होता तो ऐसी फ़ज़ीहत ना होती।  डॉक्टरों की कमीशनबाजी और कर्मचारियों का गैर जिम्मेदाराना रवैया..... बहरहाल सेकड़ो मरीज़ो की जान ले चूका है और सेकड़ो की जान लेने पर आमदा है।
 मोटी तनख्वाह पाने वाले चिकित्सक कर रहे निजी प्रेक्टिस
     सरकार से मिलने वाली तनख्वाह को यह मुप्त का माल मानकर चलते है। चिकित्सको की निजी प्रेक्टिस के चलते ही अस्पताल की व्यवस्थायें गडबडायी है। पूरा ध्यान इन चिकित्सको का अपने उन मरीजो की तरफ होता है। जो या तो इन चिकित्सको के घर में दिखाते है या फिर चिकित्सक के निजी नर्सिंग होम या उस अस्पताल में जहाँ चिकित्सक अप्रत्यक्ष रूप से किसी दूसरे के नाम से संचालित करता है। जिला चिकित्सालय की तकरीबन सभी चिकित्सक किसी न किसी निजी अस्पताल से जुड़े है। या फिर अपना स्वंय का अस्पताल खोले है।
          वाकायदा वहां मरीज भी बैठकर देखते है। नाम भले ही किसी दूसरे चिकित्सक के नाम से पंजीकृत हो। लेकिन असली मालिक यही चिकित्सक होते है। जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सको के साथ-साथ अस्पताल के जिम्मेदार लोग भी मरीजो के प्रति घोर लापरवाही बरतते है। इन्ही जिम्मेदारो की शह के चलते अस्पताल की व्यवस्थायें गडबडायी हुयी है। ऐसे में जरूरी है कि शासन ध्वस्त हो चुकी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिये सबसे पहले लापरवाह हो चुके सरकारी चिकित्सको के पेंच कसे। या फिर बडे-बडे दाबे करना छोड़ दे। आम जनमानस को यमराज के रूप में पल रहे इन्ही भ्रष्ट चिकित्सको के हवाले छोड़ दे।
निजी एम्बुलेंस संचालको से भी कमीशनबाजी
      जिला चिकित्सालय के गेट के बाहर दर्जनो की संख्या में निजी एम्बुलेंस तथा अन्य चारपहिया वाहन खड़े रहते है। जिनका सीधे चिकित्सको से कान्टेक्ट होता है। इसी कान्टेक्ट के चलते ऐसे मरीजो को भी दाहोद या बड़ोदा के लिये रेफर कर दिया जाता है। जिन्हे आसानी से सही इलाज उपलब्ध कराकर जिला चिकित्सालय में ही ठीक किया जा सकता है। लेकिन दो जगह की कमीशन के चलते चिकित्सको द्वारा मानवता को ताक पर रखकर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। यहां एक तो एम्बुलेंस संचालक प्रति मरीज के हिसाब से रेफर करने वाले चिकित्सको को पैंसा देते है। वहीं जिस अस्पताल के लिये चिकित्सक मरीज को रेफर करता है वहां से भी उस चिकित्सक के पास कमीशन आ जाती है। चिकित्सको की कार्यप्रणाली देखकर ऐसा लगता है कि अब यह सब बेनामी हो गये है कि चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप होता है बल्कि अब यह सही होगा कि चिकित्सक भगवान नहीं बल्कि शैतान बन गये है जो मानवता को बचाने की जगह निगलने का काम कर रहे है।
*सरकारी अस्पताल की दवाईयों को घटिया क्यों बताते है चिकित्सक?*
            अधिकतर सरकारी चिकित्सक मरीजो को बाहर से दवाईयां खरीदने की सलाह देते है। सलाह के पीछे का कारण भी बताते है कि सरकारी अस्पतालो में सप्लाई होने वाली दवाओं निर्धारित मानको के अनुसार नहीं होती है। लिहाजा गंभीर रूप से घायल या बीमार मरीज को सरकारी दवाओं के सहारे ठीक करना मुश्किल होता है। ऐसे में महंगी बाहरी दवायें ज्यादा कारगर साबित होती है। हालांकि इस सलाह के पीछे यह हकीकत भी छिपी हुयी है कि जो दवायें सरकारी अस्पताल में सप्लाई होती है उनकी क़्वालिटी घटिया होती है। यानि चिकित्सको की माने तो बडे पैमाने पर दवा सप्लाई में भी घोटाला है। चिकित्सक यह सलाह आम मरीजो को नहीं देते है। बल्कि उन मरीजो को देते है। जो उनके करीब होते है। अगर चिकित्सको की यह सलाह सही है तो सरकार को भी गंभीरता से लेकर सरकारी अस्पतालो की दवा वितरण प्रणाली की जांच करानी चाहिये।
लाइव वीडियो 

लक्षित 7656 बच्चों एवं 1962 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा

झाबुआ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा माह अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर 2017 व जनवरी 2018 तक प्रतिमाह 18 तारीख तक सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान चलाया जाएगा। मिशन इन्द्रधनुष अभियान अंतर्गत जिले के टीकाकरण के लिए चिन्हित 7656 बच्चों एवं 1962 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए 1035 सत्र आयोजित किये जायेगे। अभियान के दौरान जिले मे मिशन इन्द्रधनुष का शुभारंभ आज 9 अक्टूबर को किया गया। अभियान 9 से 18 अक्टूबर तक चलेगा, इस दौरान 0-2 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती माताओं का टीकाकरण किया जाएगा।
         किशनपुरी के आंगनवाडी केन्द्र पर पहुंचकर कलेक्टर आशीष सक्सेना, सीएमएचओ श्री चौहान, जिला टीकाकरण अधिकारी गणावा भाजपा जिलाध्यक्ष दौलत भावसर एवं जनप्रतिनिधियो ने मिशन इन्द्रधनुष के दौरान टीकाकरण का औपचारिक शुभारंभ किया।

Trending

[random][carousel1 autoplay]

More From Web

आपकी राय / आपके विचार .....

निष्पक्ष, और निडर पत्रकारिता समाज के उत्थान के लिए बहुत जरुरी है , उम्मीद करते है की आशा न्यूज़ समाचार पत्र भी निरंतर इस कर्त्तव्य पथ पर चलते हुए समाज को एक नई दिशा दिखायेगा , संपादक और पूरी टीम बधाई की पात्र है !- अंतर सिंह आर्य , पूर्व प्रभारी मंत्री Whatsapp Status Shel Silverstein Poems Facetime for PC Download

आशा न्यूज़ समाचार पत्र के शुरुवात पर हार्दिक बधाई , शुभकामनाये !!!!- निर्मला भूरिया , पुर्व विधायक

जिले में समाचार पत्रो की भरमार है , सच को जनता के सामने लाना और समाज के विकास में योगदान समाचार पत्रो का प्रथम ध्येय होना चाहिए ... उम्मीद करते है की आशा न्यूज़ सच की कसौटी और समाज के उत्थान में एक अहम कड़ी बनकर उभरेगा - कांतिलाल भूरिया , पुर्व सांसद

आशा न्यूज़ से में फेसबुक के माध्यम से लम्बे समय से जुड़ा हुआ हूँ , प्रकाशित खबरे निश्चित ही सच की कसौटी ओर आमजन के विकास के बीच एक अहम कड़ी है , आशा न्यूज़ की पूरी टीम बधाई की पात्र है .- शांतिलाल बिलवाल , पुर्व विधायक झाबुआ

आशा न्यूज़ चैनल की शुरुवात पर बधाई , कुछ समय पूर्व प्रकाशित एक अंक पड़ा था तीखे तेवर , निडर पत्रकारिता इस न्यूज़ चैनल की प्रथम प्राथमिकता है जो प्रकाशित उस अंक में मुझे प्रतीत हुआ , नई शुरुवात के लिए बधाई और शुभकामनाये.- कलावती भूरिया , पुर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

मुझे झाबुआ आये कुछ ही समय हुआ है , अभी पिछले सप्ताह ही एक शासकीय स्कूल में भारी अनियमितता की जानकारी मुझे आशा न्यूज़ द्वारा मिली थी तब सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित कर पुरे मामले को संज्ञान में लेने का निर्देश दिया गया था समाचार पत्रो का कर्त्तव्य आशा न्यूज़ द्वारा भली भाति निर्वहन किया जा रहा है निश्चित है की भविष्य में यह आशा न्यूज़ जिले के लिए अहम कड़ी बनकर उभरेगा !!- डॉ अरुणा गुप्ता , पूर्व कलेक्टर झाबुआ

Congratulations on the beginning of Asha Newspaper .... Sharp frown, fearless Journalism first Priority of the Newspaper . The Entire Team Deserves Congratulations... & heartly Best Wishes- कृष्णा वेणी देसावतु , पूर्व एसपी झाबुआ

महज़ ३ वर्ष के अल्प समय में आशा न्यूज़ समूचे प्रदेश का उभरता और अग्रणी समाचार पत्र के रूप में आम जन के सामने है , मुद्दा चाहे सामाजिक ,राजनैतिक , प्रशासनिक कुछ भी हो, हर एक खबर का पूरा कवरेज और सच को सामने लाने की अतुल्य क्षमता निश्चित ही आगामी दिनों में इस आशा न्यूज़ के लिए एक वरदान साबित होगी, संपादक और पूरी टीम को हृदय से आभार और शुभकामनाएँ !!- संजीव दुबे , निदेशक एसडी एकेडमी झाबुआ

Contact Form

Name

Email *

Message *

E-PAPER
Layout
Boxed Full
Boxed Background Image
Main Color
#007ABE
Powered by Blogger.