Swami Vivekananda's birthday will be on 12 January world youth Day स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन 12 जनवरी को होगा सामूहिक सूर्य नमस्कारझाबुआ। स्वामी विवेकानंद का जन्म दिन 12 जनवरी युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जिले की सभी शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9 बजे से प्रातः 10.30 बजे तक उत्कृष्ट विद्यालय के मैदान मे सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जायेगा। शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम सभी शिक्षण संस्थाओं में आयोजित किया जायेगा। 
     सामूहिक सूर्य नमस्कार 12 जनवरी यानी कल प्रातः 9 बजे आरंभ होगा। प्रातः 9. बजे से 10.30 बजे तक राष्ट्रगीत, वन्दे मातरम एवं मध्यप्रदेश गान का सामूहिक गायन किया जायेगा । इसके बाद प्रातः 9.30 बजे मुख्यमंत्री जी के संदेश का सजीव प्रसारण किया जायेगा। इसके बाद सूर्य नमस्कार एवं प्रणायाम पूर्व की भांति रेडियो के माध्यम से संपन्न किया जायेगा। कार्यक्रम का समापन प्रातः 10.30 बजे होगा। कलेक्टर श्री प्रबल सिपाहा द्वारा सभी आयोजन स्थलो पर रेडियो चलाये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एवं सभी प्राचार्यों तथा प्राध्यापक को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार आयोजन के निर्देशित किया गया है। 
कक्षा 5 वी से महाविद्यालय तक के छात्र होगे शामिल
इस आयोजन में कक्षा 5 वी से 12 वी तक के तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थी शामिल होगे। इसमें किसी भी संस्था अथवा छात्र/छात्रा का भाग लेना पूर्णतः स्वैच्छिक होगा और इस हेतु किसी प्रकार की आध्यता नही है। किन्तु स्वास्थ्य के लिए सूर्य नमस्कार बहुत लाभदायक है। अतः विद्यार्थी सहित आमजन भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ ले। बैठक में एडीएम श्री दिलीप कापसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अनुराग चौेधरी सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।
क्या है सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार भारतीय योग परंपरा का अभिन्न अंग हैं यह विभिन्न आसन मुद्रा और प्राणायाम का वह समन्वय है जिससे शरीर के सभी अंगों उपांगो का पूर्ण व्यायाम होता है। सूर्य नमस्कार बारह स्थितियों से मिलकर बना है। सूर्य नमस्कार के एक पूर्ण चक्र में 12 स्थितियों को क्रम से दोहराया जाता है। सूर्य नमस्कार नामक यह आयाम 7 आसनों का समुच्चय है।
  1. पहला आसनः- प्रार्थना की मुद्रा, प्रार्थना मुद्रा एकाग्र एवं शांत अवस्था लाता है तथा रक्त संचार को सामान्य करता है। 
  2. दूसरा आसनः- हस्त उत्तानासन यह आसन उदर की अतिरिक्त चर्बी को हटाता है और पाचन को सुधारता है। इससे फेफडे पुष्‍ट होते है, भुजाओं और कंधो की मांसपेशियों का व्यायाम होता है। 
  3. तीसरा आसनः- पदहस्तासन,यह आसन पेट व आमाशय के दोशों को दूर करता है। कब्ज को हटाने में सहायक है। रीढ को लचीला बनाता है एवं रक्त संचार में तेजी लाता है। रीढ के स्नायुओं के दबाव को सामान्य बनाता है। 
  4. चौथा आसनः- अश्व संचालनालय उदर के अंगों की मालिश कर कार्य प्रणाली को सुधारता है। इससे पैरो की मांसपेशियों को शक्ति मिलती है। 
  5. पांचवा आसनः- पर्वतासन भुजाओं एवं पैरो के स्नायुयों एवं मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है। मस्तिश्क को क्रियाशील बनाता है। 
  6. छठवा आसनः- अष्टांग नमस्कार यह आसन पैरो और भुजाओं की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करने के साथ ही सीने को विकसित करता है। 
  7. सातवां आसनः- भुजंगासन यह आसन पेट संबंधी रोगो को ठीक करने में उपयोगी है साथ ही रीढ के प्रमुख स्नायुओं को नयी शक्ति मिलती है। दमा, ब्रोन्काइटिस इत्यादि रोगो को दूर करने में भी उपयोगी होता है।

        सूर्य नमस्कार में बारह स्थितियॉ होती है। शेष पांच स्थितियां क्रमशः पर्वतासन, अश्व संचालनासन, पाद हस्तासन, हस्त उत्तानासन एवं प्रार्थना की मुद्रा आसन का दोहराव है। सूर्य नमस्कार के साथ ही प्रणायम भी करवाया जाएगा। अनुलोम-विलोम प्राणायाम मस्त्रिका प्राणायाम एवं भ्रमरी प्राणायाम जिला स्तर पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ में सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में अधिकारी एवं विद्यार्थियों द्वारा सूर्य नमस्कार एवं प्रणायाम किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. अरूणा गुप्ता ने सभी शासकीय सेवकों एवं आमजनों को अपने निकट की शैक्षणिक संस्था में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आहवान किया है।


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