तहसील रामा को राजस्व पेटलावद से ना जोड़ते हुए पुनः अनुविभाग झाबुआ से जोड़ने की मांग 

झाबुआ। शासन द्वारा 1 नवंबर को रामा को नई तहसील बनाए जाने का दर्जा प्रदान किया गया है। जिसके बाद कलेक्टर आशीष सक्सेना द्वारा उक्त तहसील को पेटलावद राजस्व मंडल में जोड़े जाने के निर्णय से आहत तहसील के अनेक रहवासियों ने शुक्रवार को दोपहर जिला मुख्यालय पहुंचकर इस संबंध में कलेक्टर श्री सक्सेना के नाम एसडीएम कैलाशचन्द्र परते को ज्ञापन सौंपकर रामा तहसील को पेटलावद राजस्व मंडल में नहीं जोड़ते हुए इसे पहले की तरह ही झाबुआ अनुविभाग में जोड़े रखने की मांग की। 
 वरिष्ठ पत्रकार डाॅ. अनिल श्रीवास्तव, अभिभाषक सलेल पठान, राकेश कटारा, शैलेन्द्र राठौर के नेतृत्व में ग्राम पारा, खरड़ूबड़ी, बावड़ी सहित रामा तहसील के अनेक गांवों से करीब 25-30 रहवासी शुक्रवार को दोपहर साढ़े 12 बजे कलेक्टोरेट पहुंचे। कलेक्टोरेट में उन्होंने कलेक्टर के नाम एसडीएम श्री परते को ज्ञापन सौंपकर अवगत करवाया कि शासन द्वारा 1 नवंबर को रामा को नई तहसील बनाए जाने के फैसले से हर्ष है, किन्तु उक्त तहसील को कलेक्टर द्वारा राजस्व मंडल पेटलावद से जोड़े जाने का निर्णय लिया गया है, जो कि अनुचित है। वर्तमान में रामा तहसील के अंतर्गत 55 ग्राम पंचायते आती है तथा 125 के अंतर्गत ग्राम आते है, जो कि जिला दंडाधिकारी के आदेष के पूर्व झाबुआ राजस्व के अंतर्गत आते थे। 
100 से अधिक किमी दूर जाना पड़ेगा
ज्ञापन में आगे बताया गया कि रामा तहसील के अंतर्गत पारा क्षेत्र में लगभग 24-25 पंचायते आती है एवं 70-80 ग्राम आते है। रामा को तहसील बनाने पर पारा की इन पंचायतों एवं ग्रामों के रहवासियों को झाबुआ के स्थान पर अब रामा जाना पड़ रहा है, ऐसे में ओर कलेक्टर द्वारा इस तहसील को पेटलावद राजस्व मंडल से जोड़ने से पूरी तहसील के लोगों को 100 से अधिक किमी का सफर तय कर अब पेटलावद जाना पड़ेगा, जिससे गरीब लोगों का पैसा एवं समय दोनो बर्बाद होगा।
पारा को ब्लाॅक का दर्जा नहीं मिला
साथ ही बताया गया कि ग्राम पारा क्षेत्र के रहवासियों द्वारा कई बार प्रषासन एवं राजनैतिक स्तर पर गुहार लगाई गई कि पारा को ब्लाॅक का दर्जा दिलवाया जाए। पारा को ब्लाॅक का दर्जा तो नहीं मिला, अपितु उल्टे पारा के राजस्व को तसहील पेटलावद से जोड़़ दिया गया है। जिसके अंतर्गत पारा क्षेत्र में आने वाली ग्राम पचंायत वागलावाट भूरिया, गुलाबपुरा, रजला, महुड़ीपाड़ा, रेहन्दा, सिलखोदरी, बलोला, रातीमाली, पारा, नरसिंगपुरा, दौलतपुरा, झुमका, पिथनपुर, आम्बा, पलासड़ी, धांधलपुरा, खरड़ू, बावड़ी, धमोई, चुड़ेली, कलमोड़ा, सागीया, छापरी रणवास, इस प्रकार कुल 80 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को अब न्याय पाने हेतु काफी दूर जाना पड़ेगा, जिसमें उन्हें काफी असुविधा होगी। इसके साथ ही रामा (कालीदेवी) के अंतर्गत भी लगभग 30 पंचायते आने से उनके रहवासियों को भी काफी परेषानी होगी।
पुनः झाबुआ अनुविभाग में  जोड़ने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि रामा तहसील के समस्त रहवासियों की परेशानियों को देखते हुए कलेक्टर द्वारा वर्तमान पारित आदेश को स्थगित किया जाकर रामा तहसील को पुनः झाबुआ राजस्व अनुविभाग में जोड़ा जाए। ज्ञापन सौंपते समय कोमलसिंह, कैलाश खराड़ी, रमेश महोतिया, जोगड़िया, प्रेमसिंह, वालसिंह, करणसिंह परमार सहित अनेक ग्रामवासी उपस्थित थे। 

रामा तहसील के रहवासियों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को मांग का सौंपा ज्ञापन-Residents-of-Rama-tahsil-submitted-memorandum-to-the-SDM
एसडीएम झाबुआ श्री परते को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपंते रामा तहसील के रहवासी