कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया राजपूत सरदारों से शहर को हरा-भरा करने का आव्हान

झाबुआ। शहर में प्रत्येक समाज की तरह राजपुत समाज भी अब सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है। महाराणा प्रताप वीरता के साथ पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखते थे एवं समय-समय पर सभी को पर्यावरण को बढ़ावा देने की प्रेरणा देते थे। जंगल में घास की रोटी खाकर अकबर से लोहा लेना समाज और देश के लिए असाधारण सी घटना है। हम सभी को झाबुआ शहर को हरा-भरा करने का संकल्प लेना चाहिए एवं जहां आवष्यक लगे कम से कम 10-10 पौधे जरूर लगाकर उन्हें बड़ा करना चाहिए।    
        उक्त प्रेरणादायी विचार कलेक्टर आशीष सक्सेना ने महाराणा प्रतापजी की जयंती के उपलक्ष में रविवार रात स्थानीय पैलेस गार्डन पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक महेशचन्द्र जैन ने कहा कि आज महाराणाजी जैसे यौद्धा पैदा होना ही बंद हो गए है। अपने सीने पर कई टनो का लोहा पहने जब महाराणाजी युद्ध भूमि में होते थे, तो उनको देखकर ही दुष्मन भाग खड़े होते थे। यदि सभी ने सहयोग दिया होता तो महाराणा प्रताप को कभी हराया नहीं जा सकता था। पर्यावरण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता पर श्री जैन ने कहा कि आज आमजनों में पर्यावरण के प्रति सजगता आई है और इसी कारण हम सभी मिलकर इसके संतुलन में बड़ी भागीदारी निभा सकते है। सभी आने वाले वर्षाकाल में स्वेच्छा से पौधारोपण कर उसे बड़े करने का संकल्प ले। 
महाराणा प्रताप पूरे देश के लिए वीर सपूत है 
समारोह में विशेष रूप से उपस्थित विष्व हिन्दू परिषद् के प्रांतीय अध्यक्ष आशुतोष शेखावत ने बताया कि महाराणा प्रतापजी समाज के ही नहीं अपितु पूरे देश के भी वीर सपूत है। यदि उस दौरान सभी राजपूत राजा एक हो जाते तो अकबर को देश से बाहर कर दिया जाता। महाराणा प्रतापजी ने अंत तक अपनी हार नहीं स्वीकार की और अकबर जैसे आक्रमणकारी से निरंतर लोहा लेते रहे। श्री शेखावत ने इस दौरान वीर सपूत के जीवन पर विस्तार से प्रकाश भी डाला। समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा महाराणा प्रतापजी के चित्र पर दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पांजलि कर किया गया। 
इनका किया गया सम्मान
इस अवसर पर शहर में समाज का नाम रोशन करने वाले बालक-बालिकाओं के साथ दो सामाजिक सरदारों का भी सम्मान किया गया। समाज के कार्यक्रमों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाने वाले जयंतीलाल राठौर एवं पशु प्रेमी गोविन्दसिंह पंवार का सम्मान शाल-श्रीफल भेटकर एवं पुष्पमालाएं पहनाकर कलेक्टर श्री सक्सेना एवं पुलिस अधीक्षक श्री जैन ने किया। इसके साथ ही शहर में शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट करने वाले छात्र-छात्राओं में अवनि राठौर, तनिष्का गेहलोत, सेजल चौहान, निशा गौर, मिलन झाला, गौतम चंद्रावत, अवनि धाकरे, यशोजित चावड़ा, कृतिका सिसौदिया, यशप्रताप सिकरवार, अनमोल धाकरे, हरिअक्ष पंवार का अतिथियों द्वारा पुष्पमाला पहनाकर एवं प्रशस्ति पत्र तथा शील्ड देकर सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन गजेन्द्रसिंह चंद्रावत ने किया एवं आभार नीरजसिंह राठौर ने माना। समारोह को सफल बनाने में राजपूत, क्षत्रिय महासभा, करणी सेना के युवाजनों ने भरपूर सहयोग प्रदान किया। 
विशाल शोर्य यात्रा निकाली गई
इससे पूर्व महाराणा प्रताप जन्मोत्सव समिति द्वारा राजवाड़ा चौक से विशाल शोर्य यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। यह यात्रा शहर के नेहरू मार्ग, मनोकामना तिराहा, आजाद चौक, बाबेल चौराहा, थांदला गेट, रूनवाल बाजार, जैन मंदिर, लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए पैलेस गार्डन पहुंची। जहां उक्त समारोह का आयोजन हुआ। 

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