झाबुआ।  कांग्रेस ने मिटटी की सड़क से अधिक कुछ काम नहीं किया जबकि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत दुरस्त आदिवासी इलाको में पक्की सड़के बन गयी है। कांग्रेस के शासन काल में आदिवासियों की मिटटी की सड़को से अधिक मांगने की कुछ हिम्मत नहीं होती थी लेकिन अब तो आदिवासी टू लेन सड़को की मांग करने लगे है . जो कार्य कांग्रेस चार पीड़ी में नहीं कर पायी वह मोदी ने चार साल में कर दिखाया और जो कार्य कांग्रेस पचास साल में नहीं कर सकी वह शिवराज ने 15 वर्ष में कर दिखाया विकास का यह सिलसिला अब नहीं थमेगा.
        उक्त विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्यान झाबुआ के महती सभा में पीजी कॉलेज मैदान पर भाजपा आयोजित सभा में सीमावर्ती जिलों सहित दूरदराज़ के आदिवासी अंचलो से भारी संख्या में आये आदिवासियों को सम्बोधित करते हुए कही। सर्वप्रथम आदिवासियों द्वारा परम्परागत नृत्य प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री की सभा में भाग लेने हेतु केंद्रीय मंत्री थावर सिंह गेहलोत एवं यशवंत भाबर पहले ही मंच पर आ गए थे। जिला भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री के भी आने की जानकारी मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से दी थी किन्तु मुख्यमंत्री यहाँ नहीं आये। सभा में झाबुआ सहित धार एवं अलीराजपुर जिले के विधानसभा सीट के प्रत्याशियों में दो प्रत्याशी नदारद रहे।
        प्रधानमंत्री ने कहा कि झाबुआ से मेरा पुराना नाता है। झाबुआ चंद्रशेखर आजाद की कर्मभूमि है। उन्‍होंने एक बार फिर कांग्रेस सरकार को कोसते हुए कहा कि संपत्ति न होने पर पहले बैंक वाले लोन नहीं देते थे, खेत गिरवी रखवाते थे। जिसके पास संपत्ति नहीं है वो क्या गिरवी रखेगा। पर आज अगर मेरे आदिवासी भाई मुद्रा लोन चाहते हैं तो कोई गारंटी की जरूरत नहीं है। 14 करोड़ लोगों को बिना गारंटी लोन मिला है। इनमें से 70 फीसदी ऐसे लोग हैं जिन्हें बैंक से पहली बार पैसा लेने का सौभाग्य मिला है।

       पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नौकरी देने के मामले में गरीबों के पैसे लूटे जाते थे, भ्रष्टाचार होता था, उन सभी पर हमने रोक लगाई।  है इसलिए अब कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि, इस देश को भ्रष्टाचार ने तबाह किया है कि नहीं, देश को इससे बाहर निकलना चाहिए कि नहीं। दीमक लगती है तो सबसे ज़हरीली दवाई डालना पड़ती है। इसलिए नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया।  कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस ने वादा किया था कर्ज माफ करेंगे। अब किसानों को जेल भेजने के वारंट निकल रहे हैं। जब मैडम की रिमोट कंट्रोल वाली सरकार थी, तब 6 लाख करोड़ कर्ज था। 60 हज़ार करोड़ भी माफ नहीं किया। ये बातें बाहर नहीं आई।
        कांग्रेस वाले किसानों की बात करते हैं, लेकिन बताइए 15 सिंचाई प्रोजेक्ट प्रदेश के क्यों अटकते रहे। देश में हमने ऐसे 99 प्रोजेक्ट खोजकर निकाले। ऐसे प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिए और काम पूरे हुए। हमने सपना देखा है 2022 में भारत की आज़ादी के 75 साल होंगे। चंद्रशेखर आज़ाद ने जो सेपने देखे देखे थे वो पूरे करना। किसानों की आय दोगुनी करना, पक्का घर सबका हो। हमने 1 करोड़ 25 लाख को घर बनाकर चाबी दे दी। हमारे घर में उनके जैसी चाहरदीवारी नहीं, घर में नल भी होगा, बिजली, पानी, गैस होगा।
     पहले जितना काम होता था उससे दोगुना किया है।   पहले घर, ज़मीन गिरवी रखाते थे। जिनके पास कुछ नहीं वो क्या गिरवी रखेंगे। हमने 14 करोड़ लोन बिना गारंटी स्वीकृत किए। 70 प्रतिशत पहली बार लोन लेने वाले। वो खुद कमा रहे और गांव के दूसरे युवाओं को भी रोजगार दे रहे।
      पीएम मोदी ने रैली में कहा कि, पहले कांग्रेस के समय लोन मेले लगते थे तो बाबू आकर ज्ञान देते थे। उन्हें बताते थे तेज़ी से बढ़ेंगे। वो लोन ले लेता था। कुछ होता नहीं था। गांव में लालबत्ती वाले साहब आते थे। गांव वाले आग्रह करते थे रात रुक जाइए। वो मेहमाननवाज़ी के लिए कड़कनाथ को कड़क कर देता था। लोन वहीं का वहीं। वो आदिवासियों का भला नहीं कर पाए। हमने मुद्रा योजना में नया हौसला दिया है।  पीएम मोदी ने कहा कि, हमने 14 करोड़ लोन बिना गांरटी के मंजूर किए हैं। उसमें 70 फीसद वो लोग हैं, जिन्हें पहली बार बैंक से पैसा मिला है। वो आज अपने पैरों पर खड़े हुए हैं। वो दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। ये सुदूर इलाकों के नौजवानों के हाथों में ताकत देने का काम किया है।


     हमने मुद्रा योजना के तहत जवानों को अपने पैरों पर खड़ा रहने की ताकत दी है। पहले बैंक लोन नहीं देते थे। घर, खेत गिरवी रखने पर लोन मिलता था। जिसके पास कुछ नहीं है, वो क्या गिरवी रखेगा। हमारी सरकार ने गारंटी का चक्कर खत्म किया। मुद्रा योजना के तहत उन्हें लोन दिया गया और वो आसानी से अपना कारोबार चला रहे हैं।   मुझे झाबुआ के लोगों से बातचीत करने का मौका मिलता रहा है। झाबुआ की चंपाबेन से बातचीत में वह कड़कनाथ लेकर आई थी। उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात हुई थी। यह कड़कनाथ मुर्गा झाबुआ की बहनों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के साथ ही लोगों को भी कड़क बनाता है।  पीएम मोदी ने गुजराती में अपने भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि, आज मैं अपने परिवार के बीच आया हूं। सौभाग्य महसूस कर रहा हूं। ये धरती देवझिरी और कालिका मां की धरती है। ये चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली है।
विरोधियों को परेशानी है मोदी बिना थके इतना काम कैसे कर लेता है
       पीएम मोदी ने अपना भाषण खत्म करते हुए कहा कि, मैं आपको पुराने पड़ोसी होने के नाते भरोसे दिलाता हूं, आपके लिए काम होगा। आदिवासियों को इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया। हमने भ्रष्टाचार बंद करने के लिए एक के बाद एक कई कदम उठाए। कांग्रेस की बोखलाहट इसलिए है कि 50 साल से बने उनके भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हो गए। मध्यप्रदेश में 55 साल में 1500 स्कूल बनाए, शिवराज ने 15 साल में 4 हज़ार बनाए। कोयला घोटाला, पनडुब्बी घोटाला, हेलिकॉप्टर घोटाले के चक्कर में किसान का घोटाला सामने नहीं आया। जब चोरी पकड़ाई तो नया खेल खेला, 7 करोड़ लोगों को सर्टिफिकेट नहीं दिया। उस किसान को लोन मिलना बंद हो गया। विरोधियों को परेशानी है मोदी बिना थके इतना काम कैसे कर लेता है।
आदिवासियों का मत (जो संवाददाता को आदिवासी महिला पुरुषो ने बताया )
सभा स्थल पर संवाददात्ता  ने सभा में आये आदिवासी महिला पुरुषो से संवाद किया तो मालूम हुआ की मोदी का जादू आदिवासियों के भी सर चढ़कर बोल रहा है। एसपीजी की गहन सुरक्षा व्यवस्था की वजह से कुछ आदिवासियों का आना बाधित हुआ।  दूरदराज़ के रहने वाले आदिवासी लोग बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री की सभा के बाद सभा स्थल पर आते देखे गए।  जिनके मन में प्रधानमंत्री को नहीं सुनने की निराशा दृष्टिगोचर हो रही थी।  कुछ आदिवासियों ने बताया की वो प्रधानमंत्री को सुनने आये थे किन्तु प्रधानमंत्री की सभा हो चुकी थी।
           प्रधानमंत्री की सभा से लौटी झाबुआ जनपद की ग्राम चारोलीपाडा निवासी आशा पति किशोर खराड़ी जो की अपने डेढ़ वर्ष के बचे को उठाये हुए तथा दो स्कूली बालिकाओ के साथ आयी थी उसने संवाददत्ता  पूछे जाने पर कहा की में अपना वोट मोदी जी और शिवराज के प्रतिनिधिता ही दूंगी उन्होंने हमारे लिए अच्छा काम किया है ।  
          झाबुआ जनपद की ग्राम मोद निवासी देवचंद पिता बच्चू ने कहा की मोदी जी ने अपने भाषण में जो कहा वह बिलकुल सही कहा इस सरकार के शासन में आदिवासियों के हित में बहुत काम हुआ है।  
       थांदला जनपद के करंजपाड़ा ग्राम के निवासी बालू पिता नानिया कटारा ने पूछे जानने पर कहा की मोदी और शिवराज के राज में अच्छा कार्य हुआ है एक रुपये गेंहू मिल रहा है।  में तो अपना मत भाजपा को ही दूंगा।  पिटोल निवासी एक अन्य आदिवासी ने कहा की फसल अच्छी नहीं हुई है में तो काम पर जाऊंगा किन्तु मेरे घर वाले तो मोदी की पार्टी को ही वोट देंगे।