Articles by "कड़कनाथ मुर्गा"

#Measles-Rubella 15 अगस्त 26 january 26 जनवरी abvp Administrative Admission-Alert b4 cinema balaji dhaam bhagoria bhagoria festival jhabua bjp cbse result cinema hall jhabua city crime cultural education election Epaper events Exclusive Famous Place Gallery gopal mandir jhabua Health and Medical jhabua jhabua crime Jhabua History Jobs Kadaknath matangi Meghnagar MISSING- ALERT Movie Review MPEB MPPSC National Body Building Championship India New Year NSUI petlawad politics post office ram sharnam jhabua Ranapur religious religious place Road Accident rotary club sd academy social sports thandla tourist place Video Visiting Place Women Jhabua अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अखिल भारतीय साहित्य परिषद अंगूरी बनी अंगारा अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अपराध अरोडा समाज अल्प विराम कार्यक्रम अवैध शराब आई.टी.आई आईसेक्ट आंगनवाड़ी आचार संहिता आजाद जयंती आदित्य पंचोली आदिवासी गुड़िया आनंद उत्सव आपकी सरकार आपके द्वार आबकारी विभाग आयुष्मान भारत योजना आरटीओं आर्ट आॅफ लिविंग शिविर आर्मी भर्ती आलेख आवंला नवमी आंवला नवमी आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक इनरव्हील क्लब ईद उत्कृष्ट सड़क उपचुनाव उमापति महादेव ऋषभदेव बावन जिनालय एकात्म यात्रा एजुकेट गर्ल्स एनएसयूआई एमपी पीएससी कड़कनाथ मुर्गा कन्या भोज कम्प्यूटर ऑपरेटर महासंघ कलाल समाज कलावती भूरिया कलेक्टर कलेक्टर कार्यालय कल्लाजी महाराज कवि सम्मेलन कांग्रेस कांतिलाल भूरिया कार्तिक पूर्णिमा कालिका माता मंदिर कालीदेवी कावड़ यात्रा किन्नर सम्मेलन कृषि कृषि महोत्सव कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ केरोसीन कैथोलिक डायसिस झाबुआ कोरोना वायरस क्रिकेट टूर्नामेंट क्रिसमम क्षत्रिय महासभा खबरे अब तक खाद्य एवं औषधि विभाग खेडापति हनुमान मंदिर खेल गडवाड़ा गणगौर पर्व गणतंत्र दिवस गणेशोत्सव गर्मी गल पर्व गायत्री शक्तिपीठ गुड़िया कला झाबुआ गुड़ी पड़वा गुरू पूर्णिमा गेल झाबुआ गोपाल पुरस्कार गोपाल मंदिर झाबुआ गोपाष्टमी गोपेश्वर महादेव गोवर्धननाथ मंदिर गौशाला ग्रामीण बैंक घटनाए चक्काजाम चर्च चुनाव जन आशीर्वाद यात्रा जनसुनवाई जन्माष्टमी जय आदिवासी युवा संगठन जय बजरंग व्यायाम शाला जयस जवाहर नवोदय विद्यालय जिला चिकित्सालय जिला जेल जिला विकलांग केन्द्र झाबुआ जिला सहकारी बैंक जीवन ज्योति हॉस्पिटल जैन मुनि जैन सोश्यल गुुप ज्योतिष परामर्श शिविर झकनावदा झाबुआ झाबुआ इतिहास झाबुआ का राजा झाबुआ पर्व झाबुआ पुलिस झाबुआ रियासत झाबूआ झूलेलाल जयंती डाकघर डीआरपी लाईन तुलसी विवाह तेली समाज थांदला दशहरा दस्तक अभियान दिल से कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि दीपावली देवझिरी देवझिरी जैन तीर्थ धरना प्रदर्शन धारा 144 धार्मिक धार्मिक स्थल नक्षत्र वाटिका नगर परिषद नगरपालिका परिषद झाबुआ नरेंद्र मोदी नवरात्री नवरात्री चल समारोह नागरिकता संशोधन नि:शुल्क स्वास्थ्य मेगा शिविर निर्मला भूरिया निर्वाचन आयोग पटवारी संघ पथ संचलन परिवहन विभाग परीक्षा परीणाम पर्यटन स्थल पल्स पोलियो अभियान पाक्सो एक्ट पारा पावर लिफ्टिंग पिटोल पीएचई विभाग पुण्यतिथि पेटलावद पेंशनर एसोसिएशन पैलेस गार्डन पोलीटेक्निक काॅलेज प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय प्रतिभा सम्मान सम्मारोह प्रतियोगी परीक्षा प्रधानमंत्री आवास योजना प्रशासनिक फुटतालाब फेंसी ड्रेस फ्लैग मार्च बजरंग दल बस स्टैंड बहादुर सागर तालाब बामनिया बारिश बाल कल्याण समिति बालिका सशक्तिकरण अभियान बेटी बचाओं अभियान बोहरा समाज ब्राह्राण समाज ब्लू व्हेल गेम भगोरिया पर्व भगोरिया मेला भगौरिया पर्व भजन संध्या भर्ती भागवत कथा भाजपा भारत निर्वाचन आयोग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान भारतीय जीवन बीमा निगम भारतीय जैन संगठना भारतीय थल सेना भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा भावांतर योजना मध्यप्रदेश टूरिज्म अवार्ड मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग मनकामेश्वर महादेव मनरेगा मल्टीप्लेक्स सिनेमा महात्मा गांधी महाशिवरात्रि महिला आयोग महिला एवं बाल विकास विभाग माछलिया घाट मिशन इन्द्रधनुष मीजल्स रूबेला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मुख्यमंत्री कन्यादान योजना मुख्यमंत्री कप मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चोहान मुस्लिम समाज मुहर्रम मूवी रिव्यु मेघनगर मेरे दीनदयाल सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता मैराथन दौड़ मोड़ ब्राह्मण समाज मोदी मोहल्ला मोहनखेड़ा यातायात युवा दिवस युवा शक्ति संगठन यूनीसेफ योग योग शिविर रक्तदान रंगपुरा रंगोली रतलाम राजगढ़ राजगढ नाका राजनेतिक राजपुत समाज राजवाडा चौक राज्यपाल राणापुर राम शरणम् झाबुआ रामशंकर चंचल रामा रायपुरिया राष्ट्रीय एकता दिवस राष्ट्रीय खेल दिवस राष्ट्रीय पोषण मिशन राष्ट्रीय बालरंग राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशीप राष्ट्रीय मानवाधिकार राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रेल्वे स्टेशन रोग निदान रोजगार मेला रोटरी क्लब लक्ष्मीनगर विकास समिति लाडली शिक्षा पर्व लॉक डाउन लोक सेवा केन्द्र लोकरंग लोकरंग शिविर वनवासी कल्याण परिषद वरदान नर्सिंग होम वर्ल्ड रिकॉर्ड वाटसएप विजय दिवस विद्युत प्रदाय विधायक विधायक शांतिलाल बिलवाल विश्व आदिवासी दिवस विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस विश्व विकलांग दिवस विश्व हिन्दू परिषद वेटलिफ्टिंग वेलेंटाईन डे वैश्य महासम्मेलन व्यापारी प्रीमियर लीग शरद पूर्णिमा शहीद सैनिक शारदा विद्या मंदिर शासकीय महाविद्यालय झाबुआ शिक्षा शिवगंगा शिविर शौर्य दिवस श्रद्धांजलि सभा श्रावण सोमवार श्री गौड़ी पार्श्वनाथ जैन मंदिर सकल व्यापारी संघ संगीत सत्यसाई सेवा समिति सदभावना दौड संपादकीय सर्वब्राह्मण समाज साई मंदिर साज रंग झाबुआ सामाजिक सामूहिक सूर्य नमस्कार सारंगी सांसद सांस्कृतिक साहित्य सिंधी समाज सीपीसीटी परीक्षा सुर श्री स्थापना दिवस स्वच्छ भारत मिशन स्वतंत्रता दिवस हज हजरत दीदार शाह वली हनुमान जयंती हरितालिका तीज हरियाली अमावस्या हस्तशिल्प हाथीपावा हाथीपावा महोत्सव हिन्दू नववर्ष होमगार्ड होर्डिग्स होली झाबुआ
Showing posts with label कड़कनाथ मुर्गा. Show all posts

झाबुआ। कृषि विज्ञान केन्द्र, में गुरूवार को ‘‘कड़कनाथ फाॅर्मिंग वर्तमान में स्थिति व भविष्य में इसकी संभावनाएं‘‘ विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर सेेमिनार का आयोजन किया गया। इस पर सेमिनार के संरक्षक डाॅ. एस.के.राव, कुलपति, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि. ग्वालियर, मार्गदर्शक प्रो. व्ही.एस. तोमर, पूर्व कुलपति एवं प्रमण्डल सदस्य, सहसंरक्षक डाॅ. मृदुला बिल्लौरे, अधिष्ठाता, कृषि संकाय, संयोजक डाॅ. एम.पी. जैन, निदेशक अनुसंधान सेवाएं, डाॅ. एस.एन. उपाध्याय निदेशक विस्तार सेवाएं, डाॅ. ए.के. सिंह निदेशक शिक्षण, डाॅ. एस.एस. तोमर निदेशक प्रक्षेत्र, डाॅ. आर.के.एस. तोमर संयुक्त निदेशक विस्तार सेवाएं, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि. ग्वालियर, एवं सह संयोजक डाॅ. आई.एस. तोमर, सह संचालक अनुसंधान, झाबुआ उपस्थित थे।
       इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 900 वैज्ञानिक एवं कड़कनाथ पालक सीधे जुडे़ थे। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए केन्द्र के प्रमुख डाॅ. तोमर ने कड़कनाथ प्रजाति के संरक्षण एवं संवर्धन में कृषि विज्ञान केन्द्र, झाबुआ की भूमिका एवं इसके प्रचार-प्रसार तथा झाबुआ जिले के आदिवासियों के रोजगार एवं आजीविका का प्रमुख साधन बनाने में एवं कृषकों के आजीविका के लिए पलायन रोकने में कड़कनाथ मुर्गीपालन के योगदान के बारे में बताया एवं भविष्य की संभावनाओं पर योजना बनाने की बात की। इस कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रो. सुशील प्रसाद, अधिष्ठाता, वेटनरी काॅलेज, राॅची ने कड़कनाथ प्रबंधन, डाॅ. पी.पी. दुबे, आणविक अनुवाशिकी, पंजाब वि.वि. लुधियाना ने कडकनाथ पालन में भविष्य एवं रोजगार की संभावनाएं, डाॅ एस.के. दास, सह प्राध्यापक, पंजाब वि.वि. लुधियाना ने ब्रीडिंग स्ट्रेटजी आफ कड़कनाथ, डाॅ. महेश गणापूरे, वेटनरी चिकित्सक, नंदूरबार महा. ने प्रमुख रोगों की जानकारी एवं निदान, श्री शास्वत बिसबेन, हैदराबाद ने विश्व बाजार में कड़कनाथ माॅस की माॅग एवं निर्यात की रूपरेखा, डाॅ. जे.एस. राजपूत, वैज्ञानिक केवीके, धार ने आहार एवं रोग प्रबंधन, डाॅ. चंदन कुमार वैज्ञानिक केवीके, झाबुआ ने कड़कनाथ की उत्पत्ति एवं विस्तार, श्री परवेन्दर सिंह चैहान ने आॅर्गेनिक टाक्सिक फ्री कड़कनाथ उद्यमी, जयपुर ने अपने व्यक्तिगत अनुभव तथा  श्री विनोद मेड़ा ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किये। 
         कार्यक्रम का संचालन श्री विनोद पटेल निजसचिव, माननीय कुलपति एवं आभार प्रदर्शन डाॅ. एस.एन. उपाध्याय, निदेशक विस्तार सेवाएं, रा.वि.सिं.कृ.वि.वि. ग्वालियर ने किया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यू-ट्युब के माध्यम से किया गया जिसकी यू-ट्युब लिंक- http://www.youtube.com/watch?v=vt1k9q46ve8   पर देखा जा सकता है। इस आयोजन में कृषि विज्ञान केन्द्र, झाबुआ के तकनीकी अधिकारी दयाराम चौहान, वैज्ञानिक डाॅ. आर.के.त्रिपाठी, डाॅ. वी.के. सिंह, जगदीश मौर्य, चन्द्रशेखर लोखण्डे, टी.एस. डुडवे, दिलीप घोटकर, राघवेन्द्र भदौरिया आदि का विशेष योगदान रहा।

Jhabua News- केवीके झाबुआ में कड़कनाथ फाॅर्मिंग पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

केवीके झाबुआ में कड़कनाथ फाॅर्मिंग पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

झाबुआ। देश की जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स रजिस्ट्री ने झाबुआ की पारंपरिक प्रजाति के कड़कनाथ मुर्गे को लेकर सूबे के दावे पर मंजूरी की मुहर लगा दी है. करीब साढ़े छह साल की लंबी जद्दोजहद के बाद झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस के नाम भौगोलिक पहचान (जीआई) का चिह्न पंजीकृत किया गया है. इस निशान के लिए सहकारी सोसायटी कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) के स्थापित संगठन ग्रामीण विकास ट्रस्ट के झाबुआ स्थित केंद्र ने आवेदन किया था. जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स रजिस्ट्री की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 'मांस उत्पाद तथा पोल्ट्री एवं पोल्ट्री मीट की श्रेणी' में किये गये इस आवेदन को 30 जुलाई को मंजूर कर लिया गया है. यानी झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस के नाम जीआई तमगा पंजीकृत हो गया है.  
jhabua-famous-kadaknath-breed-of-chickens-झाबुआ कड़कनाथ मुर्गे को मिला जीआई टैग
           यह जीआई पंजीयन सात फरवरी 2022 तक वैध रहेगा. ग्रामीण विकास ट्रस्ट के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक महेंद्र सिंह राठौर ने इसकी तसदीक की. उन्होंने बताया, हमारी अर्जी पर झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस के नाम जीआई चिन्ह का पंजीयन हो गया है. हमें इसकी औपचारिक सूचना मिल चुकी है.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी जिले को पहचान 

       झाबुआ मूल के कड़कनाथ मुर्गे को स्थानीय जुबान में कालामासी कहा जाता है. इसकी त्वचा और पंखों से लेकर मांस तक का रंग काला होता है. कड़कनाथ के मांस में दूसरी प्रजातियों के चिकन के मुकाबले चर्बी और कोलेस्ट्रॉल काफी कम होता है. झाबुआवंशी मुर्गे के गोश्त में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है. कड़कनाथ चिकन की मांग इसलिए भी बढ़ती जा रही है, क्योंकि इसमें अलग स्वाद के साथ औषधीय गुण भी होते हैं. कड़कनाथ प्रजाति के जीवित पक्षी, इसके अंडे और इसका मांस दूसरी कुक्कुट प्रजातियों के मुकाबले काफी महंगी दरों पर बिकता है.
       झाबुआ की गैर सरकारी संस्था ने आठ फरवरी 2012 को कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस को लेकर जीआई प्रमाणपत्र की अर्जी दी थी. लंबी जद्दोजहद के बाद इस अर्जी पर अंतिम फैसला हो पाता, इससे पहले ही एक निजी कंपनी यह दावा करते करते हुए जीआई तमगे की जंग में कूद गयी थी कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मुर्गे की इस प्रजाति को अनोखे ढंग से पालकर संरक्षित किया जा रहा है. हालांकि, जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स रजिस्ट्री ने झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे के काले मांस को लेकर मध्यप्रदेश का दावा मार्च में शुरुआती तौर पर मंजूर कर लिया था और अपनी भौगोलिक उपदर्शन पत्रिका में इस बारे में विज्ञापन भी प्रकाशित किया था. इसके बाद पड़ोसी छत्तीसगढ़ ने इस प्रजाति के लजीज मांस को लेकर जीआई प्रमाणपत्र हासिल करने की जंग में कदम पीछे खींच लिये थे.
कड़कनाथ मुर्गे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी पहचान मिलेगी
जीआई रजिस्ट्रेशन का चिन्ह विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले ऐसे उत्पादों को दिया जाता है जो अनूठी खासियत रखते हों. अब जीआई चिन्ह के कारण कड़कनाथ चिकन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबारी पहचान मिलेगी एवं  इसके निर्यात के रास्ते खुल जायेंगे. इस चिन्ह के कारण झाबुआ के कड़कनाथ चिकन के ग्राहकों को इस मांस की गुणवत्ता का भरोसा मिलेगा. इस मांस के उत्पादकों को नक्कालों के खिलाफ पुख्ता कानूनी संरक्षण भी हासिल होगा.
भोपाल में कड़कनाथ एप लांच किया गया
         चेन्नई जीआई रजिस्ट्रेशन के दफ्तर से खबर मिलते ही भोपाल में एप लांच किया गया। गुरुवार को सहकारिता विभाग की प्रमुख सचिव रेणु पंत झाबुआ पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कड़कनाथ मुर्गे के पालन और खरीद-फरोख्त के कारोबार से जुड़ी सहकारी समितियों के लिए मप्र कड़कनाथ मोबाइल एप तैयार किया है। एप में झाबुआ, आलीराजपुर और देवास जिले की कड़कनाथ मुर्गा पालन के लिए काम कर रही चार सहकारी समितियों सहित 20 से ज्यादा संस्थाओं की जानकारी दी गई है।

      विभागीय राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने इसे लोकार्पित करते हुए बताया कि एप समितियों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा, जो उन्हें आधुनिक बाजार की सुविधा देगा। एप के मेन्यू में क्लिक करने पर समिति का ईमेल, फोन नंबर और उत्पादन की जानकारी मिल जाएगी। इसमें मांग और पूछताछ का विकल्प भी दिया गया है। एप के जरिए कोई भी व्यक्ति समितियों के पास उपलब्ध कड़कनाथ मुर्गा खरीदने के लिए ऑनलाइन मांग कर सकता है। भविष्य में ऑनलाइन ऑर्डर के साथ होम डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

kadaknath-breed-android-app-download-jhabua-famous-kadaknath-breed-of-chickens-झाबुआ कड़कनाथ मुर्गे को मिला जीआई टैग

झाबुआ का “गर्व” और “काला सोना” भी कहा जाता है
जनजातीय लोगों में इस मुर्गे को ज्यादातर “बलि” के लिये पाला जाता है, दीपावली के बाद, त्योहार आदि पर देवी को बलि चढाने के लिये इसका उपयोग किया जाता है । इसकी खासियत यह है कि इसका खून और माँस काले रंग का होता है । लेकिन यह मुर्गा दरअसल अपने स्वाद और औषधीय गुणों के लिये अधिक मशहूर है । 
         कड़कनाथ भारत का एकमात्र काले माँस वाला चिकन है । झाबुआ में इसका प्रचलित नाम है “कालामासी”। आदिवासियों, भील, भिलालों में इसके लोकप्रिय होने का मुख्य कारण है इसका स्थानीय परिस्थितियों से घुल-मिल जाना, उसकी “मीट” क्वालिटी और वजन । शोध के अनुसार इसके मीट में सफ़ेद चिकन के मुकाबले “कोलेस्ट्रॊल” का स्तर कम होता है, “अमीनो एसिड” का स्तर ज्यादा होता है । यह कामोत्तेजक होता है और औषधि के रूप में “नर्वस डिसऑर्डर” को ठीक करने में काम आता है । कड़कनाथ के रक्त में कई बीमारियों को ठीक करने के गुण पाये गये हैं, लेकिन आमतौर पर यह पुरुष हारमोन को बढावा देने वाला और उत्तेजक माना जाता है ।
         इस प्रजाति के घटने का एक कारण यह भी है कि आदिवासी लोग इसे व्यावसायिक तौर पर नहीं पालते, बल्कि अपने स्वतः के उपयोग हेतु पाँच से तीस की संख्या के बीच घर के पिछवाडे में पाल लेते हैं । सरकारी तौर पर इसके पोल्ट्री फ़ॉर्म तैयार करने के लिये कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है, इसलिये इनके संरक्षण की समस्या आ रही है । 
ये है कड़कनाथ मुर्गे के गुण 
  • प्रोटीन और लौह तत्व की मात्रा – 25.7%, मुर्गे का बीस हफ़्ते की उम्र में वजन – 920 ग्राम
  • मुर्गे की “सेक्सुअल मेच्युरिटी” – 180 दिन की उम्र में मुर्गी का वार्षिक अंडा उत्पादन – 105 से 110 (मतलब हर तीन दिन में एक अंडा) । 
  • कड़कनाथ के मांस में 25 से 27 प्रतिशत प्रोटीन होता है, जबकि अन्य मुर्गों में केवल 16 से 17 प्रतिशत ही प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा, कड़कनाथ में लगभग एक प्रतिशत चर्बी होती है, जबकि अन्य मुर्गों में 5 से 6 प्रतिशत चर्बी रहती है.
  •  कड़कनाथ 500 रुपए से लेकर 1500 रुपए किलो तक बिकता है.  वही एक अंडे की कीमत 20 से 50 रूपए तक होती है.
  • कड़कनाथ के एक किलोग्राम के मांस में कॉलेस्ट्राल की मात्रा करीब 184 एमजी होती है, जबकि अन्य मुर्गों में करीब 214 एमजी प्रति किलोग्राम होती है. 
  • इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और फैट की मात्रा न के बराबर पाई जाती है. यह विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, कैल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन से भरपूर होता है. यह अन्य मुर्गो की तुलना में लाभकारी है. इसका रक्त, हड्डियां और सम्पूर्ण शरीर काला होता है.
jhabua-famous-kadaknath-breed-of-chickens-झाबुआ कड़कनाथ मुर्गे को मिला जीआई टैग



Trending

[random][carousel1 autoplay]

More From Web

आपकी राय / आपके विचार .....

निष्पक्ष, और निडर पत्रकारिता समाज के उत्थान के लिए बहुत जरुरी है , उम्मीद करते है की आशा न्यूज़ समाचार पत्र भी निरंतर इस कर्त्तव्य पथ पर चलते हुए समाज को एक नई दिशा दिखायेगा , संपादक और पूरी टीम बधाई की पात्र है !- अंतर सिंह आर्य , पूर्व प्रभारी मंत्री Whatsapp Status Shel Silverstein Poems Facetime for PC Download

आशा न्यूज़ समाचार पत्र के शुरुवात पर हार्दिक बधाई , शुभकामनाये !!!!- निर्मला भूरिया , पुर्व विधायक

जिले में समाचार पत्रो की भरमार है , सच को जनता के सामने लाना और समाज के विकास में योगदान समाचार पत्रो का प्रथम ध्येय होना चाहिए ... उम्मीद करते है की आशा न्यूज़ सच की कसौटी और समाज के उत्थान में एक अहम कड़ी बनकर उभरेगा - कांतिलाल भूरिया , पुर्व सांसद

आशा न्यूज़ से में फेसबुक के माध्यम से लम्बे समय से जुड़ा हुआ हूँ , प्रकाशित खबरे निश्चित ही सच की कसौटी ओर आमजन के विकास के बीच एक अहम कड़ी है , आशा न्यूज़ की पूरी टीम बधाई की पात्र है .- शांतिलाल बिलवाल , पुर्व विधायक झाबुआ

आशा न्यूज़ चैनल की शुरुवात पर बधाई , कुछ समय पूर्व प्रकाशित एक अंक पड़ा था तीखे तेवर , निडर पत्रकारिता इस न्यूज़ चैनल की प्रथम प्राथमिकता है जो प्रकाशित उस अंक में मुझे प्रतीत हुआ , नई शुरुवात के लिए बधाई और शुभकामनाये.- कलावती भूरिया , पुर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

मुझे झाबुआ आये कुछ ही समय हुआ है , अभी पिछले सप्ताह ही एक शासकीय स्कूल में भारी अनियमितता की जानकारी मुझे आशा न्यूज़ द्वारा मिली थी तब सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित कर पुरे मामले को संज्ञान में लेने का निर्देश दिया गया था समाचार पत्रो का कर्त्तव्य आशा न्यूज़ द्वारा भली भाति निर्वहन किया जा रहा है निश्चित है की भविष्य में यह आशा न्यूज़ जिले के लिए अहम कड़ी बनकर उभरेगा !!- डॉ अरुणा गुप्ता , पूर्व कलेक्टर झाबुआ

Congratulations on the beginning of Asha Newspaper .... Sharp frown, fearless Journalism first Priority of the Newspaper . The Entire Team Deserves Congratulations... & heartly Best Wishes- कृष्णा वेणी देसावतु , पूर्व एसपी झाबुआ

महज़ ३ वर्ष के अल्प समय में आशा न्यूज़ समूचे प्रदेश का उभरता और अग्रणी समाचार पत्र के रूप में आम जन के सामने है , मुद्दा चाहे सामाजिक ,राजनैतिक , प्रशासनिक कुछ भी हो, हर एक खबर का पूरा कवरेज और सच को सामने लाने की अतुल्य क्षमता निश्चित ही आगामी दिनों में इस आशा न्यूज़ के लिए एक वरदान साबित होगी, संपादक और पूरी टीम को हृदय से आभार और शुभकामनाएँ !!- संजीव दुबे , निदेशक एसडी एकेडमी झाबुआ

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.