आप अपने कर्तव्य के साथ मानव सेवा का भी परिचय दे - डीपीए अध्यक्ष यशवंत भंडारी

झाबुआ। आप केवल आंगनवाड़ी सहायिका ही नहीं है, अपितु जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में  ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर छोटे-छोटे बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी आपके पास होने के साथ आप ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सेतू का कार्य करती है। उनकी समस्याओं और परेशानियों तथा बातो को प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करती है। आप अपने कर्तव्य का बखूबी निर्वहन करे, साथ ही साथ मानव सेवा का भी कार्य करे।
      उक्त प्रेरणादायी उद्बोधन जिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका प्रशिक्षण केंद्र पर 12 अगस्त, सोमवार को दोपहर 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में जिला दहेज सलाहकार बोर्ड (डीपीए) के अध्यक्ष यशवंत भंडारी ने दिए। प्रशिक्षण केंद्र पर जिलेभर से आई आंगनवाड़ी सहायिकाओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम गत 6 अगस्त से चल रहा है, समापन 12 अगस्त को होगा। समापन पर सभी आंगनवाड़ी सहायिकाओं को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। आयोजित कार्यक्रम में अतिथि स्वागत प्रशिक्षण केंद्र की जिला प्रभारी श्रीमती कल्पना यादव ने किया। 
सफाई, स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति करे जागरूक
संबोधित करते हुए डीपीए अध्यक्ष श्री भंडारी ने आगे कहा कि आप ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित आंगनवाड़ी केन्द्रो पर रहकर अपनी ड्यूटी करने के साथ ग्रामीणों को सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा के संबंध में भी जानकारी दे। ग्रामीणवासियों को अपने घरों, आंगनों एवं गांवों में स्वच्छता रखने के तौर तरीके बताने के साथ स्वास्थ्य के बारे में भी जागरूक करे। महिलाओं के गर्भवती रहने के दौरान उन्हें क्या-क्या सावधानी बरती जाएं, इसके बारे में बताए, ताकि जन्म लेने वाला बच्चा कुपोषित या कमजोर ना हो। गर्भवती महिलाओं को यह भी जानकरी दे कि गर्भवास्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानी से वह भी किस तरह से स्वस्थ रह सकती है।
शासन-प्रशासन आपकी सहायता के लिए निरंतर तत्पर
श्री भंडारी ने बताया कि प्रायः ग्रामीण महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हो जाती है, इस हेतु उन्हें गर्भावास्था के दौरान सहीं पोषण आहार नहीं मिल पाना है, जिसकी जानकारी भी उन्हें आपको ही देना है। ग्रामीण बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने हेतु भी उन्हें प्रेरित करने का कार्य करे। उन्होने नवीन आंगनवाड़ी सहायिका बनी युवतियों से कहा कि आप वर्तमान में आंगनवाड़ी सहायिका है, लेकिन यदि आगे अपना अध्ययन कार्य जारी रखेंगी, तो आपकी शिक्षा के आधार पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ अतिथि षिक्षक और कई उच्च पदों पर भी नियमित शिक्षा ग्रहण कर आसीन हो सकती है। शासन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिका का मानदेय बढ़ाकर अब कार्यकर्ता का 10 हजार रू. एवं सहायिका का वेतन 5 हजार रू. किया है। शासन-जिला प्रशासन निरंतर आपकी मद्द और सहायता के लिए तत्पर है। अंत में श्री भंडारी ने सभी सहायिकाओं को श्रावण मास की बधाई देने के साथ आागामी त्यौहार 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की भी शुभकामनाएं प्रेषित की। अंत में आभार केंद्र प्रभारी श्रीमती कल्पना यादव ने माना।

जिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका प्रशिक्षण केंद्र पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन