झाबुआ थांदला पेटलावद रोड के बीच पोलिथिन को प्रतिबंधित करने की मांग फिर से उठी प्रशासन को त्वरित निराकरण के लिये देना होगा ध्यान 

झाबुआ । केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा पिछले 5 बरसों से अधिक समय से स्वच्छ भारत अभियान के तहत पोलिथिन की पन्नियों को लेकर जन जागरूकता अभियान चला कर ऐसी पन्नियों जो कचरे के साथ नगरीय निकाय द्वारा एकत्रित की जाती है के उचित निपटारे के निर्देेश है । झाबुआ से थांदला होकर पेटलावद जाने वाले 24 किलोमीटर वाले मार्ग पर थांदला के बस स्टेंड से कुछ ही आगे नगरपरिषद थांदला द्वारा नगर का एकत्रित कचरा जिसमे अधिकांश मात्रा में पोलिथिन की थैेलिया / पन्नियां होती है वे बेतरतिब तरिके से डाली जाने के कारण हवा के कारण करीब एक किलो मीटर से अधिक दूरी तक सडकों के किनारे के अलावा आसपास के खेतों में भी बडी मात्रा में देखी जासकती है । स्वच्छ झाबुआ सुंदर झाबुआ, स्वस्थ्य झाबुआ के संकल्प को इस तरह की गंदगी निश्चित ही चिढाती है । संकल्प ग्रुप झाबुआ की मुखिया श्रीमती भारती सोनी अपने काम से थांदला होते हुए पेटलावद सडक मार्ग से जा रही थी तो उन्हे थांदला-पेटलावद रोड पर इस प्रकार से सडक के किनारें बडी मात्रा में पोलिथिन सडकों के आसपास उडती दिखाई दी तथा ट्रेचिंग ग्राउंड पर तो बडी मात्रा में कचरे के साथ ही पोलिथिन के बीच पशुओं विशेष कर गायों को वहां खाते हुए दे खा । उनके द्वारा सोश्यल मीडिया पर इस का जीवन्त विडीयो  अपलोड किया गया तथा फेसबुक पर इस विडीओं को देख कर दूर दूर के लोगों की व्यापक प्रतिक्रियाये  मिली हे ।
        ज्ञातव्य है कि नगर परिषद थांदला में भाजपा की परिषद होकर बंटी डामोर वहां के नगर परिषद अध्यक्ष होने के बाद भी प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन का किस स्तर से वहां पालन हो रहा है यह जग जाहिर है। स्वच्छता के नाम पर इस प्रकार बरती जा रही भंयकर लापरवाही जिसके चलते जन स्वास्थ्य पर प्रभाव तो पडता ही है वही मुक पशुओ का जीवन भी खतरे में पडता हुआ दिखाई दे रहा है । क्यो इस स्थान पर बडी संख्या में पशु खाते हुए हमेशा ही दिखाई देते है । संकल्प ग्रुप झाबुआ की श्रीमती भारती सोनी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर परिषद थांदला को फेसबुक के माध्यम से प्रस्तावित भी किया है कि यदि नगरीय निकाय संकल्प ग्रुप की सहायता लेना चाहे तो इस स्वच्छता के अभियान में वे पूरा सहयोग करने को तैयार है। श्रीमती सोनी द्वारा फेसबुक पर अपलोड किये गये इस विडियों को देखने के बाद झाबुआ के पुरूषोत्तम ताम्रकार ने संकल्प ग्रुप जो सदा ही पर्यावरण सहित कई सामाजिक कार्यो में सक्रियता से काम कर रहा है, के बारे में संकल्प ग्रुप के इस पोलिथिन प्रतिबंध के प्रयास को वंदनीय बताते हुए संकल्प ग्रुप की जागरूकता की सफलता की कामना की है । सुभाष कर्णावत ने भी पोलिथिन पन्नियों के काफी बिखरे होने को लेकर प्रतिक्रिया दी है ।
       श्रीमती भारती सोनी का कहना है कि आसपास पूरे खेतों में पन्निया उड कर किसानो  की चिंता बढा रही है । मुक पशु भी वहां दिखाई दे रहे है। आश्चर्य यह है कि प्रशासन का ध्यान अभी तक यहां नही गया है । फेसबुक पर विडियों देखे जाने के बाद चित्रा एडवरटायजिंग उज्जेन के कैलाश सोनी ने कहा कि प्रतिबंध व प्रशासन से अधिक जरूरी है जागरूकता। ऐसा होना सुविधा का अभिशाप है । जब तक हम घर के बर्तन, थैली में सामान लाने की आदत नही बदलेगें तब तक इस समस्या से मुक्ति नही पासकते है । उज्जेन की रूपान्तरण संस्था के माध्यम से उज्जैन में पिछले 20 बरसों से इस दिशा में कार्य किया जा रहा है । यह निरन्तर जागरूकता का विषय है । झाबुआ के राजेन्द्र सोनी ने भी अपने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि थांदला में भाजपा शासित नगर परिषद है और बंटी डामोर वहां के अध्यक्ष है। उन्हे स्वच्छ भारत अभियान जो कि भाजपा का मुख्य अभियान है ,पर ध्यान देना चाहिये और पालिथिन के निपटारे के लिये कदम उठाना चाहिये सीमओ साहब भारतसिंह टांक को जनस्वास्थ्य को देखते हुए कदम उठाना चाहिये वही जिला प्रशासन भी एक बार जरूर यहां जाकर वास्तविकता से रूबरू हो एवं इस समस्या को अपने प्रभाव से समाप्त करवायें । स्नेहलता वास्कले भी इन टिप्पणियों का समर्थन किया । श्रीमती भारती सोनी का कहना है कि सभी लोगों को जानकारी होगी कि बडे बडे प्रोजेक्ट इस जगह चल रहे है जो दृष्य मे साफ साफ साफ दिखाई दे रहे है । 
      इतनी ज्यादा मात्रा में कचरा ,पोलिथिन नगरीय निकाय की व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह है । हरिश शाह ने भी इसका समर्थन किया वही नीरज श्रीवास्तव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका भी जाना इस मार्ग से हुआ और वे भारती सोनी के विचारों की पुष्टि करते है । थांदला की साहित्यकार सुश्री सीमा शाहजी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यहां स्थिति बहुत ही खराब है । यह चिंतनीय विषय है। खेत खलिहान मे प्लास्टिक उड रहे है और हम कुछ नही कर पारहे है । उनकी समिति ने भी नगर परिषद के ध्यान में यह बात लाइ्र्र थी लेकिन परिणाम कुछ नही निकला । बगैर जन सहयोग से कार्य पूरा नही हो सकता हे । जागरूकता की आवश्यकता है और हम सभी को ठान लेना होगा कि आगे से पोलिथिन का उपयोग नही करेगें । इस समस्या को नगरपरिषद थांदला को गंभीरता से लेना होगा तथा जरूरी हो तो जन सहयोग लेकर भी इसका निदान किया जासकता है । यह भी एक सेवा प्रकल्प ही है जो सीधा मानव एवं पशुओं के स्वास्थ्य एवं जीवन से जुडा है । जिला प्रशासन को भी इस दिशा में अभियान चलाकर इसका निदान करने के साथ ही जागरूकता की दिशा में प्रभावी काम करने की दरकार है ।