राजेश थापा, झाबुआ। मंदसौर की 7 वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में सर्वसमाज के आव्हान पर शहर में भारी जनसमुदाय घटना के विरोध स्वरूप एकत्रित हुआ और रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया , साथ ही फांसी और घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। मासूम के साथ जिस तरह की दरिंदगी की गई इसके लिए फांसी की सजा के अतिरिक्त शायद कोई अन्य सजा नहीं हो सकती।  
      सर्व समाज के आव्हान पर दोपहर लगभग ११ बजे स्थानीय राजवाड़ा चौक पर विभिन्न राजनैतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। यहां से भारी संख्या में नागरिकों का हुजूम रैली के रूप में चल पड़ा। मासूम के साथ कुकर्म करने वाले आरोपी को फांसी देने के नारे लगाते चल रहे थे। यह रैली राजवाड़ा चौक, आज़ाद चौक, बस स्टैंड होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची जहाँ भीड़ ने कलेक्टर आशीष सक्सेना को ज्ञापन सौपा । 
        ज्ञापन में कहा गया है कि निजी विद्यालय की बालिका का अपहरण करके जिस अमानवीयता का परिचय आरोपियों ने दिया है, उसके कारण बहुसंख्यक समाज, मुस्लिम समाज और सर्व समाज आक्रोशित होकर शर्म महसूस कर रहा है. इस अमानवीय घटनाकम की सर्व समाजजन निंदा करते हुए पीड़ित बालिका एवं परिजनों के साथ दुख की घड़ी में भागीदार है. ज्ञापन में इस अमानवीय वारदात के आरोपियों को न्याय व्यवस्था में तेजी लाते हुए त्वरित सुनवाई अदालत के जरिए फांसी की सजा दिलवाए जाने का आग्रह किया गया है.
         मालूम हो कि मंदसौर में 26 जून को छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली सात वर्षीय बच्ची का अपहरण करके उसके साथ बलात्कार करने को बाद उसे जान से मारने की कोशिश में झाड़ियों में फेंक दिया गया था. पुलिस ने इस मामले में 27 जून की देर रात को एक आरोपी इरफान को गिरफ्तार कर लिया था. मंदसौर में लोग इस घटना के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं. दूसरी तरफ मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी कर 15 दिन में पुलिस अधीक्षक मंदसौर से रिपोर्ट तलब की है. 
           वहीं, आरोपी इरफान के गांव रिंगनोद के लोगों ने घोषणा की है कि फांसी के बाद इरफान का शव गांव में नहीं दफनाने देंगे. दूसरी ओर वकीलों की ओर से घोषणा की गई है कि वे आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे. वकीलों की सभा में यह भी तय किया गया कि पीड़िता की ओर से 100 वकील पैरवी करेंगे. वकीलों ने गुरुवार को रैली निकालकर अपनी बात जिला जज के सामने रखी है. वहीं, बच्ची को मंदसौर में इलाज के बाद इंदौर रेफर किया गया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है. चिकित्सकीय जांच में नाबालिग बच्ची से बलात्कार की पुष्टि हुई है.
बलात्कार के दौरान हमलावर ने बच्ची के नाजुक अंगों को पहुंचाई थी भीषण चोट
पीड़ित बच्ची इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के बाल शल्य चिकित्सा विभाग के वॉर्ड में भर्ती है. एमवायएच में बच्ची का इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि आरोपियों ने बच्ची के सिर, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया था. इसके साथ ही, उसके नाजुक अंगों को भीषण चोट पहुंचाई थी जिसे मेडिकल जुबान में ‘फोर्थ डिग्री पेरिनियल टियर’ कहते हैं. उन्होंने बताया कि यौन हमले में बच्ची के बुरी तरह क्षतिग्रस्त नाजुक अंगों को दुरुस्त करने के लिए उसकी अलग-अलग सर्जरी की गई हैं. कॉलोस्टोमी के जरिये उसके मल विसर्जन के लिए अस्थायी तौर पर अलग रास्ता बनाया गया है, जबकि एक अन्य ऑपरेशन के दौरान उसके दूसरे नाजुक अंग की शल्य चिकित्सा के जरिये मरम्मत की गई है. डॉक्टर ने कहा कि फिलहाल बच्ची की हालत खतरे से बाहर है. करीब 10 डॉक्टरों का विशेषज्ञ दल उसकी सेहत पर लगातार नजर रख रहा है. उन्होंने बताया कि बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिलने में कम से कम दो हफ्ते लग सकते हैं. फिलहाल हालत स्थिर है. 
विभिन्न संगठनों ने दिए ज्ञापन
कलेक्टर को सोपे गए इस ज्ञापन में विहिप, बजरंग दल, शिव सेना , राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना सहित सर्व समाज के लोगो द्वारा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे , ज्ञापन का वाचन विहिप के नगर अध्यक्ष  हिमांशु त्रिवेदी ने किया।  इस दौरान विभिन्न संगठनो के पदाधिकारी एवं सदस्य भारी संख्या में मौजूद थे।