चोरो से राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग की टीम ने बचाया माल

झाबुआ। जिले के सबसे सुप्रसिद्ध माछलिया घाट में रविवार को अंधे मोड़ के चलते एक आइसर गाड़ी नम्बर MP 09 GE3101 पलट गई जिसके बाद वहां घाट में एस. ए. एफ.जवान (सुरक्षा कर्मी) की आंखों के सामने दिन दहाड़े लुटेरों ने पलटी खाई हुई आइसर में जमा समान प्लास्टिक टप,बाल्टी सामान लूटना शुरू कर दिया जिस पर आइसर (गाड़ी ) के ड्रायवर, क्लीनर द्वारा तैनात एस. ए. एफ. जवान (सुरक्षा कर्मी) से लुटेरों से माल बचाने कीे मदद मांगी तो उल्टा ड्रायवर,क्लीनर को एस. ए. एफ.गार्ड ने गाली गलौच कर उल्टी बंदूक के हत्थे से मारने को उतारू हो गए तब मछलिया घाट से अपने चार पहिया वाहन से गुजर रहे राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के प्रदेश प्रभारी कीर्तिश जैन, प्रदेशाध्यक्ष मनीष कुमट (सच्चा दोस्त स्टेट हेड) ,पत्रकार देवेंद्र बैरागी ,उत्तम गहलोत की गाड़ी रुकवाकर मदद की गुहार की । तब गाड़ी रोककर पुलिसकर्मी से बातचीत की तो एस.ए.एफ. जवान (सुरक्षा कर्मी) शराब के नशे में थे।  
        उनसे बहस के बाद उन्होंने लुटेरों का सामना कर भगाया व लुटेरों से सामान छुड़वाया। व जब यह सारी बात पत्रकार ने मीडिया में छपवाने की बात कही तो रिश्वत देने की बात कर मामला रफा दफा करने का कहना लगा पत्रकार द्वारा पूछा गया कि कहा से हो तो एस. ए. एफ.गार्ड ने धार रहना बताकर कहा कि हमारी नाइट डयूटी घाट पर ही है। क्या जनता के रक्षक ही बन बैठे भक्षक। यदि परेशान व्यक्ति एस. ए. एफ जवान (सुरक्षा कर्मी) से मदद की गुहार करे तो उल्टा उसी को दोषी बनाये यह कोनसा कानून है।