जनभागीदारी समिति की प्रथम बैठक में छात्र-छात्राओं के हित में हुए अनेक प्रस्ताव पारित -Many-proposals-passed-in-the-interest-of-the-students-in-the-first-meeting-of-the-public-participation-committee

काॅलेज में  5 हजार छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या को देखते हुए फनिर्चर की व्यवस्था होगी, नवीन सदस्यों का संकल्प एवं सम्मान समारोह हुआ

झाबुआ। शासकीय शहीद चन्द्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय झाबुआ की जनभागीदारी समिति की प्रथम बैठक बुधवार को दोपहर 12 बजे संस्था के हाॅल में संपन्न हुई। जिसमें काॅलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुविधाओं एवं उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए अनेक प्रस्ताव सर्वानुमति से पारित हुए। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जनभागीदारी समिति के वरिष्ठ सदस्य दौलत भावसार उपस्थित थे। अध्यक्षता जनभागीदारी समिति अध्यक्ष यषवंत भंडारी ने की। बैठक से पूर्व समिति के नवीन सदस्यांे ने संकल्प लिया एवं उनका सम्मान भी हुआ। 
   कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वतीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर मुख्य अतिथि श्री भावसार एवं जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री भंडारी के साथ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित उमंग सक्सेना, अर्चना राठौर, जयेन्द्र बैरागी तथा हिमांशु त्रिवेदी द्वारा किया गया। पश्चात् अतिथियो के साथ ही इस अवसर पर उपस्थित छात्र संघ अध्यक्ष कैलाष मेड़ा, सचिव सिमरन पालिवाल, उपाध्यक्ष रामसिंह भूरिया, सह-सचिव कु. प्रियंका भूरिया का भी पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। उपस्थित सभीजनों ने अपना परिचय दिया। कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण जनभागीदारी समिति प्रभारी डाॅ. गोपाल भूरिया ने प्रस्तुत किया। 
समिति सदस्यों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में समिति सदस्यों में वरिष्ठ सदस्य दौलत भावसार, प्रतापसिंह सिक्का, जयेन्द्र बैरागी, उमंग सक्सेना, नीरजसिंह राठौर, अंकुर पाठक, हिमांशु त्रिवेदी, योगेन्द्र नाहर एवं श्रीमती अर्चना राठौर का सम्मान पुष्पमाला पहनाकर महाविद्यालय प्राचार्य एचआर अनिजवाल, वरिष्ठ प्राध्यापक रविन्द्रसिंह, मंजुला गरवाल, अंजना मुवेल, डाॅ. जेसी सिन्हा आदि द्वारा किया गया। इस दौरान सभी सदस्यों को मनोनयन के प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। पश्चात् सभी सदस्यों ने अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का संकल्प दोहराया। 
यह प्रस्ताव हुए पारित
बैठक शुरू करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य श्री अनिजवाल ने एजेंडा प्रस्तुत किया। जिसमें पूर्व में बैठक में लिए गए निर्णय एवं पारित प्रस्ताव को यथावत रहने दिया गया। महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वान एवं लिपिक के मानदेय वृद्धि के संबंध में चर्चा में समिति अध्यक्ष श्री भंडारी ने घोषणा की कि 
  1. अतिथि विद्वानों का वेतनमान पहले 12 हजार था, जिसे बढ़ाकर अब 15 हजार रू. कर दिया गया है। वहीं लिपिक का वेतन जो पूर्व में 7 हजार था, जिसे बढ़ाकर 9 हजार रू. किया गया।  
  2. महाविद्यालय में पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत नल, पाईप आदि का रिपयेरिंग के एजेंडे पर भी सहमति बनी और प्रस्ताव पारित हुआ। 
  3. काॅलेज में स्थापित जीम के चल रहे कार्य के बारे में निर्णय लिया गया कि इसके लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। जिसके प्रमुख प्रतापसिंह सिक्का एवं सांसद प्रतिनिधि गौरव सक्सेना रहेंगे। इसके लिए खेल प्रभारी को भी पत्र लिखकर व्यवस्थित करने हेतु सूचित किया जाएगा। 
  4. वनस्पति विभाग में प्रायोगिक कार्य के तहत नवीन माइक्रो स्कोप क्रय करने एंव पुराने माइक्रोस को रिपयेरिंग करने का प्रस्ताव भी बैठक में पारित हुआ। 
  5. काॅलेज में फनिर्चर की समस्या होने की बात सामने आने पर प्राचार्य श्री अनिजवाल ने बताया कि संस्था में वर्तमान में करीब 5 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरन है, जिसके मुताबिक फनिर्चर कम पड़ता है। इसके लिए प्रस्ताव हुआ कि फनिर्चर की व्यवस्था कर दी जाएगी। 
  6. काॅलेज परिसर में छात्र‘-छात्राओं के बैठने के लिए चेयर भी लगाई जाएगी। काॅलेज में विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तके नहंी होने की समस्या रखी गई। जिस पर समिति अध्यक्ष श्री भंडारी ने कहा कि किताबे वहीं खरीदी जाए जो उनके विषयानुसार हो, इसके अलावा बेवजह दूसरी किताबे नहीं क्रय की जाए। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि गौरव सक्सेना ने महाविद्यालय में एमएसडब्ल्यू खोलने की मांग की।
छात्र-छात्राओं की समस्याओं का हो समय पर निराकरण
बैठक में जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्री भंडारी ने कुछ अन्य प्रस्ताव भी अपनी ओर से पारित किए। जिसमें महावि़द्यालय में छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण निर्धारित समयावधि में करने, संस्था मं चल रहे निमार्ण कार्यों की निगरानी के लिए समिति का गठन करने, काॅलेज के मैदान को किसी को भी देने  से पूर्व जनभागीदारी समित से अनुमति लेेने वरिष्ठ प्राध्यापकों को दूसरे दायित्व ना सौंपते हुए उन्हें केवल महाविद्यालय में आवष्यक रूप से क्लाॅस लेने। छात्र-छात्राऔ की निरंतर बढती संख्या को देखते हुए फर्निचर की अतिशीघ्र व्यवस्था करने के निर्देश संस्था प्राचार्य श्री अनिजवाल को प्रदान किए। इस अवसर पर समिति के कार्यकारिणी सदस्यों में वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. रविन्द्र सिंह, डाॅ. मंजुला गरवाल, अंजना मुवेल को भी शामिल किया गया। 
प्राध्यापकों ने भी रखी मांग 
बैठक के दौरान प्राध्यापक डाॅ. सिन्हा ने अध्यक्ष श्री भंडारी एवं वरिष्ठ सदस्य श्री भावसार के समक्ष मांग रखी कि आज महाविद्यालय को 60 वर्ष हो चुके है, छात्रों की निरंतर बढ़ती संख्या अनुसार लंबे समय से प्राध्यापकों की कमी है, जिसकी पूर्ति की जाए, एमएससी की मात्र 3 कक्षाएं एवं जूलाॅजी, बाटनी एवं गणित में स्नातकोत्तर नहीं है। महाविद्यालय में माइक्रो बायोलाॅजी एवं बायो टेक्नालाजी की सख्त जरूरत है। काॅलेज मे शोध केंद्र नहीं होने से भी काफी परेशानी आती है। इस दौरान संस्था में जनरेटर की व्यवस्था के लिए भी प्रस्ताव पारित हुआ। निर्माण कार्यों में देरी के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर अतिषीघ्र कार्य पूर्ण करवाने के लिए निर्देषित किया गया। 
        महाविद्यालय मैदान पर बन रहे स्टेडियम को यथावत रखते हुए इसे आगे पूर्ण करने के लिए भी इस दौरान सहमति बनी। महावि़द्यालय में जनभागीदारी मद से कार्यरत कर्मचारियों को नहीं हटाते हुए उन्हें यथावत रखने के निर्देष भी समिति अध्यक्ष द्वारा प्राचार्य को दिए गए। साथ ही संस्था में केटिंग चालू करने के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर रोटरी क्लब से अमितसिंह जादौन (यादव), दौलत गोलानी एवं राकेश पोतदार सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण उपस्थित थे। संचालन प्रो. विनोद खत्री ने किया एवं आभार प्रो. रविन्द्रसिंह ने माना। 

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